दुनिया भर में जहां युवा शादी और बच्चों को टाल रहे हैं, वहीं कुछ अरबपतियों की गाड़ी उलटी दिशा में जा रही हैं। मल्टीपल शादियां, IVF, सरोगेसी और स्पर्म डोनेशन के जरिए वे दर्जनों नहीं, सैकड़ों बच्चे पैदा करने की योजना बना रहे हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क के 14 बच्चे हैं। टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव ने तो अपने 100 बच्चों में संपत्ति बांटने का ऐलान कर दिया है।
सवाल-1: दुनिया के कौनसे अरबपति, ज्यादा बच्चे पैदा करने पर जोर दे रहे हैं?
जवाबः अमेरिकी मीडिया ‘ब्लूमबर्ग’ के मुताबिक अमेरिका के टॉप-100 अरबपतियों के औसतन 3 से ज्यादा बच्चे हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्स इलॉन मस्क इसकी अगुवाई कर रहे…
1. इलॉन मस्क के 4 पार्टनर से 14 बच्चे
इलॉन मस्क ने क्वींस कॉलेज में पढ़ाई के दौरान ही कनाडाई ऑथर जस्टिन विल्सन से शादी कर ली थी। इनसे उन्हें 6 बच्चे हुए, जिनमें से एक की बीमारी के चलते मौत हो गई। सभी का जन्म IVF के जरिए हुआ। 2008 में दोनों ने तलाक ले लिया।
मस्क ने 2018 से 2022 के बीच अमेरिकी सिंगर ग्रिम्स को डेट किया। इनके साथ उन्हें 3 बच्चे हुए। अभी इलॉन मस्क न्यूरालिंक की एग्जीक्यूटिव शिवोन जिलिस के साथ रिश्ते में हैं। उनके 4 बच्चे हैं। इसके अलावा लेखक ऑश्ले सैंट क्लेयर ने 2024 में एक बच्चे को जन्म दिया। उन्होंने दावा किया कि बच्चा मस्क का है और कोर्ट में इसके लिए पिटीशन दायर की।

गर्लफ्रेंड शिवोन जिलिस और बच्चों के साथ इलॉन मस्क। दोनों 2021 से रिलेशनशिप में हैं।
2. पावेल डुरोव 100 से ज्यादा बच्चों के पिता
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के को-फाउंडर पावेल डुरोव के मुताबिक उनके 3 अलग-अलग रिलेशनशिप से कुल 6 बच्चे हैं। इसके अलावा उनके 12 देशों में 100 से ज्यादा बच्चे हैं, जिनका जन्म स्पर्म डोनेशन के जरिए हुआ है। पावेल ने 15 साल पहले अपने स्पर्म डोनेट करना शुरू किया था।
पावेल ने ऐलान किया है कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी 13.9 बिलियन डॉलर यानी करीब 1 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति पर इन बच्चों का भी अधिकार होगा। पावेल कहते हैं कि वे अपने किसी बच्चे में कोई फर्क नहीं करते हैं।

पावेल डुरोव के पूर्व गर्लफ्रेंड इरियाना बोल्गर के साथ तीन बच्चे हैं।
3. चीनी अरबपति जू बो के दर्जन भर अमेरिकी बच्चे
जू बो एक चीनी गेमिंग कंपनी गुआंगजौ डुओयी नेटवर्क के मालिक हैं। उनके 12 अमेरिकी बच्चे हैं, जिनका जन्म सरोगेसी से हुआ है। हालांकि अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक जू बो के 100 से ज्यादा अमेरिकी बच्चे हैं। उन्होंने अपना एंपायर संभालने के लिए इन बच्चों को जन्म देने का फैसला किया है। वहीं जू बो की एक पूर्व गर्लफ्रेंड के मुताबिक उनके 300 से ज्यादा बच्चे हैं।
सवाल-2: ज्यादा बच्चे पैदा करने के पीछे अरबपति क्या वजहें बताते हैं?
जवाबः ये अरबपति 3 प्रमुख वजहें बताते हैं…
1. जनसंख्या संकट से दुनिया को बाहर निकालना
इलॉन मस्क घटती जनसंख्या को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा मानते हैं। ये क्लाइमेट चेंज, युद्ध और आर्थिक अस्थिरता से भी बड़ा खतरा है।
2022 में उन्होंने यह भी कहा था कि घटती जनसंख्या की समस्या सुलझाने के लिए मैं अपना योगदान दे रहा हूं। मैं ज्यादा से ज्यादा बच्चे चाहता हूं, जिनके साथ मैं एक अच्छे पिता की तरह समय बिता सकूं।
2. अपना साम्राज्य सही हाथों में सौंपना
चीनी उद्योगपति जू बो का कहना है कि वो अपना अरबों का साम्राज्य काबिल हाथों में सौंपने के लिए ज्यादा बच्चे कर रहे हैं। चीन में बढ़ती आबादी को कंट्रोल करने के लिए 1979 से 2015 तक वन-चाइल्ड पॉलिसी लागू थी यानी कोई कपल एक से ज्यादा बच्चा पैदा नहीं कर सकता था। 2016 में यह बढ़कर 2 और 2021 में 3 हुई। हालांकि अब घटती जन्म दर के चलते यह सीमा हट गई है।
इन्हीं पाबंदियों के चलते जू बो ने चीन की बजाय अमेरिकी महिलाओं से सरोगेसी के जरिए बच्चे पैदा किए। जू बो खुद एक अमेरिकी कोर्ट में कह चुके हैं कि एक दिन उनके 20 अमेरिकी बच्चे होंगे, जो उनका साम्राज्य संभालेंगे।

