ईडी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा के बारे में किया बड़ा खुलासा

संजय राउत की पत्नी को हाल ही में ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया था जिसके बाद शिवसेना सांसद ने ईडी और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था. अब ईडी ने खुलासा किया है कि संजय राउत की पत्नी ने पीएमसी बैंक घोटाले के अभियुक्त की पत्नी और एक अन्य इकाई के जरिए 67 लाख रुपये हासिल किए थे. अधिकारियों ने कहा कि ईडी द्वारा शिवसेना सांसद संजय राउत की पत्नी की जांच उन 67 लाख रुपयों के लिए की जा रही है, जो कथित तौर पर पीएमसी बैंक के अभियुक्त प्रवीण राउत की पत्नी और एक इकाई से मिली है.

इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पीएमसी बैंक घोटाले में प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002 (पीएमएलए) के तहत प्रवीण राउत की 72 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच कर लिया है.

पीएमएलए के तहत जांच से पता चला कि आरोपी प्रवीण राउत द्वारा एचडीआईएल के माध्यम से 95 करोड़ रुपये निकाले गए थे. धन का स्रोत अवैध ऋण/अग्रिम राशि आदि थे जो पीएमसी बैंक से एचडीआईएल द्वारा लिया गया. प्रवीण राउत को किए गए इन भुगतानों के समर्थन में कोई दस्तावेज/एग्रीमेंट आदि नहीं था. जबकि मैसर्स एचडीआईएल के लेजर में जिक्र है कि पालघर क्षेत्र में भूमि के अधिग्रहण के लिए प्रवीण राउत को धनराशि दी गई थी.

जांच से यह भी पता चला कि प्रवीण राउत ने अपनी पत्नी माधुरी प्रवीण राउत को लगभग 1.6 करोड़ रुपये का भुगतान किया था. इन पैसों में से माधुरी राउत ने शिवसेना के सांसद संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत को ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 55 लाख रुपये (50 लाख रुपये 23 दिसंबर 2010 को और 5 लाख रुपये 15 मार्च 2011 को) ट्रांसफर किए. इन पैसों का इस्तेमाल मुंबई के दादर ईस्ट में फ्लैट खरीदने के लिए किया गया था.

 

जांच से यह भी पता चला कि वर्षा संजय राउत और माधुरी प्रवीण राउत फर्म अवनी कंस्ट्रक्शन में पार्टनर हैं. वर्षा संजय राउत को इस इकाई से 12 लाख रुपये (ऋण में परिवर्तित की गई पूंजी के रूप में) प्राप्त हुए थे. 12 लाख की ऋण राशि अभी भी बकाया है. वर्षा राउत को ईडी ने पिछले महीने दो बार तलब किया था, आखिरी समन 29 दिसंबर के लिए था, लेकिन उन्होंने समय मांगा और अब वो 5 जनवरी को ईडी के सामने पेश होंगी.

बता दें कि इससे पहले ईडी द्वारा राकेश कुमार वधावन, वधावन फैमिली ट्रस्ट और अन्य की 293 करोड़ रुपये की कई संपत्तियां अटैच की जा चुकी हैं और 63 करोड़ रुपये के गहने भी जब्त किए गए थे.

गौरतलब है कि पीएमएलए के तहत मुंबई पुलिस के आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर धारा 409, 420, 465, 466, 471 और आईपीसी की धारा 120 बी के तहत हाउसिंग डेवलपमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एचडीआईएल), राकेश कुमार वधावन, सारंग वधावन, वरयाम सिंह, जॉय थामस और अन्य के खिलाफ जांच शुरू की गई थी. इन लोगों के खिलाफ आरोप है कि इन लोगों ने खुद को फायदा पहुंचाने के लिए पीएमसी बैंक को 4355 करोड़ रुपयों का नुकसान पहुंचाया.

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