मध्यप्रदेश के इंदौर में सांवेर रोड इलाके में शुक्रवार को एक कुत्ते ने 40 से ज्यादा लोगों को घायल कर दिया। पीड़ितों में डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टूडेंट्स, मरीज, सिक्योरिटी गार्ड और राहगीर शामिल हैं। इनमें 16 से अधिक लोग अरविंदो अस्पताल से जुड़े हैं। देर रात तक कुत्ता पकड़ में नहीं आया था।
घटनाक्रम की शुरुआत सुबह करीब 8 बजे अस्पताल परिसर से हुई। अस्पताल के मैनेजर डॉ. नीरज सेन के मुताबिक, कुत्ता पिछले हिस्से से अंदर आया और स्टाफ पर हमला कर दिया। इसके बाद वह सांवेर रोड क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में घूमता रहा और कई लोगों को अपना शिकार बनाया।
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16 से ज्यादा पीड़ितों का अरविंदो में इलाज
शाम तक 16 से अधिक लोगों का उपचार अरविंदो अस्पताल में किया गया, जबकि अन्य घायल आसपास के अस्पतालों में पहुंचे। उपचार कराने वालों में डॉ. स्मृति, डॉ. अक्षिता, सचिन राजपूत, अंजनी शर्मा, सीमा, शोभा, परिणीता, कुसुम, प्रणव गुप्ता, गोविंदा, विष्णु, अफसर, राजीव धाकड़ और आर्यन समेत अन्य लोग शामिल हैं।
कई इलाकों में पहुंचा कुत्ता
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, अस्पताल परिसर से निकलने के बाद कुत्ता एलएनसीटी कॉलेज, बरदरी गांव, रेवती रेंज और रेनेसां कॉलेज क्षेत्र तक पहुंच गया। इन इलाकों में भी कई लोग इसकी चपेट में आए। घटना के बाद सांवेर रोड और आसपास के क्षेत्रों में लोगों में चिंता बनी रही।

रात तक नहीं पकड़ा गया कुत्ता
लगातार हमलों की सूचना मिलने के बावजूद देर रात तक कुत्ते को पकड़ा नहीं जा सका। मामले में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि उन्हें इतनी बड़ी घटना की जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए टीम भेजने की बात कही।
बचाव के लिए खुद मैदान में उतरे ग्रामीण
डॉग स्क्वॉड के समय पर नहीं पहुंचने से ग्रामीणों को अपनी सुरक्षा खुद करनी पड़ी। बरदरी और आसपास के इलाकों में लोग लाठियां लेकर सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों ने कुत्ते को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह लगातार एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में घूमता रहा। देर रात तक उसकी तलाश जारी रही।
शहर में रोजाना आते हैं 200 डॉग बाइट केस
इंदौर में डॉग बाइट की समस्या लगातार बढ़ रही है। शासकीय हुकुमचंद पॉलीक्लिनिक (लाल अस्पताल) के प्रभारी डॉ. रुपेंद्र पटेल के मुताबिक, हाल के वर्षों में ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हुई है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 200 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।