इंदौर की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बुधवार रात एनआरआई से जुड़े एक जमीन फर्जीवाड़े के मामले में एफआईआर दर्ज की है।

यूएई में मौत हो जाने के बाद इंदौर स्थित उनकी बेशकीमती जमीन को फर्जी तरीके से बेच दिया गया था। इसी तरह के एक अन्य फर्जीवाड़े के मामले में स्कूल संचालकों के खिलाफ भी केस दर्ज किया है।
टीआई कन्हैयालाल दांगी के मुताबिक
पहला मामला रूबीना पति अजमत उल्ला निवासी नंदनवन माणिकबाग, उसके पति अजमत उल्ला, इल्तिफात अली पुत्र एयू खान और जावेद अली सैय्यद पुत्र हुसैन अली, निवासी अशोक कॉलोनी के खिलाफ धोखाधड़ी का है।
टीआई दांगी ने बताया कि सिंहासा क्षेत्र में करीब 12.66 हेक्टेयर जमीन बरकत उल्ला और करामत उल्ला, पुत्र कुदरत उल्ला की थी। बरकत उल्ला की 7 अक्टूबर 2010 को यूएई में मौत हो चुकी थी। उन्होंने अपने रिश्तेदार अय्यूम को आम मुख्तियार नियुक्त किया था।
मुख्तियारनामा के अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए रूबीना और अजमत उल्ला ने पांच विक्रय पत्र तैयार कराए, जिनमें 1 करोड़ 2 लाख रुपए से अधिक की राशि दर्शाई गई। इन दस्तावेजों में बरकत उल्ला को जीवित बताया गया, जबकि शपथ पत्र में काटछांट और ओवरराइटिंग की गई थी।
जांच में यह भी सामने आया कि रिश्तेदार अय्यूम की भी पहले ही मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने उसका फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर लिया। परिवार से जुड़े लोगों ने इस फर्जीवाड़े की शिकायत ईओडब्ल्यू से की थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।