
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर की गई “मुंगेरीलाल के हसीन सपने” वाली यह टिप्पणी हालिया राजनीतिक बयानों और 2028 के आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर हुए जुबानी जंग का हिस्सा है
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अक्सर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि कांग्रेस नेताओं के सत्ता में वापसी के दावे केवल दिवास्वप्न (हसीन सपने) हैं, क्योंकि प्रदेश की जनता बीजेपी की विकासोन्मुखी नीतियों और योजनाओं के साथ है।
इसके जवाब में कांग्रेस का पक्ष रखते हुए, जीतू पटवारी ने पलटवार किया है कि उनके द्वारा किए जा रहे दावे व्यक्तिगत नहीं, बल्कि प्रदेश की 8 करोड़ जनता और किसानों की बुनियादी ज़रूरतों और समस्याओं से जुड़े हुए हैं।
कांग्रेस का पलटवार: जीतू पटवारी का कहना है कि प्रदेश के किसानों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाना कोई सपना नहीं, बल्कि जनता की हकीकत है।
कांग्रेस का पलटवार: जीतू पटवारी का कहना है कि प्रदेश के किसानों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), बेरोजगारी और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को उठाना कोई सपना नहीं, बल्कि जनता की हकीकत है।
बीजेपी का दावा: सत्तारूढ़ भाजपा का स्पष्ट मत है कि विपक्ष के पास कोई ठोस आधार नहीं है और राज्य में पार्टी का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है।
यह राजनीतिक बयानबाजी मध्य प्रदेश के बदलते हुए राजनीतिक परिदृश्य को दर्शाती है, जहाँ दोनों दल आगामी चुनावों के लिए एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं