इंदौर। सफाई के बाद ट्रैफिक को अपना ब्रांड बनाने में लगे महापौर…! तमगे का इंतजार था, अब अगले तीन साल सलीका सिखाने के

सफाई के बाद ट्रैफिक को अपना ब्रांड बनाने में लगे महापौर…!
तमगे का इंतजार था, अब अगले तीन साल सलीका सिखाने के

अभिषेक कानूनगो

सफाई को लेकर लगातार सात साल से हमारा शहर नंबर एक पर है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के चक्कर में सबसे कम उम्र में महापौर बने पुष्यमित्र भार्गव लग गए थे। किसी तरह सूरत से बराबरी कर फिर नंबर वन आ गए हैं, लेकिन अब वापस ट्रैफिक को ही अपने कार्यकाल की नजीर बनाने की कसम खा ली। पिछले आठ दिन से लगातार सख्त फैसले और उस पर काम हो रहा है। कल कलेक्टर की मौजूदगी में जो मेयर का लहजा था, वो ये बताने के लिए काफी था कि अब आने वाले तीन साल ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करने के लिए काम होगा।
सबसे पहले ट्रैफिक को ठीक करने की कार्रवाई राजवाड़ा से शुरू हुई, फिर बम्बई बाजार और अब खजराना मेनरोड से अतिक्रमण हटाने के पीछे ट्रैफिक व्यवस्था ही सबसे कारण है। भीतरखाने से खबर ये भी है कि नगर निगम के तमाम अफसरों को मेयर ने चेता दिया है कि ट्रैफिक मामले में जल्द जीरो टालरेंस नीति अपनाएंगे। ऐसा नहीं है कि एमजी रोड और जवाहरमार्ग के वनवे के नियम को वापस खोलने के लिए मेयर के पास अपनी ही पार्टी के नेताओं का दबाव नहीं आया, लेकिन उन्होंने ये इशारा कर दिया कि ट्रैफिक के मामले में नहीं सुनेंगे। भार्गव को पौने दो साल कुर्सी संभाले हो गए हैं। पहले जरूर ट्रैफिक सुधारने के लिए खुद मैदान में उतर गए थे, लेकिन सफाई के तमगे ने सारा मामला उलझा दिया। अब लोकसभा चुनाव में भी इंदौर में कुछ खास मेहनत करना नहीं है, इसके लिए उन्होंने अपर आयुक्तों को कमिश्नर हर्षिका सिंह के साथ ट्रैफिक को बेहतर करने के लिए लगा दिया है। नगर निगम के अलावा भी आयुक्तों को इसकी रिपोर्ट महापौर को सौंपना है। कल कलेक्टर आशीषसिंह के साथ उन्होंने अलग से ये ही बात की थी। आप मुझे ट्रैफिक को और ठीक करने का तरीका बताओ। नियमों में जो भी सख्ती करनी है, करूंगा, लेकिन इंदौर के लोग जिस तरह वाहनों को सड़कों पर निकालने से डर रहे हैं, उससे उन्हें निजात दिलाना है। महापौर ने कलेक्टर से ये भी कहा कि रिंग रोड के लिए और बेहतर ट्रैफिक प्लान तय करना होगा। जिन चार ओवर ब्रिज के लिए अगले महीने से डायवर्शन लागू हो रहा है, उसकी एक और समीक्षा बैठक होनी चाहिए। वहीं छोटी सड़कों और बाजारों में बड़े वाहनों की रोक पर भी सख्ती करनी पड़ेगी। निगम मुख्यालय में हुई बैठक के अलावा भी बीस मिनट तक मेयर और कलेक्टर इस पर बात करते रहे। अब जवाहर मार्ग और एमजी रोड के वनवे पर सरकारी मोहर भी लग गई है। और भी कई रास्ते चिन्हित किए जा रहे हैं, जिन्हें वनवे करने से ट्रैफिक आसान हो जाएगा।

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