लाखों भक्तों की आस्था के केंद्र खजराना गणेश मंदिर का काम मास्टर प्लान के हिसाब से शुरू हो रहा है। पहले चरण में गर्भगृह के गेट की चौड़ाई को बढ़ाया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट भी आ चुकी है। इसका काम भी आगामी एक-दो दिन में शुरू हो जाएगा।
खजराना गणेश मंदिर का मास्टर प्लान।
वहीं मंदिर के गर्भगृह के सामने के सभा मंडप को भी नीचे किया जाएगा, ताकि पीछे लाइन में आने वाले भक्तों को भगवान के दर्शन अच्छे से हो सके। पहले चरण के काम में करीब 8 से 10 करोड़ रुपए खर्च होंगे। वहीं पूरे मंदिर में भी कई काम होंगे।
खजराना गणेश मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इनमें इंदौर सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले भक्त भी शामिल होते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर में पहले चरण के विकास कार्य शुरू हो चुके हैं।सी कड़ी में मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार को चौड़ा करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए द्वार पर लगी करीब 150 किलो चांदी निकाली जा चुकी है, जिसे ट्रेजरी में सुरक्षित जमा करा दिया गया है।

चांदी हटाने के बाद उसकी गुणवत्ता और संरचना की जांच एसजीएसआईटीएस कॉलेज द्वारा कराई गई। जांच रिपोर्ट भी प्राप्त हो चुकी है, जिसमें आगे किए जाने वाले कार्यों और तकनीकी प्रक्रिया संबंधी सुझाव दिए गए हैं। इसके आधार पर आगामी निर्माण कार्य किया जाएगा।

पहले चरण में होंगे कई काम
मंदिर के पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि मंदिर प्रबंधन समिति का मास्टर प्लान समिति के अध्यक्ष कलेक्टर शिवम वर्मा और निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है। इसके तहत पहले चरण के कार्य शुरू हो चुके हैं।
उन्होंने बताया कि पूरे मास्टर प्लान पर लगभग 25 से 30 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है, जबकि पहले चरण के कार्यों पर 8 से 10 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इस चरण में सबसे पहले मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार को चौड़ा किया जाएगा।पंडित भट्ट ने बताया कि एसजीएसआईटीएस कॉलेज की तकनीकी रिपोर्ट भी प्राप्त हो चुकी है। रिपोर्ट में जैकेटिंग की प्रक्रिया, किस हिस्से को पहले हटाया जाना है और निर्माण कार्य किस क्रम में होगा, इसकी विस्तृत जानकारी दी गई है। इसके अनुसार पहले संरचना को सुरक्षित रखने के लिए सपोर्ट (तरापे) लगाए जाएंगे और उसके बाद जैकेटिंग का कार्य किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अगले एक-दो दिनों में निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। फिलहाल गर्भगृह में पारदर्शी प्लास्टिक शीट लगाई गई है, ताकि काम के दौरान धूल या अन्य कण अंदर न पहुंचें। दर्शन व्यवस्था प्रभावित न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसी कारण सभी निर्माण कार्य रात में किए जाएंगे, जब मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद हो जाता है। इससे भक्तों को दर्शन में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।

सभा मंडप नीचे किया जाएगा, ताकि भक्तों को दर्शन में परेशानी न हो
पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह के सामने स्थित सभा मंडप, जहां श्रद्धालु खड़े होकर भगवान के दर्शन करते हैं और छोटी प्रतिमा का अभिषेक करते हैं, उसे करीब दो से ढाई फीट नीचे किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे पीछे कतार में खड़े श्रद्धालुओं को भी भगवान के दर्शन आसानी से हो सकेंगे। वर्तमान व्यवस्था में आगे खड़े लोगों के कारण पीछे मौजूद भक्तों को दर्शन करने में परेशानी होती है, जिसे इस बदलाव से दूर किया जा सकेगा।सभा मंडप नीचे होने से वीआईपी दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु, नवविवाहित दूल्हा-दुल्हन तथा अन्य विशेष अतिथि भी सुविधाजनक ढंग से दर्शन कर सकेंगे। साथ ही पीछे खड़े भक्तों के दर्शन में भी किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर बनेगा
पुजारी पंडित अशोक भट्ट ने बताया कि मंदिर परिसर में दो मंजिला दर्शन कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसमें रेलिंग लगाई जाएंगी, जिससे एक साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुव्यवस्थित तरीके से भगवान के दर्शन कर सकेंगे।न्होंने बताया कि मुख्य गर्भगृह के सामने स्टेप दर्शन व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। इससे किसी भी भक्त को भगवान के दर्शन करने में परेशानी नहीं होगी और सभी श्रद्धालु आसानी से दर्शन कर सकेंगे। श्रद्धालुओं की संख्या और आवश्यकता के अनुसार इस व्यवस्था का संचालन किया जाएगा।
पंडित भट्ट ने बताया कि मंदिर परिसर में कई स्थानों पर सफेद शेड भी लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा परिसर में स्थित 33 छोटे मंदिरों में से कुछ मंदिरों को व्यवस्थित रूप से एक कतार में स्थानांतरित किया जाएगा, क्योंकि इनमें से कुछ मंदिर झुकाव की स्थिति में हैं।उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान के पहले चरण का काम एक दानदाता और उनके सहयोगियों के सहयोग से कराया जाएगा।

पार्किंग, प्रवेश द्वार और नई गाड़ियों की पूजा की भी होगी व्यवस्था
पुजारी पंडित अशोक भट्ट के अनुसार, अगले चरण में पार्किंग सहित मास्टर प्लान के अन्य कामों को पूरा किया जाएगा। इसके तहत पार्किंग क्षेत्र का विकास, पार्किंग तक पहुंचने के लिए रोटरी निर्माण, नई गाड़ियों की पूजा के लिए अलग व्यवस्था और मंदिर परिसर में मौजूद प्रसाद दुकानों के ऊपर शेड लगाए जाएंगे।
इसके अलावा बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, श्रद्धालुओं के लिए सुविधा केंद्र, हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए पेड़-पौधों का रोपण और अन्य सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।पंडित भट्ट ने बताया कि मान्यता के अनुसार, खजराना गणेश मंदिर परमारकालीन और काफी प्राचीन मंदिर है। समय के साथ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने और जरूरतों के अनुसार मंदिर का स्वरूप भी बदलता और विकसित होता गया है।

प्रसाद दुकान के यहां लगेंगे शेड।