पूजा खेड़कर विवाद के बाद यूपीएससी बदलेगा अपना परीक्षा पैटर्न, धोखाधड़ी और जालसाजी को रोकने के लिए आयोग ने उठाए ये कदम

New Delhi : पूजा खेड़कर विवाद के बाद यूपीएससी ने अपना परीक्षा पैटर्न बदलने का फैसला किया है। यूपीएससी ने अपनी परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उन्नत डिजिटल तकनीकों का लाभ उठाने का फैसला किया। आयोग उम्मीदवारों के लिए अत्याधुनिक आधार आधारित फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण और चेहरे की पहचान को शामिल करने की योजना बना रहा है। अभी UPSC ने अधिकारिक रूप से ऐसे कदमों की घोषणा नहीं की, लेकिन समझा जा रहा है कि जल्द ही नई तकनीक अपनाकर परीक्षाएं आयोजित की जाएगी।

आयोग ने धोखाधड़ी और जालसाजी को रोकने के लिए नई तकनीक के साथ अपनी परीक्षा प्रणाली में सुधार करेगा। सरकारी परीक्षाओं में धोखाधड़ी और जालसाजी के हालिया मामलों के बीच ये जरूरी भी हो गया था। परीक्षाओं के दौरान धोखाधड़ी और नकल को रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करके क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) निगरानी, ई-एडमिट कार्ड की क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसे तकनीकी समाधानों की भी योजना बनाई जा रही है।

UPSC हर साल 14 परीक्षाएं आयोजित करता है, जिसमें प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) के साथ-साथ भारत सरकार के भीतर ग्रुप ‘A’ और ग्रुप ‘B’ पदों पर भर्ती के लिए विभिन्न भर्ती परीक्षाएं और इंटरव्यू शामिल हैं। 2023 में CSE के लिए 1.01 मिलियन से अधिक लोगों ने अप्लाई किया, जिसमें लगभग 5 लाख 90 हजार उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे।

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