
रिलायंस इंडस्ट्रीज गुजरात के जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा ज़ू बनाने जा रही है. इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार से इजाजत भी मिल गई है. दोनों सरकारों से इजाजत मिलने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज 280 एकड़ में दुनिया का सबसे बड़ा ज़ू बनाने जा रही है.जो भारत और दुनिया भर से जानवरों, पक्षियों और सांपो की 100 अलग-अलग प्रजातियों का घर होगा.कार्यकारी समीति ने कहा कि चिड़ियाघर को अगले दो वर्षों में जनता के लिए खोल दिए जाने की उम्मीद है, उन्होंने कहा कि ये परियोजना कोविड -19 के कारण विलंबित हो गई लेकिन हम इसे जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं.
चिड़ियाघर को ग्रीन्स जूलॉजिकल, रेस्क्यू एंड रिहैब्लिटेशन किंगडम कहा जाएगा:-रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड निदेशक परिमल नथवाणी ने कहा कि इस चिड़ियाघर को ग्रीन्स जूलॉजिकल, रेस्क्यू एंड रिहैब्लिटेशन किंगडम कहा जाएगा. उन्होंने बताया कि हमें केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों से सभी आवश्यक अनुमति पहले ही मिल चुकी हैं.
बता दें कि इस चिड़ियाघर में जानवरों की प्रजाति के अनुसार कई सेक्शन होंगे जैसे- फॉरेस्ट ऑफ़ इंडिया, फ्रॉग हाउस, इंसेक्ट लाइफ, ड्रैगनस लैंड, एक्सोटिक आइलैंड. इन सेक्शन्स का लेआउट केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की वेबसाइट पर भी साझा किया जाएगा.
जानवरों के कई प्रजाति देखने को मिलेंगे:-यहां आपको जानवरों के कई प्रजाति देखने को मिलेंगे जिसमें बार्किंग हिरण, स्लेंडर लोरिस, स्लॉथ बियर, फिशिंग कैट, कोमोडो ड्रेगन, भारतीय भेड़िये और रोजी पेलिकन सहित विभिन्न प्रजातियां शामिल हैं. इस जू में 6 जगुआर और अफ्रीकी शेरों के अलावा 12 शुतुरमुर्ग, 20 जिराफ़, 18 मेर्कट, 10 तमाशा वाले काइमैन, 7 चीते, अफ्रीकी हाथी और 9 ग्रेट इंडियन बस्टर्ड रखे जाएंगे. वहीं यगहां के एक सेक्शन मेंढक घर में लगभग 200 उभयचर होंगे, जबकि यहां लगभग 350 मछलियों का घर होगा.
आरआईएल ने जामनगर में एक बचाव केंद्र भी स्थापित किया है जहां कुछ तेंदुओं को हाल ही में राज्य के वन विभाग द्वारा जंगल से लाया गया था. नथवाणी ने कहा कि ये केंद्र से एक सीएसआर पहल है जिसका लक्ष्य तेंदुए जैसी बड़ी बिल्लियों को घायल होने या मनुष्यों के साथ संघर्ष में आने में वन विभाग की मदद करना है. यह चिड़ियाघर परियोजना से अलग है और चिड़ियाघर से काफी अलग है जिससे चिड़ियाघर देखने आने वाले लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी.