उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय की फाॅर्मेसी अध्ययनशाला में एक महिला प्राध्यापक ने अतिथि शिक्षक पर देर रात मैसेज भेजने के आरोप लगाए हैं। प्राध्यापक का कहना है कि अतिथि शिक्षक नरेंद्र मंदोरिया फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश करता था।
अतिथि शिक्षक के खिलाफ एबीवीपी ने प्रदर्शन किया है।
मना करने पर वह धमकी देता था। वह महिला प्राध्यापकों और छात्राओं के सामने अश्लील वीडियो भी देखता रहता है।
महिला प्राध्यापकों और छात्रा की वीडियो और फोटो एडिट कर उन्हें अश्लील बनाने की धमकी भी देता था। उसने इंदौर की एक घटना का हवाला देकर तेजाब से हमले की धमकी भी दी थी।

मामले में विश्वविद्यालय ने जांच समिति गठित कर दी है। वहीं, शुक्रवार को एबीवीपी ने अतिथि शिक्षक के खिलाफ प्रदर्शन किया है।
महिला प्राध्यापक ने बताया-

मंदोरिया रात 11 बजे के बाद मैसेज करता था। वह अध्ययनशाला के छात्र और एनएसयूआई के उपाध्यक्ष गौरव जाटव के माध्यम से वीडियो और फोटो बनवाता था।

ABVP ने किया प्रदर्शन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने भी प्राध्यापक और छात्रा के समर्थन में विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया।
परिषद की प्रांत छात्रा प्रमुख दामिनी बिरथरे ने बताया कि मंदोरिया लंबे समय से महिला प्राध्यापक को प्रताड़ित कर रहा था।
एबीवीपी के उज्जैन महानगर मंत्री आदर्श चौधरी और विश्वविद्यालय अध्यक्ष सिद्धार्थ यादव के नेतृत्व में छात्रों ने कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज और कुलसचिव डॉ. अनिल शर्मा को ज्ञापन सौंपा। परिषद ने थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है।
कुलगुरु ने गठित की जांच समिति कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने मामले में जांच समिति गठित कर दी है। उन्होंने अतिथि शिक्षक मंदोरिया को विभाग से हटाने और छात्र गौरव जाटव को निष्कासित करने के आदेश दिए हैं।
अतिथि शिक्षक ने कहा-आरोप झूठे अतिथि शिक्षक नरेंद्र मंदोरिया का कहना है कि शिकायत पूरी तरह से फर्जी है। विद्यार्थी परिषद ने शिक्षिकाओं और छात्रा के खिलाफ 14 जुलाई को विरोध किया था। अब वही परिषद के लोग शिक्षिका और छात्रा से पैसे लेकर मेरे खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।