
पंजाब नेशनल बैंक घोटाले में भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी की मुश्किल बढ़ने वाली है. दरअसल, मामले में नीरव मोदी की बहन पूर्वी मोदी और उसके पति मयंक मेहता सरकारी गवाह बन गए हैं. इसके बाद केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी पर कड़ा हो जाएगा. आपको बता दें भगोड़ा कारोबारी नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक में 14,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी (Bank Fraud) को अंजाम दिया था. इसके बाद से ही प्रवर्तन निदेशालय इनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है.
नीरव मोदी की बहन और जीजा ने की जांच एजेंसी की मदद:-प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार पूर्वी मोदी और उनके पति मयंक मेहता ने बैंक धोखाधड़ी के मामले में नीरव मोदी की 579 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने में मदद की. इसमें न्यूयॉर्क में दो फ्लैट, लंदन और मुंबई में 1-1 फ्लैट, दो स्विस बैंक खाते और मुंबई में एक खाता शामिल है. इसके बाद पूर्वी मोदी और उनके पति मयंक मेहता ने सरकारी गवाह बनने की अनुमति मांगी.
विशेष अदालत ने दी सरकारी गवाह बनने की अनुमति:-मनी लांड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत मामलों को देखने वाले विशेष न्यायाधीश वीसी बर्डे ने सोमवार को सरकारी गवाह बनने को लेकर पूर्वी के आवेदन को स्वीकार कर लिया. आदेश मंगलवार को उपलब्ध कराया गया. अदालत ने कहा कि मामले में माफी मांगने के बाद आरोपी अब सरकारी गवाह होगी. बता दें कि बेल्जियम की नागरिक पूर्वी मोदी ईडी की ओर से दर्ज मामले में आरोपी है.
पूर्वी मोदी को अदालत के समक्ष पेश होने का दिया जाएगा निर्देश:-अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी फिलहाल विदेश में रह रही है. उसे अदालत के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया जाएगा. इसके लिए अभियोजन पक्ष जरूरी कदम उठाएगा. अपने माफी आवेदन में पूर्वी मोदी ने कहा था कि वह मुख्य अभियुक्त नहीं है और जांच एजेंसियों ने उसकी सीमित भूमिका ही बताई है. उसने कहा कि जरूरी सूचना और दस्तावेज उपलब्ध कराते हुए उसने ईडी के साथ पूरी तरह से सहयोग किया है.
क्या है मामला- जांच एजेंसियों के मुताबिक नीरव मोदी और उसके मामा मेहुल चोकसी ने कुछ बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक में 14,000 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की. यह धोखाधड़ी गारंटी पत्र के जरिये की गई.