
नई प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर निशाने पर आए वॉट्सऐप को लेकर एक और विवाद सामने आया है। अब यूजर्स के मोबाइल नंबर वॉट्सऐप वेब (web.whatsapp) के जरिए लीक होने की रिपोर्ट है। इसके मुताबिक गूगल सर्च के दौरान यूजर के नंबर दिखाई दे रहे हैं। यह दावा साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने किया है और इससे जुड़े कुछ स्क्रीनशॉट्स सोशल मीडिया पर शेयर किए हैं। बता दें कि इसी हफ्ते व्हाट्सएप ग्रुप के लिंक भी गूगल सर्च में दिखने का मामला भी सामने आया था।
गूगल सर्च में यूजर्स के मोबाइल नंबर
राजहरिया ने ट्वीट में लिखा, ‘अगर आप व्हाट्सएप वेब का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो गूगल आपका मोबाइल नंबर और मैसेजेस इंडेक्स कर रहा है। पता नहीं क्यों व्हाट्सएप अपनी वेबसाइट और गूगल की निगरानी नहीं रख पा रहा। ऐसा तीसरी बार हुआ है।’ पोस्ट के साथ कुछ स्क्रीनशॉट्स शेयर किए गए हैं, जिसमें व्हाट्सएप यूजर्स के पर्सनल मोबाइल नंबर की गूगल सर्च में इंडेक्सिंग साफ देखी जा सकती है।
राजहरिया की मानें, तो डेटा व्हाट्सएप वेब के जरिए लीक हो रहा है और गूगल सर्च में दिख रहे सभी मोबाइल नंबर्स पर्सनल यूजर्स के हैं, इनमें से एक भी बिजनेस यूजर्स का नंबर नहीं है। बता दें कि व्हाट्सएप के दुनियाभर में 2 अरब से भी ज्यादा यूजर्स हैं और भारत में यह संख्या 40 करोड़ से भी ज्यादा है। कई यूजर्स व्हाट्सएप का इस्तेमाल अपने डेस्कटॉप और वेब व्राउजर पर भी करते हैं।
पहले वॉट्सऐप ग्रुप्स हुए थे लीक
करीब 4-5 दिन पहले ही गूगल सर्च में वॉट्सऐप ग्रुप्स भी दिखाई देने का मामला सामने आया था और उसका खुलासा भी राजशेखर राजहरिया ने ही किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, व्हाट्सएप की खामी के कारण कोई भी अनजान व्यक्ति प्राइवेट वॉट्सऐप ग्रुप से जुड़ सकता था। इतना ही नहीं, इससे लोगों के फोन नंबर्स और प्रोफाइल पिक्चर्स तक लीक होने का डर था।
नई डेटा पॉलिसी को लेकर व्हाट्सएप की किरकिरी
व्हॉट्सएप की सर्विस और प्राइवेसी पॉलिसी में बदलाव को लेकर बहस छिड़ी है। व्हॉट्सएप ने पिछले हफ्ते यूजर्स को इन-एप नोटिफिकेशन के जरिये इन बदलावों की सूचना दी है। व्हॉट्सएप ने कहा है कि उसके प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल जारी रखने के लिए यूजर्स को नई शर्तों और पॉलिसी पर 8 फरवरी तक सहमति देनी होगी। इसके बाद कई यूजर्स व्हॉट्सएप को छोड़कर टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एप्स पर अपना अकाउंट बना रहे हैं।