सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन को बड़ा तोहफा: दताना-मताना हवाई पट्टी बनेगी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बड़े विमानों की एंट्री से पर्यटन-रोजगार को रफ्तार

उज्जैन में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनेगा। अब तक यहां छोटे एटीआर-72 विमान के हिसाब से निर्माण करवाने की तैयारी चल रही थी। लेकिन हाल ही में जिला प्रशासन ने शासन को रिवाइज प्रस्ताव भेजा है। उम्मीद हैं कि इसे जल्द स्वीकृति मिलेगी और काम शुरू होगा। दावा किया जा रहा है कि सिंहस्थ के पूर्व एयरपोर्ट का संचालन शुरू हो सकेगा।

सिंहस्थ की तैयारियों की कड़ी में उज्जैन-देवास मार्ग स्थित दताना-मताना की हवाई पट्टी को सरकार एयरपोर्ट के रूप में डेवलप कर रही हैं। वर्ष 2025 को 1 नवंबर को मप्र के स्थापना दिवस पर मप्र सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के बीच एयरपोर्ट निर्माण के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। इसके बाद से प्रक्रियाओं में तेजी आई। निर्माण स्थल पर मिट्टी परीक्षण हुआ। अब तक यहां छोटे एटीआर-72 श्रेणी के विमानों के ​संचालन के प्रबंधन के हिसाब से निर्माण की प्लानिंग थी, लेकिन अब ये और भी विस्तारित हो गई है। जिला प्रशासन ने हाल ही में शासन को यहां बोइंग सी-20 के संचालन के हिसाब रिवाइज प्रस्ताव भेजा है।

इस विस्तार के पीछे ये मंशा…

  • सिंहस्थ में तो एयरपोर्ट का लाभ मिले। मेले के बाद भी पर्यटक और श्रद्धालुओं सहित अन्य यात्रियों को भी इसका फायदा लगातार मिलता रहे।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर के मापदंडों पर एयरपोर्ट का निर्माण होने से यहां यात्री के अलावा व्यावसायिक विमान भी आ-जा सकेंगे। इससे क्षेत्र को व्यावसायिक स्तर पर डेवलप करने में मदद मिलेगी।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट बनने से इंदौर पर निर्भरता खत्म हो जाएगी। 180 सीटर व उससे अधिक सीट वाले विमान भी यहां आ-जा सकेंगे। अनुमति के आधार पर निजी वाहन उतर सकेंगे।
  • निजी व बड़े वाहनों के संचालन से क्षेत्र में प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार को बढ़ावा देना।

अब यह होगा संशोधन अधिग्रहण : अब तक 241 एकड़ जमीन की जरूरत थी, अब दायरा बढ़कर 300 एकड़ से अधिक तक पहुंच सकता है। सर्वे टीम इसके बारे में बताएगी। रन-वे दोगुना होगा : अब तक रन-वे को 1800 मीटर किया जा रहा था, अब रन-वे 3600 मीटर में बनेगा। आसपास सहित 4100 मीटर जमीन चाहिएगी। लागत : अभी तक केंद्र सरकार के नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने 45 करोड़ की प्रारंभिक राशि स्वीकृत की थी। अब ये लागत और भी बढ़ जाएगी।

अब तक दताना-मताना हवाई पट्टी को छोटे एटीआर-72 सीटर विमान के हिसाब से विस्तारित कर एयरपोर्ट की तैयारी की जा रही थी, लेकिन अब इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट के लिए रिवाइज प्रस्ताव शासन को भेजा है। रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर

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