₹1 करोड़ के बीमा क्लेम के लिए खुद की मौत का नाटक: लातूर में जली कार से मिला शव, अजनबी को लिफ्ट देकर ड्राइविंग सीट पर बैठाकर जिंदा जलाया; गर्लफ्रेंड के मैसेज से खुला खौफनाक राज

महाराष्ट्र के लातूर में एक शख्स ने ₹1 करोड़ की पॉलिसी के लिए खुद की मौत का नाटक किया। आरोपी की पहचान बैंक रिकवरी एजेंट गणेश चव्हाण के रूप में हुई है। दरअसल पुलिस को रविवार सुबह औसा तालुका में एक जली हुई कार मिली थी। उसमें एक शव था।

आरोपी ने 1 करोड़ रुपए की जीवन बीमा पॉलिसी ली थी और वह होम लोन चुकाने के लिए पैसे चाहता था।

शुरुआत में लगा कि यह शव गणेश चव्हाण का है क्योंकि जली हुई कार वही चलाता था। परिवार वालों को भी लगा कि गणेश किसी हादसे का शिकार हो गया। हालांकि गणेश ने इस दौरान अपनी गर्लफ्रेंड को मैसेज किया। जिससे वह पकड़ा गया।

अब जानिए कैसे खुला राज…

पुलिस को जली कार मिली, अंदर शव था

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि रविवार रात करीब 12:30 बजे डायल 112 पर सूचना मिली कि वनवाड़ा रोड पर एक कार में आग लगी है। पुलिस मौके पर पहुंची और दमकल विभाग को बुलाया गया। आग बुझाने के बाद कार के अंदर जला हुआ शव मिला। शव पूरी तरह झुलस चुका था।

पुलिस ने कार के मालिक का पता लगाया। उसने बताया कि कार अपने एक रिश्तेदार गणेश चव्हाण को दी थी। उन्हें बताया गया कि वह घर नहीं लौटा है और उसका फोन भी बंद है।

जांच आगे बढ़ी तो गर्लफ्रेंड का राज खुला लातूर के पुलिस अधीक्षक (SP) अमोल तांबे ने कहा, शुरुआती जांच में लगा कि मरने वाला व्यक्ति गणेश चव्हाण ही था। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सोमवार को पुलिस को एहसास होने लगा कि कई बातें मेल नहीं खा रही हैं। उन्होंने चव्हाण की जिंदगी के बारे में पता लगाना शुरू किया और पाया कि वह एक महिला के साथ रिलेशनशिप में था।

तांबे ने कहा, जब हमने उस महिला से पूछताछ की तो पता चला कि घटना के बाद गणेश चव्हाण दूसरे फोन नंबर से उसे मैसेज कर रहा था और उससे चैट कर रहा था।

पता चला शव किसी और का था, आरोपी को पकड़ा

कार की नंबर प्लेट से मालिक की पहचान हुई। उसने कार रिश्तेदार गणेश चव्हाण को दी थी।

पुलिस जिस आदमी को मरा हुआ समझ रही थी वह जिंदा साबित हो गया था। अब पुलिस जानना चाहती थी कि कार में मिला शव किसका था और उन्होंने चव्हाण के दूसरे फोन नंबर को ट्रैक करना शुरू किया। इससे वे कोल्हापुर और फिर सिंधुदुर्ग जिले के विजयदुर्ग पहुंचे, जहां चव्हाण मिला और उसे हिरासत में ले लिया गया।

चव्हाण से पूछताछ करने पर पुलिस को पता चला कि उसने 1 करोड़ रुपए की जीवन बीमा पॉलिसी ली थी और वह होम लोन चुकाने के लिए पैसे चाहता था। इसे हासिल करने के लिए उसने एक मर्डर की साजिश रची ताकि वह अपनी मौत का नाटक कर सके।

आरोपी का कबूलनामा, अनजान शख्स को कार में बैठाकर आग लगाई चव्हाण ने औसा के तुलजापुर टी-जंक्शन पर गोविंद यादव नाम के एक शख्स को लिफ्ट दी। अधिकारियों ने बताया कि यादव नशे में था और चव्हाण ने इसका फायदा उठाया। वे एक ढाबे पर रुके और फिर वनवाडा रोड की ओर चले गए। कार पार्क करने के बाद यादव ने कुछ खाना खाया और जल्द ही गाड़ी के अंदर सो गया।

फिर चव्हाण ने उसे ड्राइवर की सीट पर खींचा, सीटबेल्ट लगाई, सीट पर माचिस की तीलियां और प्लास्टिक की थैलियां रखीं और उनमें आग लगा दी। इसी के साथ चव्हाण ने अपना ब्रेसलेट यादव के पास छोड़ दिया। फिलहाल पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है।

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