इंदौर में इंफोसिस की सॉफ्टवेयर इंजीनियर शंपा पाठक पांडे की हत्या करने वाले पिता-पुत्र ने पहले कार से तीन बार राउंड लगाए। फिर लोगों को कुचलते हुए भाग गए।
इससे पहले पिता कुलदीप चौधरी ने ‘तू यहां आ जा, आज सबको बताना पड़ेगा।’ … कहकर 18 वर्षीय बेटे मोहित उर्फ मोहनीश को बुलाया। बेटे ने विवाद के दौरान एक रहवासी हेमंत शर्मा के सिर के बाल तक उखाड़ दिए थे।
यह जानकारी शिव वाटिका टाउनशिप (सागर समृद्धि एन्क्लेव) के रहवासियों ने दी है। रहवासियों ने बताया कि पिता-पुत्र टाउनशिप के लोगों को सबक सिखाना चाहते थे। कई दिनों से जारी विरोध उन्हें नागवार गुजर रहा था। बुधवार शाम करीब 7 बजे कुलदीप टाउनशिप पहुंचे।अपने पेंटहाउस की लाइट कट जाने के कारण कैमरों में छेड़छाड़ करते हुए उन्होंने रहवासियों की बिजली काट दी। जब बिल्डिंग के लोग पहुंचे तो कुलदीप विवाद करने लगे। उन्होंने बेटे को बुला लिया।
कार में बैठे पिता ने बाहर खड़े लोगों से कहा- हट जाओ, आज सबको मार डालूंगा। कुलदीप की पत्नी भी उनके साथ कार में थी। इसके बाद वे सीधे पुलिस थाने पहुंचे और रहवासियों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए दबाव बनाने लगे।रहवासियों ने बताया कि कुलदीप मेरागी प्रोजेक्ट्स कंसल्टेंट कंपनी की इंदौर ब्रांच में लीड इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं, जबकि उनका बेटा मोहित IELTS परीक्षा की तैयारी कर रहा है।
पहले घटना की दो तस्वीरें देखिए

कुलदीप चौधरी और उसके बेटे मोहित ने पहले महिला कर्मचारी को टक्कर मारी।

दो बच्चों के सिर से मां का साया छीना
रहवासियों के अनुसार, मोहित ने गुस्से में दो बच्चों के सिर से उनकी मां का साया छीन लिया। पिता कुलदीप ने उसका पूरी तरह साथ दिया। झगड़े को कम करने के बजाय उन्होंने मामले को और बढ़ाया। लोगों ने बताया कि कुलदीप ने बुधवार शाम करीब 7 बजे लगभग 15 फ्लैट की लाइट बंद कर दी। पहले लोगों को लगा बिजली चली गई है, लेकिन चौकीदार जितेन्द्र ने कुलदीप की हरकत की जानकारी दी।इसके बाद बिल्डिंग में रहने वाले हेमंत शर्मा और उनके कुछ साथी कुलदीप से बात करने पहुंचे। इस पर कुलदीप नाराज हो गया और अपशब्द कहते हुए सभी को धमकी देने लगा। उसने कहा- तुमने मेरे पेंटहाउस की बिजली काटी है। मैं किसी के घर बिजली नहीं रहने दूंगा। इसके बाद कुलदीप की शंपा के पति सौरभ से बहस हो गई और विवाद बढ़ गया।

पति ने कहा- वह चाहता तो कार रोक सकता था
अयोध्या (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले सौरभ पांडे ने बताया कि बुधवार रात को बिल्डिंग के नीचे शोर हो रहा था। यह सुनकर हम नीचे गए। कुछ देर में मारपीट होने लगी। इस बीच पेंटहाउस के मालिक का बेटा 60 से 70 की स्पीड में कार लाया।पहले एक महिला कर्मचारी को घायल किया। फिर मेरी तरफ बढ़ा। मैं जैसे-तैसे बचा, लेकिन उसने मेरी पत्नी शंपा को चपेट में ले लिया। पहले पत्नी को बोनट लगा, लेकिन उसने कार नहीं रोकी। सीधे दीवार में जाकर टक्कर मार दी। पत्नी के सिर में बहुत ज्यादा चोट लगी। वह नीचे गिर गई। इसके बाद उसने कार चढ़ा दी। वह चाहता तो कार रोक सकता था।

