पाकिस्तानी हैकर्स के निशाने पर एंड्रॉयड यूजर्स, बचने के लिए इन ऐप्स का न करें इस्तेमाल

Hacking की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है, हैकर्स लोगों का डेटा चुराकर लाखों की चपत लगा रहे हैं. हाल ही में इस बात की जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी हैकर्स अब Android यूजर्स को निशाना बना रहे हैं. कैसे हो रही आपकी जासूसी और कैसे हैकर्स आपके फोन में इंस्टॉल कर रहे वायरस? आइए जानते हैं.

 

पाकिस्तान हैकर ‘ट्रांसपेरेंट ट्राइब’ पर CapraRAT मोबाइल रिमोट एक्सेस ट्रोजन को तेजी से फैला रहा है और इस काम के लिए YouTube की नकल करने वाला एंड्रॉयड ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है.

क्या है CapraRAT?

रिपोर्ट के अनुसार, AndroRAT और CapraRAT सोर्स कोड पर आधारित होते हैं. CapraRAT एक ऐसा टूल है जिसके जरिए किसी भी एंड्रॉयड फोन का पूरा कंट्रोल किसी के भी हाथ में आ सकता है. ये एक ऐसा मैलवेयर है जो एंड्रॉयड डिवाइस में एंटर होने के बाद सारा डेटा चुरा लेता है.

 

क्या गूगल प्ले स्टोर से चल रहा खेल?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये खतरनाक ऐप गूगल प्ले स्टोर पर नहीं है, बल्कि पाकिस्तानी हैकर्स सोशल मीडिया और अन्य साइट्स के जरिए ऐप को इंस्टॉल करा रहे हैं. ऐप डाउनलोड करने के लिए लोगों को लालच दिया जा रहा है और एक बार फोन में ऐप इंस्टॉल होने के बाद पाकिस्तानी हैकर्स के पास आपके डिवाइस का डेटा पहुंच जाएगा और वह आपके डेटा को कंप्लीट एक्सेस कर पाएंगे.

 

इन ऐप्स से बचकर रहना

com.moves.media.tubes

com.Base.media.service

com.videos.watchs.share

 

आपकी एक्टिविटी को ऐसे कर रहे ट्रैक

फ्रंट-रियर कैमरा और माइक्रोफोन के जरिए एक्टिविटी कर रहा रिकॉर्ड

एसएमएस, कॉल लॉग आदि को करता है कलेक्ट

इनकमिंग एसएमएस को करता है ब्लॉक और भेजता है एसएमएस मैसेज

स्क्रीन को कर लेता है कैप्चर

फोन में पड़ी फाइल्स कर रहा मॉडिफाई

किन लोगों को किया गया टारगेट?

साइबर सिक्योरिटी कंपनी SentinelOne की रिपोर्ट के अनुसार, CapraRAT का यूज फोन के सर्विलांस के लिए किया जाता है. इसका इस्तेमाल अभी पाकिस्तान से संबंधित मामलों पर काम करने वाले और कश्मीर से जुड़े मामलों की जानकारी रखने वाले मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ निगरानी के लिए किया जा रहा है.

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