नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के साथ NEET-UG रीएग्जाम की नई तारीख की घोषणा कर दी है। अब यह परीक्षा रविवार 21 जून को होगी।
दिल्ली में युवाओं ने नीट पेपर लीक को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था।
यह परीक्षा 3 मई को हुई थी। इसमें 22.79 लाख स्टूडेंट्स बैठे थे। पेपर लीक के आरोप के चलते 12 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने इस कैंसिल कर दिया था।नई एग्जाम डेट के साथ स्टूडेंट्स को राहत दी गई है कि उन्हें परीक्षा के लिए दोबारा अप्लाई नहीं करना होगा। कोई एक्स्ट्रा एग्जाम फीस नहीं देनी होगी। पहले से जमा फीस वापस मिलेगी।इसके अलावा स्टूडेंट्स के एग्जाम सेंटर भी नहीं बदले जाएंगे। NTA के X पोस्ट के मुताबिक नए एडमिट कार्ड देने का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा।
NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के घर गुरुवार को हाईलेवल बैठक हुई थी। NEET-UG 2026 परीक्षा के रद्द होने के दो दिन बाद हुई मीटिंग में दोबारा एग्जाम कराने पर चर्चा हुई थी। इस पूरे मामले पर प्रधान आज प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

NEET पेपर लीक केस में अब तक 7 गिरफ्तारियां
NEET पेपर लीक पर देशभर में विरोध के बीच गुरुवार को अहमदाबाद में NSUI कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को काले झंडे दिखाए और काफिला रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
CBI ने मामले में अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 आरोपियों को 7 दिन की कस्टडी में भेज दिया है। वहीं, राजस्थान के सीकर से आरोपी मांगी लाल बिंवाल, जमवारामगढ़ के भाई दिनेश बिंवाल, बेटा विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले यश यादव और नासिक से शुभम खैरनार को गिरफ्तार किया। शुभम ने ही यश को पेपर दिया था।

नासिक पुलिस और जांच एजेंसियों ने एकआरोपी शुभम खैरनार को 12 मई को गिरफ्तार किया।

NEET फर्जीवाड़ाः RJD के राष्ट्रीय सचिव, डॉक्टर समेत 4 गिरफ्तार
NEET पेपर लीक के बाद एग्जाम कैंसिल कर दिया है। जांच सीबीआई को दी गई है। इधर, मेडिकल कॉलेज में एडमिशन कराने के नाम पर दिल्ली पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। जो NEET अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को MBBS में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी करता था। इस मामले में सरगना और एक डॉक्टर समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली पुलिस की तरफ से गिरफ्तार चार आरोपियों में से एक राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल भी हैं। पुलिस की तरफ से दावा किया जा रहा है कि जायसवाल पूरे नेक्सस का किंगपिन है।ये बच्चों और उनके गार्जियन को मेडिकल कॉलेज में 20-30 लाख में एडमिशन कराने का झांसा देता था। संतोश कुमार जायसवाल को लालू यादव और तेजस्वी यादव का करीबी बताया जाता है।
पिछले 2 दिनों में क्या-क्या हुआ 12 मई:
National Testing Agency (NTA) NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द कर दी।
CBI को जांच सौंपी गई। CBI ने FIR दर्ज की।
NTA परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।
13 मई:
CBI ने राजस्थान और बिहार समेत कई राज्यों में छापेमारी और पूछताछ की।
जांच में सामने आया कि कथित तौर पर पेपर राजस्थान के सीकर तक पहुंचाया गया था।जांच एजेंसी ने कोचिंग सेंटर संचालकों, स्टाफ और छात्रों से पूछताछ की। 5 लोगों को गिरफ्तार किया।फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दोबारा परीक्षा कराने की मांग की गई है। कहा- NTA पर भरोसा नहीं।

NEET से 1 लाख से ज्यादा मेडिकल सीटों में एडमिशन
नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) भारत में मेडिकल और डेंटल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा है। इसकी शुरुआत 2013 में हुई थी।इस परीक्षा के माध्यम से देश के सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में MBBS, BDS, आयुष (BAMS, BHMS) और नर्सिंग जैसे कोर्सेज में दाखिला मिलता है, जिसमें AIIMS और JIPMER जैसे प्रतिष्ठित संस्थान भी शामिल हैं। अभी देश में लगभग 1 लाख से अधिक MBBS और 27000 से अधिक BDS सीटें हैं।
2024 में भी हुआ था पेपर लीक, सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था
2024 में भी NEET UG परीक्षा पेपर लीक के चलते कुछ सेंटर्स पर रद्द कर दी गई थी। परीक्षा 5 मई 2024 को हुई थी। 6 मई को NTA ने पेपर लीक की बात से इनकार किया था। इसके बाद बिहार (पटना) और झारखंड (हजारीबाग) में जांच हुई। जांच में पेपर लीक के सबूत मिले और कई गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा रद्द करने से इनकार कर दिया था और कुछ सेंटर पर 1539 कैंडिडेट्स की दोबारा परीक्षा हुई थी। पेपर लीक के आरोपों के अलावा, 67 छात्रों को 720/720 अंक मिलना और एक ही केंद्र से कई टॉपर्स का आना भी बड़े विवाद का कारण बना था।