सरकार का खर्च बढ़ेगाः काम करने वाले युवा कम होने से एक तरफ टैक्सपेयर कम होंगे, जिससे सरकार की कमाई घटेगी। दूसरी ओर पेंशन योजनाओं का भार बढ़ेगा। अस्पतालों पर दबाव और हेल्थ केयर पर खर्च होने वाला पैसा बढ़ाना होगा। लाइफ इंश्योरेंस की कीमत बढ़ेगी।
बुजुर्गों को काम करना पड़ेगा: आबादी घटने और युवा
कम होने से दुनिया चलाने का बोझ बुजुर्गों पर आएगा। घटती आबादी की वजह से अमेरिका, जापान जैसे देशों में 60 साल से ज्यादा उम्र के लोग काम करने को मजबूर हैं। फ्रांस ने रिटायरमेंट की उम्र 70 साल तक बढ़ा दी गई है। जापान में स्कूलों को बंद किए जाने लग हैं, क्योंकि पढ़ने के लिए बच्चे नहीं हैं।
अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा: आबादी कम होने से
माइग्रेशन की समस्या बढ़ेगी। नाइजीरिया, पाकिस्तान, इथियोपिया, मिस्र जैसे अविकसित देशों के लोग अमेरिका जैसे विकसित देशों की ओर बढ़ेंगे। इससे देशों के अंदर खींचतान बढ़ेगी। युवा ज्यादा रिस्क लेते हैं और स्टार्टअप्स शुरू करते हैं, लेकिन कुछ समय बाद ये भी कम होने लगेंगे। जापान स्पेन और इटली जैसे देशों में यह दिखने भी लगा है। यहां गांव खाली हो रहें है। युवा शहर की ओर रुख कर रहे है।
क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी के डिजिटल कल्चर एक्सपर्ट ल्यूक मुन का कहना है, ‘जनसंख्या स्तर को बनाए रखने,

सवाल-4: अरबपतियों के बेबी बूम से क्या असल में जनसंख्या की समस्या हल हो जाएगी?
जवाबः पूरी दुनिया घटते जन्म दर से जूझ रही है। अरबपतियों के ज्यादा बच्चे पैदा करने भर से यह समस्या नहीं सुलझेगी क्योंकि…
दुनिया के अरबति मिलकर कुछ सौ या हजार बच्चे पैदा करेंगे। इससे 8 बिलियन से ज्यादा आबादी वाली दुनिया का जन्म दर बेहतर नहीं हो जाएगा।
अरबपति घटती फर्टिलिटी को जन्म दर कम होने की वजह मान रहे हैं, लेकिन UN के सर्वे के मुताबिक 40% लोग ज्यादा बच्चे इसलिए नहीं करते क्योंकि उनके पास इन्हें पालने पैसे नहीं हैं।
IVF और सरोगेसी के जरिए ज्यादा बच्चे पैदा करने की सुविधा का लाभ हर कोई नहीं उठा सकता। भारत में IVF से बच्चे पैदा करने का खर्च 1.5 से 5 लाख रुपए तक होता है। सरोगेसी करने वाली महिला कपल की रिश्तेदार होनी जरूर ही। सरोगेसी में भी 10 से 50 लाख तक खर्च होता है।
अरबतियों की तरह इतने ज्यादा बच्चे पैदा करने के ट्रेंड से दबाव महिला पर आता है। डॉक्टर्स मानते हैं
चंगेज खान के दौरान मंगोल साम्राज्य 2 करोड़ वर्ग किमी से ज्यादा इलाके में फैला था। यहां के लोगों में आज भी चंगेज खान के जीन्स हैं।

सवाल-6: तो आखिर घटते जन्म दर की समस्या कैसे सुलझेगी?
जवाबः यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड यानी UNPF की ‘स्टेट ऑफ वर्ल्ड पॉपुलेशन 2025’ में टोटल फर्टिलिटी रेट सुधारने के कुछ सुझाव दिए गए हैं…
करियर स्टेबिलिटी: रिपोर्ट के मुताबिक 36% लोग खर्च
की वजह से और 21% लोगों जॉब इन-सिक्योरिटी के कारण ज्यादा बच्चे नहीं करना चाहते। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह लोगों को वित्तीय सहायता दे और करियर में स्टैबिलिटी लाने के तरीके निकाले।
महंगाई कम करने की कोशिशः बढ़ती महंगाई से घरों की कीमत ज्यादा हो रही है। जिन महिलाओं के पास रहने के लिए अच्छा घर होता है, उनकी ज्यादा बच्चे पैदा करने की इच्छा होती है। चीन, ईरान और अमेरिका में महंगे घरों की वजह से युवाओं की शादी या बच्चे करने की इच्छा नहीं होती।
सस्ती चाइल्ड केयर पॉलिसी: जहां बच्चों के देखभाल
की सस्ती और अच्छी पॉलिसी है, वहां फर्टिलिटी रेट अच्छा है। यहां माता-पिता दोनों के वर्क-लाइफ बैलेंस है, जिससे उनमें बच्चे पैदा करने की इच्छा दूसरों की तुलना