
वेब सीरीज ‘तांडव’ में देवी, देवताओं का मजाक बनाने और अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को योगी सरकार कड़ा सबक सिखाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख को देखते हुए पुलिस ने तांडव वेब सीरीज के निर्माता, निर्देशक और लेखक के साथ अमेजन प्राइम वीडियो के संचालकों पर भी शिकंजा कस दिया है। पिछली सरकारों की मूक सहमति के कारण फिल्मों में हिन्दू धर्म का अपमान और मजाक बनाने की साजिश पर योगी सरकार ने डंडा चला दिया है।
लखनऊ पुलिस ने वेब सीरीज के निर्देशक अली अब्बास जफर,प्रोड्यूसर हिमांशू कृष्ण मेहरा और लेखक गौरव सोलंकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अमेजन प्राइम वीडियो की इंडिया हेड अपर्णा पुरोहित के खिलाफ भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। धर्म के अपमान पर बढ़ते जनाक्रोश और मुख्यमंत्री के तेवर को देखते हुए लखनऊ पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी शुरू कर दी है।
फिल्म और मनोरंजन के नाम पर हिन्दू धर्म और देवी देवताओं को अपमानित करने वालों की अब खैर नहीं है. योगी सरकार हिन्दुओं को अपमानित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने जा रही है। तांडव वेब सीरीज के निर्माता, निर्देशक और अमेजन प्राइम वीडियो के संचालकों पर मुकदमे के साथ मुहिम का आगाज हो गया है।
गौरतलब है कि फिल्म और मनोरंजन के नाम पर हिन्दू धर्म को अपमानित किए जाने पर पिछली सरकारों की मूक सहमति ने देवी देवताओं का मजाक बना कर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने वाले फिल्म निर्माताओं का मनोबल बढ़ा दिया था।
‘तांडव’ पर भड़के शिवराज
भोपाल : देशभर में तांडव मचा रही अमेजॉन प्राइम की नयी वेब सीरीज को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा बयान दिया है। मुख्यमंत्री ने तांडव पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हमारी आस्था पर चोट करने का अधिकार किसी को नहीं है. उन्होंने कहा कि OTT प्लेटफॉर्म पर निगरानी की जरूरत है।
साथ ही उनका कहना है कि OTT प्लेटफॉर्म पर जो अश्लीलता परोसी जा रही है, वह हमारे देश के किशोरों को गलत दिशा में ले जा रही है, इस पर अंकुश जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस मामले पर बेहद गंभीर है और इस तरह के प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल करने से रोकने के लिए सरकार प्रयासरत है।
वहीं, तांडव पर जारी विवाद के बीच वेब सीरीज के डायरेक्टर अली अब्बास जफर ने माफी मांग ली है। अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल से उन्होंने एक माफीनामा भी शेयर किया है। जिसमें लिखा है, किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करना हमारा उद्देश्य नहीं था। लेकिन, अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची हैं तो इसके लिए हम क्षमा प्रार्थी हैं।