“VIT कैंपस में बवाल के बाद बड़ा खुलासा: बिना परमिशन खड़े 11 ब्लॉक, फायर NOC नहीं; 42 लाख फायर शुल्क बकाया और गलत भूमि डायवर्जन पर कार्रवाई तेज”

भोपाल से करीब 70 किलोमीटर दूर संचालित वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) में छात्रों के हंगामे और तोड़फोड़ के बाद इस संस्थान को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि VIT कैंपस में 11 ब्लॉक ऐसे हैं, जिनकी फायर NOC ही नहीं है। यह खुलासा सीहोर जिले की कोठरी नगर परिषद की ओर से जारी किए गए नोटिस से हुआ है।

VIT कॉलेज प्रबंधन को नगर परिषद कोठरी और राजस्व विभाग ने कई गंभीर अनियमितताओं को लेकर अलग-अलग नोटिस जारी किए हैं। दस्तावेजों से पता चलता है कि कॉलेज ने अपने कैंपस में बिना बिल्डिंग परमिशन इमारतें खड़ी कीं, फायर सुरक्षा शुल्क जमा नहीं किया और कृषि भूमि का शैक्षणिक उपयोग बिना परिवर्तन की अनुमति लिए किया।

नगर परिषद का नोटिस।

नगर परिषद का 42 लाख फायर सेफ्टी शुल्क बकाया नगर परिषद से मिले दस्तावेजों के अनुसार, कॉलेज को 29 मई, 20 जून और 22 जुलाई 2024 को नोटिस भेजकर भवनों की स्वामित्व और निर्माण संबंधी अनुमति प्रस्तुत करने को कहा गया था, लेकिन प्रबंधन की ओर से दस्तावेज नहीं दिए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर 2024 को जारी अंतिम सूचना पत्र में नगर परिषद ने साफ कहा कि यदि तीन दिन में बिल्डिंग परमिशन संबंधी दस्तावेज नहीं दिए गए तो अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद ने 11 भवनों, क्लास रूम, ब्लॉकों पर करीब ₹42.40 लाख का फायर शुल्क भी बकाया बताया है।

बुधवार सुबह करीब डेढ़ किलोमीटर दूर से बिल्डिंग से धुआं उठता नजर आया था।

एसडीएम के नोटिस में कैंपस के डायवर्जन पर सवाल आष्टा एसडीएम की जांच में सामने आया कि कॉलेज की ओर से विभिन्न सर्वे नंबरों की कृषि भूमि पर शैक्षणिक गतिविधियां चलाई जा रही हैं, जबकि जमीन का विधिवत डायवर्जन नहीं कराया गया था। विभाग ने कुल ₹19.39 लाख का भू-राजस्व बकाया बताया है, जिसमें से ₹7.37 लाख ही जमा किया गया है। ₹12.01 लाख बकाया राशि तुरंत जमा करने और भूमि विवाद, अनुमति स्पष्ट होने तक आदेशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में कई जगह आग लगा दी थी।

अब सिलसिलेवार जानिए VIT कॉलेज को किस–किस मामले में नोटिस जारी हुए?

बिना अनुमति के भवन निर्माण हुआ नगर परिषद कोठरी के सभी नोटिसों में यह साफ लिखा है कि कॉलेज ने अपने स्वामित्व की भूमि पर विभिन्न भवन, ब्लॉक, सुविधाएं बिना नगर परिषद की बिल्डिंग परमिशन लिए खड़ी कर दीं। तीन बार नोटिस भेजे गए, (29.05.2024, 20.06.2024, 22.07.2024) लेकिन कॉलेज प्रबंधन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया। अब अंतिम चेतावनी दी गई कि तीन दिन में दस्तावेज दो, वरना अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई होगी।

तमाम इमारतों पर फायर NOC/फायर सुरक्षा शुल्क जमा न करना नगर परिषद ने वीआईटी के 11 भवनों/ब्लॉक की सूची जारी की है। जिन पर कुल ₹42,40,122 फायर शुल्क बकाया है। नगर परिषद ने नोटिस में लिखा- “फायर अनुमति शुल्क जमा न करने के कारण दंडात्मक शुल्क जनरेट किया गया है।”

राजस्व विभाग ने लैंड यूज और भू–राजस्व उल्लंघन बताया आष्टा के राजस्व विभाग की जांच में पाया गया कि VIT कॉलेज ने कृषि भूमि पर शिक्षण/व्यावसायिक उपयोग किया, जबकि भूमि का व्यवस्थित परिवर्तन (Diversion) नहीं लिया गया। भूमि सर्वे नंबर 968/1/3, 974/1 आदि पर बिना स्वीकृति निर्माण हुआ। कुल ₹19,39,520 का भूमि राजस्व देय पाया गया, जिसमें से केवल ₹7,37,840 जमा हुआ। बकाया ₹12,01,680 तत्काल जमा करने का आदेश।

यूनिवर्सिटी कैंपस में करीब 4 हजार स्टूडेंट्स जमा हो गए थे।

विधानसभा में बीजेपी विधायक उठा चुके सवाल वीआईटी कॉलेज में गड़बड़ियों को लेकर आष्टा से बीजेपी विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर विधानसभा में मामला उठा चुके हैं। विधायक ने वीआईटी कॉलेज में बिना मान्यता के कोर्स चलाने, बिना अध्यादेश के एडमिशन (अवैध एडमिशन) करने, 6560 अवैध सीटें दिखाकर की जाने वाली फीस वसूली, फैकल्टी की भारी कमी, 20,000 से ज्यादा छात्रों के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का अभाव, अवैध निर्माण – मंजूरी से ज्यादा ऊंचाई, फायर, पर्यावरण, TCP, प्रदूषण नियंत्रण, वन मंत्रालय इनमें किसी की भी NOC न होने, भवन, भूमि, हॉस्टल और विभागीय डेटा छिपाने और स्थानीय लोगों को रोजगार संबंधी गलत जानकारी देने का मामला उठा चुके हैं।

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