ब्रिस्बेन पहुंचकर बदइंतजामी से जूझी टीम इंडिया

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के तीसरे टेस्ट मैच को ड्रॉ कराने के बाद टीम इंडिया चौथे टेस्ट मैच के लिए ब्रिस्बेन मंगलवार को पहुंच गई। चौथे और फाइनल टेस्ट से पहले थकान से चूर भारतीय खिलाड़ी जैसे ही होटल पहुंचे हैरान रह गए। यहां मूलभूत सुविधाओं तक का अभाव था। हर उस वादे को तोड़ा गया, जो क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम मैनेजमेंट से किया था।

भारतीय टीम के लिए एक कर्मचारी भी वहां नहीं था। रूम सर्विस और हाउसकीपिंग सुविधाएं नदारद थी। बिस्तर ठीक करने से लेकर अपने शौचालय तक खिलाड़ियों को खुद ही साफ करना था। जिम भी बेहद साधारण था, जिसमें शायह ही कोई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वर्जिश कर पाए।

खिलाड़ियों को होटल में बायो बबल में रखा गया है। चोटिल खिलाड़ियों के लिए दिनभर कमरे में गुजारना मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है। होटल का स्विमिंग पूल तक खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध नहीं। कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रोटोकॉल के बीच खिलाड़ी बाहर नहीं जा सकते। इन हालातों को देखते हुए टीम के मैनेजर ने बीसीसीआई से शिकायत की।

 

BCCI तक पहुंची बात:-फिलहाल अध्यक्ष सौरव गांगुली, सचिव जय शाह और सीईओ हेमंग अमीन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क साध चुके हैं। इस अव्यवस्था को जल्द से जल्द सुधारने का वादा किया गया है। क्वींसलैंड की राजधानी में 15 जनवरी से चौथे और अंतिम टेस्ट की मेजबानी को लेकर भारी अनिश्चितता थी। ब्रिस्बेन में हालांकि क्षमता के 50 प्रतिशत दर्शकों को ही आने की इजाजत होगी।

बीसीसीआई ने सीए को ब्रिसबेन में कड़े एकांतवास नियमों में राहत देने के संदर्भ में लिखा था। इसके कारण भारतीय टीम को होटल में ही रहना पड़ता, जिसे लेकर खिलाड़ियों को आपत्ति थी। सीए के अंतरिम सीईओ निक हॉकले ने कहा था, ‘मैं सहयोग और योजना के अनुसार चौथे टेस्ट के आयोजन के लिए सीए और बीसीसीआई के साथ काम करने की इच्छा के लिए क्वींसलैंड सरकार को धन्यवाद देना चाहता हूं।’

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