मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित ब्रह्माणी माता मंदिर परिसर में डांस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें डांसरों ने अश्लील गानों पर डांस किया। कालीसिंध महोत्सव मेले के आयोजकों ने बाहर से डांसरों को बुलाया था। मामला तराना जनपद पंचायत के सामानेरा गांव का है।
जानकारी के मुताबिक, ब्रह्माणी माता मंदिर परिसर के पीछे बने मंच पर 19 मार्च से 28 मार्च तक कथा का आयोजन चल रहा था। आयोजन के अंतिम दिन डांस कार्यक्रम रखा गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई।
मेले के दौरान मंच पर फिल्मी गाने पर डांस प्रस्तुति दी गई, जिसमें “हिला दूं एमपी, हिला दूं यूपी, जो मारूं मैं ठुमका, ये मेरा लहंगा बड़ा है महंगा… मेरी पतली कमर, मेरी तिरछी नजर… छम्मा-छम्मा” जैसे बोलों पर डांसर ने परफॉर्म किया। डांसर डर्टी इशारे भी करती दिखी।
मेले में अश्लील डांस की 5 तस्वीरें देखिए…

मेले के बाद स्टेज पर डांस करती युवतियां।

अश्लील गानों पर युवतियों ने किया डांस।

डांस के दौरान अश्लील इशारे करती दिखी डांसर।

ब्रह्माणी माता मंदिर परिसर में डांस के दौरान हुड़दंग।

कार्यक्रम के दौरान युवकों ने किया बवाल
डांस कार्यक्रम के दौरान कुछ युवकों ने हुड़दंग शुरू कर दिया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस बल ने पहले लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के काबू में नहीं आने पर हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा।
पुलिस ने लोगों को डंडों से पीटा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों को डंडों से पीटा गया, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में हालात सामान्य हो गए।

पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया
मामले में माकड़ौन थाना प्रभारी पीएस राजपूत ने बताया कि मेले के दौरान कुछ लोग अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद उपनिरीक्षक मंशाराम चौधरी और उनकी टीम ने हल्का बल प्रयोग किया, जिसके बाद मामला शांत हो गया। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में किसी के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है।
अश्लील डांस पर प्रशासन की प्रतिक्रिया नहीं आई
मेले की व्यवस्था की जिम्मेदारी सहायक विकास विस्तार अधिकारी राजेश कदवाने, मेला अधिकारी आशीष तिवारी सहित अन्य अधिकारियों के पास थी। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अश्लील डांस मामले में प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कालीसिंध महोत्सव के बारे में जानिए
तराना क्षेत्र में कालीसिंध महोत्सव का आयोजन मुख्य रूप से धार्मिक आस्था, परंपरा और स्थानीय संस्कृति से जुड़ा हुआ है। यहां स्थित ब्रह्माणी माता मंदिर का क्षेत्रीय लोगों के बीच विशेष महत्व है। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। माता ब्रह्माणी को इस इलाके की रक्षक देवी माना जाता है। हर साल मेला और महोत्सव आयोजित किया जाता है।
यह क्षेत्र कालीसिंध नदी के किनारे स्थित है, जो स्थानीय जीवन और संस्कृति का अहम हिस्सा मानी जाती है। “कालीसिंध महोत्सव” का नाम भी इसी नदी से जुड़ा हुआ है, जो इस आयोजन को एक भौगोलिक और सांस्कृतिक पहचान देता है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है
कालीसिंध महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह एक पारंपरिक ग्रामीण मेला भी है, जो वर्षों से लगता आ रहा है। इस दौरान कथा-भागवत, भजन-कीर्तन, झूले, छोटे-बड़े बाजार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इससे यह आयोजन स्थानीय लोगों के लिए सामाजिक मेल-मिलाप का एक महत्वपूर्ण अवसर बन जाता है।