चौकीदार की पत्नी बोली- मैडम को रौंदते हुए मुझ पर कार चढ़ा दी
चौकीदार की पत्नी रेणु ने बताया कि शाम से ही कुलदीप और बिल्डिंग के लोगों में काफी देर से विवाद चल रहा था। मैंने पति जितेन्द्र और बच्चों के लिए खाना बनाया। इसके बाद खाना खाया। इस दौरान बाहर से चिल्लाने और हाथापाई की आवाज आई। बाहर आकर देखा कि मोहित तेज रफ्तार कार लेकर भागा। इस दौरान वह खड़ी शंपा मैडम के ऊपर से कार निकाल दी।मैंने भी हटने की कोशिश की, लेकिन मुझे भी चपेट में ले लिया। मेरे पीठ में चोट आई है। गनीमत रही कि 10 और 8 साल के बच्चे अंदर थे। पति कार के पीछे दौड़े, लेकिन वह कार लेकर भाग गए।
सौरभ के पिता बोले- हम कुछ दिन पहले ही यहां रहने आए थे
शंपा पाठक का परिवार 13 मार्च को पहली मंजिल स्थित फ्लैट में रहने पहुंचा था। गुरुवार को जब एमवाय में उनका पोस्टमार्टम चल रहा था तो सौरभ के पिता हॉल में अकेले चिंता में बैठे थे। उन्होंने बातचीत में बताया कि मेरा बेटा ठीक है, वह बहू के साथ है।
उनका कहना था कि पोस्टमार्टम आज हो जाएगा, लेकिन पोतों को संभालने वाला अब कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि हम कुछ दिन पहले ही तो आए हैं। देखो क्या हो गया?, आपने देखा कि नहीं। उन्हें नजदीक ही रहने वाले परिवार ने हॉल में बैठाया और कहा कि आप परेशान न हों, सब कुछ ठीक हो जाएगा।

बच्चों को मां की मौत की जानकारी नहीं दी गई
सौरभ की दो बहनें हैं। एक सिंगापुर में, जबकि दूसरी लखनऊ में है। शंपा का शव पोस्टमार्टम के बाद बॉम्बे अस्पताल में रखा गया है। शुक्रवार सुबह दोनों बहनें इंदौर पहुंचेंगी। इसके बाद शंपा का अंतिम संस्कार होगा। सौरभ के परिवार के कुछ लोग भी अयोध्या से आने वाले हैं। दोपहर तक शंपा के दोनों बच्चों श्रेष्ठ और श्रेयांश को घटना की जानकारी नहीं दी गई थी।
बिल्डर ने कहा- समझाने के बावजूद नहीं माने
बिल्डर लोकेश राणा ने बताया कि पार्षद राकेश सोलंकी के साथ रहवासियों की बैठक हुई थी। रविवार को कुलदीप चौधरी और मोहित चौधरी को समझाया गया था कि यह रहवासी परिसर है, कमर्शियल नहीं, इसलिए आप इसे किराए पर नहीं दे सकते। इस बात पर कुलदीप और मोहित मान गए और रहवासियों के साथ समझौता हो गया था।
बाद में कुलदीप ने कॉल कर गुस्से में कहा कि वह किसी के दबाव में नहीं रहेगा। रहवासियों की सलाह पर कुलदीप के यहां की बिजली भी बंद कर दी गई। वह दबाव बना रहा था कि उसने प्रॉपर्टी का पैसा दिया है। वह शांत नहीं बैठेगा।
घटना वाले दिन भी रहवासियों का कहना था कि उनकी तरफ से बिजली बंद नहीं की गई। कुलदीप को बिल्डर से बात करने के लिए बुलाया गया, लेकिन वह रहवासियों से झगड़ा कर रहा था। देर रात कुछ रहवासियों के कॉल आने पर पता चला कि घटना हो गई।

फ्लैट की लाइट बंद करने को लेकर पहले विवाद हुआ।

दादा के लाड़-प्यार में बिगड़ा मोहित
मोहित की पढ़ाई विजय नगर के सिका स्कूल से हुई है। वह पहले भी विवादों में रहा है। परिवार महालक्ष्मी नगर में रहता है। जानकारी के मुताबिक, दादा के लाड़-प्यार में मोहित बिगड़ गया।इलाके के कुछ लोगों ने बताया कि उसने स्विफ्ट कार में काली फिल्म लगाई है और काफी तेज रफ्तार से इलाके में घूमता रहता है। वह गुस्से में काफी तेज है।