बैतूल जिले के सारनी में ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी में ब्लास्ट से आग लग गई। दिव्यांग टीचर की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। घटना शुक्रवार रात को शहर के जय स्तंभ चौक के पास हुई।
लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें तेज हो चुकी थीं
मृतक सुनील कुमार लोखंडे (गुड्डू) पुत्र बलीराम लोखंडे सारनी का ही रहने वाला था। वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर जीवनयापन करता था।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटनास्थल के पास मौजूद दुकानदार बिल्लू जगदेव ने पानी डालकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें तेज हो चुकी थीं, जिससे सुनील को बचाया नहीं जा सका।

आग लगने से ट्राइसाइकिल भी जलकर खाक हो गई।
इंजीनियरिंग की, ट्यूशन पढ़ाकर खर्च चलाता था हादसे की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए घोड़ाडोंगरी भिजवाया है। मृतक के भाई राजेश ने बताया कि भाई सुनील ने इंजीनियरिंग की थी। वह दो भाइयों में छोटा था। बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाता था।
बीई की पढ़ाई के दौरान विकलांगता आई थी सुनील बचपन से दिव्यांग नहीं था। बीई की पढ़ाई के दौरान विकलांगता आने लगी थी। जोड़ों का लिक्विड सूखने लगा था। इस वजह से उठने-बैठने और चलने में दिक्कत होने लगी थी। करीब 15 साल पहले वह दिव्यांग हो गया। सुनील की शादी नहीं हुई थी।
स्वनिधि योजना के तहत मिली थी ट्राइसाइकिल जिस ट्राइसाइकिल से यह हादसा हुआ वह ढाई साल पहले स्वनिधि योजना के तहत नगरपालिका की ओर से दी गई थी। उसमें कभी कोई समस्या नहीं रही। रात को अचानक ऐसा क्या हुआ यह परिवार को भी समझ नहीं आ रहा है। लोगों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि बैटरी ब्लास्ट के कारणों का पता चल सके।