अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर का कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ा दावा

अमेरिकी फार्मा कंपनी फाइजर जर्मन बायोटेन फर्म बायोएनटेक द्वारा संयुक्त रूप से विकसित वैक्सीन तीसरे चरण में 90 फीसदी से अधिक प्रभावी साबित हुई है।कंपनियों का कहना है कि उनकी वैक्सीन उन लोगों पर असरदार साबित हुई है जिनमें कोरोना के लक्षण पहले से दिखाई नहीं दे रहे थे।

 

फाइजर के चेयरमैन और सीईओ डॉ. अल्बर्ट बौरला ने इसे लेकर कहा, ‘आज का दिन मानवता और विज्ञान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हमारी कोविड-19 वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल में सामने आए परिणामों का पहला समूह हमारी वैक्सीन की कोविड-19 वायरस को रोकने की क्षमता को लेकर प्रारंभिक सबूत दर्शाता है।’
डॉ. अल्बर्ट ने कहा, हमने अपने वैक्सीन डेवलपमेंट प्रोग्राम में मील का पत्थर हासिल किया है। हमने यह सफलता ऐसे समय में प्राप्त की है जब पूरी दुनिया को इस वैक्सीन की जरूरत है और संक्रमण की दर नए रिकॉर्ड बना रही है। उन्होंने कहा कि संक्रमण की स्थिति ऐसी है कि अस्पतालों में क्षमता से ज्यादा मरीज पहुंच रहे हैं और अर्थव्यवस्था नीचे जा रही है।

हालांकि, इस वैक्सीन का परीक्षण तब तक जारी रहेगा जब तक 164 पुष्ट मामले नहीं हो जाते। इसलिए इसकी प्रभाविता दर में बदलाव आने की अभी संभावना है। लेकिन, संक्रमण को रोकने के लिए 90 फीसदी असरदार खोज खासी उत्साहजनक साबित हो रही है। वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण में 43 हजार से अधिक लोग शामिल हैं।

दुनियाभर में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर अब पांच करोड़ सात लाख के पार हो गए हैं जबकि मरने वालों की संख्या भी 12 लाख 62 हजार से ऊपर है। इसकी वैक्सीन बनाने का काम तो तेजी से चल रहा है, लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आखिर पूरी दुनिया के लोगों को वैक्सीन कब तक मिल पाएगी और यह महामारी कब खत्म होगी।

ब्रिटेन में इस महीने शुरू हो सकता है वैक्सीन वितरण
हालांकि इस बीच ब्रिटेन से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ब्रिटेन के अखबार द मेल के मुताबिक, वैक्सीन को लेकर पिछले हफ्ते एक बैठक हुई थी, जिसमें यह कहा गया है कि इस महीने के आखिर से देश में वैक्सीन का वितरण शुरू किया जा सकता है। शुरुआत में 80 साल से ज्यादा उम्र के लोगों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जाएगा।

 

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