मध्यप्रदेश के शाजापुर में खेत में 13 साल के एक बच्चे की रोटावेटर मशीन में फंसने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के समय उसका दोस्त ट्रैक्टर चला रहा था। बच्चा ट्रैक्टर पर पीछे बैठा था, लेकिन अचानक संतुलन बिगड़ने से नीचे गिर गया।
गिरते ही वह ट्रैक्टर के पीछे चल रही रोटावेटर मशीन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि उसकी गर्दन टूट गई और मौके पर ही मौत हो गई।
घटना शुक्रवार शाम सलसलाई थाना क्षेत्र के हिदायतपुर-किलोदा मार्ग स्थित एक खेत में हुई।
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बच्चे का दोस्त ट्रैक्टर चला रहा था। वह नीचे गिरकर रोटावेटर मशीन की चपेट में आ गया।

मशीन की चपेट में आते ही बच्चे की गर्दन टूट गई। वह फंस गया

दोस्त के साथ खेत पर आया था
रामस्वरूप हिदायतपुर चौकी क्षेत्र का रहने वाला था। वह अपने दोस्त के साथ खेत पर पहुंचा था, जहां ट्रैक्टर और रोटावेटर से कृषि कार्य चल रहा था। इसी दौरान यह हादसा हो गया। घटना के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने डायल-112 और पुलिस को सूचना दी।
पोस्टमॉर्टम में देरी पर परिजनों ने जताई नाराजगी
परिजनों ने पोस्टमॉर्टम में हुई देरी को लेकर नाराजगी जताई। हादसे के बाद शुक्रवार शाम को ही बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोहन बड़ोदिया अस्पताल पहुंचा दिया गया था। परिजनों का आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे तक भी डॉक्टरों की टीम अस्पताल नहीं पहुंची, जिसके कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा।
परिवार के लोगों का कहना है कि घर में मातम का माहौल है और अंतिम संस्कार की तैयारियां भी रुकी हुई हैं। पोस्टमॉर्टम में देरी के कारण परिजनों को मानसिक पीड़ा के साथ-साथ अन्य परेशानियों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए समय पर पोस्टमॉर्टम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
पढ़ाई में होनहार था, दसवीं क्लास में गया था
रामस्वरूप उर्फ अनमोल परिवार का इकलौता और सबसे छोटा बेटा था। उसकी छह बहनें हैं। हाल ही में वह नौवीं पास कर 10वीं में गया था। घटना के बाद माता-पिता समेत छहों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
सलसलाई थाना प्रभारी जनक सिंह रावत ने बताया कि पुलिस यह पता लगा रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही तो नहीं रही।