
पुडुचेरी में पिछले कई दिन से चल रहा राजनीतिक संकट सोमवार को कांग्रेस की सरकार गिरने के साथ ही खत्म हो गया। कांग्रेस नीत वी नारायणसामी सरकार को सदन में आज बहुमत साबित करना था। वोटिंग से पहले ही कांग्रेस और डीएमके के विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद स्पीकर ने ऐलान किया कि सरकार बहुमत साबित करने में विफल रही है। पुडुचेरी में सरकार गिरने के बाद कांग्रेस ने दक्षिण भारत में कर्नाटक के बाद दूसरा राज्य गंवा दिया। कभी कांग्रेस के मजबूत गढ़ के रूप में माने जाने वाले दक्षिण भारत में आज पार्टी सभी राज्यों में सत्ता से बाहर हो चुकी है।
पुडुचेरी में कांग्रेस नीत वी नारायणसामी की सरकार विधानसभा में बहुमत साबित करना था, लेकिन मतदान से पहले ही कांग्रेस और डीएमके विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने एलान किया कि सरकार बहुमत साबित करने में विफल रही है। मुख्यमंत्री नारायणसामी ने राज निवास जाकर उपराज्यपाल तमिलसाईं सुंदरराजन को अपना और अपने मंत्रियों का इस्तीफा सौंप दिया।
इन राज्यों में कांग्रेस की सत्ता
भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद से देश में कांग्रेस पार्टी लगातार सिमटती जा रही है। कांग्रेस पार्टी पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और झारखंड को छोड़कर आज पूरे देश में सत्ता से बाहर है। महाराष्ट्र और झारखंड में कांग्रेस भले ही सत्ता में हो, लेकिन यहां पार्टी की भूमिका क्रमशः नंबर तीन और नंबर दो की ही है। बता दें कि महाराष्ट्र और झारखंड में कांग्रेस ने गठबंधन कर सरकार बनाई है।
विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती
इस साल इन पांच राज्यों – पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में कांग्रेस पार्टी के लिए जीत हासिल करना बड़ी चुनौती है। पश्चिम बंगाल में इस बार मुख्य लड़ाई भाजपा और तृणमूल के बीच ही मानी जा रही है। यहां पार्टी लेफ्ट के साथ गठबंधन में है। जबकि तमिलनाडु में पार्टी डीएमके के साथ गठबंधन के जरिये सत्ता में आने की कोशिश करेगी। केरल में पार्टी का वाम नीत एलडीएफ से मुकाबला है। असम में भाजपा की सरकार है। यहां कांग्रेस की सीधी लड़ाई भाजपा से है।