
कोरोना काल में वैश्विक स्तर पर बेरोजगारी की समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गई है। कई बड़ी कंपनियों में मार्च-अप्रैल से शुरू हुआ छंटनी का दौर अभी तक जारी है। इस बीच बेवरेज कंपनी कोका-कोला अब एक बार फिर 2,200 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही है. दुनियाभर में कुल 2,200 कर्मचारियों को निकालने की इस योजना के तहत अमेरिका से ही करीब 1,200 कर्मचारी निकाले जाएंगे. दरअसल, कोरोना वायरस महामारी की वजह से थियेटर्स, बार और स्टेडियम जैसी जगहों पर कम संख्या में ही लोग जा रहे हैं. इन्हीं जगहों पर कोका-कोला जैसे सॉफ्ट ड्रिंक्स की मांग सबसे अधिक होती है. लिहाजा, कंपनी अब अपने वर्कफोर्स को रिस्ट्रक्चर करने की दिशा में एक और कदम उठा रही है.
करीब 2.5 फीसदी कर्मचारियों की छुट्टी
कर्मचारियों की संख्या में यह कटौती कोका-कोला के कुल वर्कफोर्स का करीब 2.5 फीसदी होगा. कंपनी के प्रवक्ता द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, इसमें वॉलेंटरी बायआउट्स और छंटनी शामिल होगी. इस साल के शुरुआत में कोका-कोला के पास 86,200 कर्मचारी थी. अमेरिका में ही केवल 10,400 कर्मचारी कोका कोला में काम करते थे.
कंपनी का क्या कहना है?
कंपनी ने कहा, ‘हम एक ऐसी संस्थागत स्ट्रक्चर तैयार करने में जुटे हैं, जो ग्राहकों के व्यवहार व उनकी जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा. मौजूदा महामारी की वजह से यह बदलाव नहीं किया जा रहा है, लेकिन कंपनी द्वारा इस फैसले को इतनी जल्द लेने में यह जरूर एक वजह बना है.’
कोका-कोला के सेल्स में भारी गिरावट
इसी साल अगस्त महीने में ही कंपनी ने नॉर्थ अमेरिका स्थित अपने 40 फीसदी कर्मचारियों कुछ समय के भुगतान के साथ बाहर का रास्ता दिखाया था. उसी दौरान कंपनी ने संकेत दिए थे कि आने वाले महीनों में और भी छंटनी हो सकती है. दूसरी बेवरेज कंपनियों की तुलना में देखें तो अब यह कंपनी ग्राहकों के स्वादा के आधार पर कई तरह के फ्लेवर में प्रोडक्ट्स पेश कर रही है. लेकिन, पब्लिक वेन्यूज के बंद होने से कंपनी को खासा नुकसान भी हो रहा है. कोका कोला के सेल्स का एक बड़ी हिस्सा इन्हीं पब्लिक सेल्स से आता है.
कितनी रकम बचा सकेगी कोका कोला
कंपनी ने कहा है कि उसके वर्कफोर्स में इस तरह के बदलाव से 350 से 550 मिलियन डॉलर का खर्च आएगा, लेकिन सालाना स्तर पर कंपनी को इतनी ही रकम बचाने में मदद मिलेगी. इस बीच पिछले दिन न्यू यॉर्क में कोराबार के दौरान कंपनी के शेयर्स 1 फीसदी से भी कम बढ़त के साथ ट्रेड करते नजर आए. कंपनी की स्टॉक्स में इस साल 3.8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.