फर्जी दस्तावेजों पर 23 साल बाद कार्रवाई: एमपी के बीज विकास निगम के सहायक प्रबंधक लालसिंह बर्खास्त, 1.5 करोड़ वसूली और FIR के आदेश

बीज एवं फर्म विकास निगम के सहायक प्रबंधक लालसिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। विभाग के एमडी ने 24 मार्च को आदेश जारी किया। जिसमें सेवा समाप्ति के साथ लाल सिंह से वेतन की वसूली की भी सिफारिश की है। साथ ही लाल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के भी आदेश दिए है।

28 फरवरी को अपनी खबर में बताया था कि लालसिंह की नियुक्ति पिछले 23 साल से शक के दायरे में हैं। साल 2002 में उनकी विशेष भर्ती अभियान के तहत सहायक प्रबंधक पद पर नियुक्ति हुई थी।।  ने अपनी खबर में सारे तथ्यों को दस्तावेज समेत उजागर किया था कि नौकरी के लिए लालसिंह ने जो जाति प्रमाण पत्र और बाकी दस्तावेज दिए वो फर्जी हैं।

वो 23 साल की नौकरी में अब तक 1 करोड़ 55 लाख रुपए वेतन के रूप में ले चुके हैं। इस खुलासे के बाद विभाग ने लाल सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए कई बार नोटिस भी भेजे, लेकिन लालसिंह ने मूल दस्तावेजों की कॉपी पेश नहीं की।

लालसिंह की बर्खास्तगी का आदेश।

शिकायतकर्ता कर्मवीर चौहान ने सूचना के अधिकार के तहत लालसिंह के दस्तावेज जुटाए थे। RTI से पता चला कि जिस प्रकरण क्रमांक 2296 (दिनांक 19 अगस्त 2003) का जाति प्रमाण पत्र लाल सिंह ने जमा किया था, वो ग्वालियर के गोपालपुरा निवासी चंद्र किशोर यादव पिता चतुर्भुज सिंह के नाम से जारी हुआ था। यानी लाल सिंह ने एक ऐसे सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया, जो किसी और को आवंटित था।

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