
आज कालभैरव अष्टमी , इनमें से कोई एक उपाय दूर कर सकता है आपकी सभी बाधाएंडाँ. अशोक शास्त्री*
धर्म ग्रंथों के अनुसार मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को कालभैरव अष्टमी का पर्व मनाया जाता है । मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाँ. अशोक ने एक चर्चा मे बताया की मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव ने कालभैरव का अवतार लिया था । इसलिए इस पर्व को कालभैरव जयंती को रूप में मनाया जाता है ।
कालभैरव अष्टमी का महत्व
भगवान कालभैरव को तंत्र का देवता माना गया है । तंत्र शास्त्र के अनुसार किसी भी सिद्धि के लिए भैरव की पूजा अनिवार्य है । इनकी कृपा के बिना तंत्र साधना अधूरी रहती है और उसका पूर्ण फल भी नहीं प्राप्त होता है। डाँ. अशोक शास्त्री ने बताया कि इनके 52 रूप माने जाते हैं । इनकी कृपा प्राप्त करके भक्त निर्भय होकर और सभी कष्टों से मुक्त हो जाते हैं । कालभैरव जयंती पर कुछ आसान ज्योतिष शास्त्र के उपाय कर आप भगवान कालभैरव को प्रसन्न कर सकते हैं।
इस विधि से करें पूजा
कालभैरव अष्टमी को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद कुश के आसन पर बैठ जाएं । सामने भगवान कालभैरव की तस्वीर स्थापित करें व पंचोपचार से विधिवत पूजा करें । इसके बाद रूद्राक्ष की माला से नीचे लिखे मंत्र की कम से कम पांच माला जप करें तथा भैरव महाराज से सुख – संपत्ति के लिए प्रार्थना करें ।
मंत्र- ‘ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:’।
भैरव मंदिर में करें पूजा
कालभैरव अष्टमी पर किसी ऐसे भैरव मंदिर में जाएं , जहां कम ही लोग जाते हों । वहां जाकर सिंदूर व तेल से भैरव प्रतिमा को चोला चढ़ाएं । इसके बाद नारियल , मीठे पुए , जलेबी आदि का भोग लगाएं। मन लगाकर पूजा करें। बाद में जलेबी आदि का प्रसाद बांट दें । याद रखिए पूज्य भैरव की पूजा से भैरवनाथ विशेष प्रसन्न होते हैं।
इन मंत्रों का करें जप
कालभैरव अष्टमी को भगवान कालभैरव की विधि – विधान से पूजा करें और नीचे लिखे किसी भी एक मंत्र का जप करें। जप कम से कम 11 माला अवश्य करें।
ऊं कालभैरवाय नम:।
ऊं भयहरणं च भैरव:।
ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं।
ऊं भ्रां कालभैरवाय फट्
सरसों के तेल का दीपक
कालभैरव अष्टमी की सुबह भगवान कालभैरव की उपासना करें और शाम के समय सरसों के तेल का दीपक लगाकर समस्याओं से मुक्ति के लिए प्रार्थना करें । डाँ. शास्त्री ने कहा ऐसा करने से आपके सभी बिगड़े काम पूर्ण होंगे और आपको सभी प्रकार के तंत्र बाधाओं से मुक्ति मिलेगी । ( डाँ. अशोक शास्त्री )
ज्योतिषाचार्य
डाँ. पं. अशोक नारायण शास्त्री
श्रीमंगलप्रद् ज्योतिष कार्यालय
245 , एम. जी. रोड ( आनंद चौपाटी ) धार , एम. पी.
मो. नं. 9425491351
–: शुभम् भवतु :–