MP: राह चलते एक्टिवा सवार को आया हार्ट अटैक, सड़क पर गिरकर हुआ बेसुध… ग्वालियर में सब इंस्पेक्टर की सूझबूझ से बची युवक जान — देखे VIDEO

ग्वालियर में एक सब इंस्पेक्टर ने तत्परता दिखाते हुए एक व्यक्ति की जान बचा ली। राह चलते एक एक्टिवा सवार को हार्ट अटैक आ गया। वह गाड़ी से गिर गया। उसी दौरान थाटीपुर थाना लौट रहे सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध ने लोगों को भीड़ देखी और रुक गए।

पता चला एक व्यक्ति को हार्ट अटैक आया है। उन्होंने फौरन न सिर्फ मरीज को CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) दिया, बल्कि उसे तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया और भर्ती करवाया। इस तरह उन्होंने युवक की जान बचा ली।

सड़क किनारे बेहोश पड़े व्यक्ति को सीपीआर देते सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध।

सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध ने बताया कि पड़ाव पुल के पास स्थित पेट्रोल पंप के सामने मंगलवार दोपहर को 40-45 वर्षीय एक स्कूटर सवार व्यक्ति को बेहोश होकर गिरते देखा। वहां मौजूद राहगीर उसे घेरकर खड़े थे। बौद्ध के मुताबिक-

मैंने भी गाड़ी रोक दी। व्यक्ति जमीन पर बेहोश पड़ा था। लिहाजा मैंने बगैर देरी के उसे सीपीआर देना शुरू किया। उसके सीने पर दबाव डालकर ब्लड और ऑक्सीजन सर्कुलेशन को सुधारने की कोशिश की।

एम्बुलेंस की मदद से मरीज को अस्पताल पहुंचाया

एसआई बौद्ध ने हालत में थोड़ी सुधार आने पर व्यक्ति से बातचीत की। उसने अपना नाम घनश्याम गौर निवासी बहोड़ापुर थाना क्षेत्र बताया। वह थाटीपुर से मजदूरी कर अपने घर बहोड़ापुर जा रहा था।

इसके बाद राजकुमार बौद्ध ने घनश्याम से उसके घरवालों का मोबाइल नंबर लेकर परिजन से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। इसके बाद एम्बुलेंस बुलवाई और उसे एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया।

जानकारी मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। इलाज के बाद हालत में सुधार होने पर डॉक्टरों ने उसे डिस्चार्ज कर दिया। ठीक होने के बाद परिजन उसे अपने घर ले गए।

सीपीआर कैसे दिया जाता है?

मरीज बोला- अगर SI मदद न करते तो जिंदा न होता

हार्ट अटैक से बेहोश होने वाले घनश्याम गौर ने बताया- मैं मजदूरी करता हूं और रोज की तरह काम खत्म कर घर लौट रहा था। रास्ते में अचानक उसके हाथ में तेज दर्द उठा, जिससे वह पेट्रोल पंप के पास गिरकर बेहोश हो गया। घनश्याम का कहना है-

सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध की तत्परता के कारण मेरी जान बच गई। अगर वह समय पर मदद नहीं करते, तो शायद मैं आज जिंदा नहीं होता। इससे पहले भी एक बार हार्ट अटैक आ चुका है और पहले से ही इलाज चल रहा है।

पुलिस ट्रेनिंग में सीखा, उसी से बचाई युवक की जान

2016 बैच के पुलिस सब इंस्पेक्टर राजकुमार बौद्ध ने बताया कि उन्होंने पीएसी और डीपीसीए से डिग्री प्राप्त की है। पुलिस ट्रेनिंग के दौरान सिखाया जाता है कि आपातकालीन स्थिति में कैसे सीपीआर देकर किसी की जान बचाई जा सकती है।

ट्रेनिंग के दौरान सीखी गई तकनीक की मदद से मैंने उस व्यक्ति को प्राथमिक उपचार दिया। मुझे खुशी है कि मेरी ट्रेनिंग और तत्परता से एक व्यक्ति की जान बच सकी।

सीपीआर देते समय रखें इन बातों का ध्यान

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