
कोरोना वैक्सीन के ट्रायल के दौरान भोपाल में एक वालंटियर की मौत पर कंपनी भारत बायोटेक ने सफाई दी है. भारत बायोटेक की ओर से शनिवार को जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि वालंटियर को वैक्सीन ट्रायल की सभी नियम और शर्तों के बारे में सारी जानकारी दी गई है. कंपनी ने कहा वालंटियर को कोरोना वैक्सीन देने के बाद 7 दिनों तक उसका हालचाल लिया गया और किसी भी प्रकार के प्रतिकूल लक्षण उसमें नहीं पाए गए.
कंपनी की ओर से कहा गया है ककि वैक्सीन का डोज दिए जाने के बाद वालंटियर में कोई प्रतिकूल घटना न देखी गई और न ही रिपोर्ट हुई. बता दें कि पिछले दिनों कोरोना वैक्सीन के फेज 3 के ट्रायल के दौरान भोपाल में एक वांलटियर की मौत हो गई थी. भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज के द्वारा जारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से भोपाल पुलिस के मुताबिक मौत का संभावित कारण कार्डियॉरेस्पिरेट्री फेलियर हो सकता है, जो कि हो सकता है ज़हर के चलते हुआ हो. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
7 जनवरी को फाइनल ट्रायल हुआ पूरा
गौरतलब है कि भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा बनाई गई स्वदेशी कोरोना वैक्सीन (कोवैक्सीन) का 7 जनवरी को फाइनल ट्रायल पूरा हुआ है.
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16 जनवरी से शुरू होगा टीकाकरण
भारत में 16 जनवरी से कोरोना के टीकाकरण का कार्यक्रम शुरू होना है. इसमें ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका द्वारा तैयार और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया में बनाए गए टीके कोविशील्ड का इस्तेमाल होना है.