हनीट्रैप के जाल में फंसकर एक प्रॉपर्टी डीलर 8 साल तक ब्लैकमेलिंग का शिकार होता रहा। शातिर बदमाशों के गिरोह ने आठ साल में प्रॉपर्टी डीलर से 1 करोड़ 76 लाख रुपए वसूलने के साथ करोड़ों की प्रॉपर्टी भी हथियाई। पुलिस ने मास्टरमाइंड महिला समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये हाई प्रोफाइल मामला कटनी का है।
कटनी के माधव नगर में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर सुशील मोटवानी ने इसी साल जनवरी में पुलिस को शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की रहने वाली एक महिला सेक्सटॉर्शन का डर दिखाकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही है। पुलिस ने मामले की तहकीकात शुरू की तो एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे हुए।
गिरोह की सरगना ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत लेने की कोशिश भी की थी। कोर्ट ने 20 नवंबर को उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आरोपी महिला ने कोर्ट के सामने सरेंडर कर दिया।
इस हाई प्रोफाइल केस से जुड़े पात्रों की भूमिका को सामने लाने के लिए जांच अधिकारियों से बात की। कटनी में दर्ज इस केस की एफआईआर की पड़ताल की, तब पूरी कहानी सामने आई।
केस के 5 किरदार
हनीट्रैप के इस मामले के 4 आरोपी आपस में रिश्तेदार हैं। गिरोह के जाल में सुशील मोटवानी कैसे फंसा? इसे जानने से पहले हनीट्रैप मामले से जुड़े किरदारों को जान लेते हैं..
आरोपी महिला : 28 साल उम्र है और शादीशुदा है। उसका एक बेटा है। वह रायपुर में रहती है। उसने रेप केस में फंसाने की धमकी देकर गोल्ड, मकान और बैंक खाते में लाखों रुपए ट्रांसफर कराए। फिलहाल पुलिस रिमांड पर है।
आरोपी महिला का पिता : कटनी का रहने वाला है। जमानत पर है। उसने ब्लैकमेल कर खुद के लिए वाहन खरीदवाए और अकाउंट में पैसे मंगवाए थे।
आरोपी महिला की बड़ी बहन : सतना की रहने वाली है। ये भी शादीशुदा है। उसने भी ब्लैकमेलिंग की रकम को अपने अकाउंट में ट्रांसफर किया। फिलहाल जमानत पर बाहर है।
आरोपी महिला का दोस्त नीत देवानी : आरोपी महिला का नया दोस्त है। भोपाल का रहने वाला है। उसने भी ब्लैकमेलिंग कर अकाउंट में पैसे मंगाए थे। फिलहाल जमानत पर बाहर है।
पीड़ित सुशील मोटवानी : इस केस का पीड़ित है। 50 वर्ष उम्र है। प्रॉपर्टी डीलर है। शादीशुदा है। जनवरी 2023 में ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर एफआईआर दर्ज कराई थी।
दोस्ती से ब्लैकमेलिंग तक का सफर
सुशील मोटवानी की दोस्ती माधव नगर में रहने वाले आरोपी महिला के पिता से थी। पिता अक्सर अपनी बेटी के साथ सुशील के घर आता-जाता था। 2010 में आरोपी महिला की शादी रायपुर में हुई। सुशील और आरोपी महिला की नजदीकी शादी के कई सालों बाद तक बनी रही। दोनों रायपुर और कटनी में एक-दूसरे से मेल मुलाकात करते थे। यहां तक कि दोनों देश-विदेश में भी साथ-साथ घूम चुके हैं।
2015 तक इनके रिश्तों में सब कुछ ठीक था। 2015 के बाद इस केस में एंट्री हुई भोपाल के रहने वाले नीत देवानी की। नीत देवानी, आरोपी महिला का नया दोस्त था। दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया पर हुई थी। नीत की एंट्री के बाद ही मोटवानी को ब्लैकमेल करने का खेल शुरू हुआ।
8 साल में वसूले 1 करोड़ 76 लाख
सुशील मोटवानी ने पुलिस को की गई शिकायत में कहा कि आरोपी महिला उसे रेप केस में फंसाने की धमकी देती थी। सुशील ने एफआईआर में 2020 से ब्लैकमेलिंग का दावा किया। एफआईआर में 10 लाख रुपए, 20 लाख की एफडी कराने और 20 तोला जेवर वसूलने का भी जिक्र किया। पुलिस ने जब सुशील मोटवानी और आरोपियों के बैंक डिटेल्स खंगाले तो पता चला कि ब्लैकमेलिंग का पूरा खेल 2015 से जारी था।
माधव नगर थाना टीआई मनोज गुप्ता के मुताबिक, आरोपियों ने सुशील मोटवानी से बैंक खातों में अलग-अलग समय में 1.76 करोड़ रुपए ट्रांसफर कराए हैं। जांच के दौरान ही पता चला कि आरोपियों ने उनसे करोड़ों की प्रॉपर्टी भी हथियाई। पुलिस ने पहले तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जांच के बाद आरोपी महिला की बड़ी बहन का नाम भी जोड़ा गया।
11 महीने तक चकमा देती रही मास्टरमाइंड
पुलिस ने तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। तीनों जमानत पर बाहर भी आ चुके हैं लेकिन आरोपी मास्टरमाइंड 11 महीने तक पुलिस को चकमा देती रही। पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित कराते हुए कोर्ट से उसकी प्रॉपर्टी जब्त करने का नोटिस जारी कराया।
20 नवंबर को आरोपी महिला ने वकील के माध्यम से जबलपुर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका पेश की। हाईकोर्ट ने आरोपी महिला के खिलाफ दर्ज प्रकरण और बैंक खातों में ट्रांजेक्शन के आधार पर उसकी याचिका खारिज कर दी। इसके बाद आरोपी महिला ने कोर्ट में सरेंडर किया। फिलहाल वो पुलिस रिमांड पर है।
सुशील के खिलाफ रायपुर में रेप की शिकायत
आरोपी महिला ने रायपुर के तेलीबांधा थाने में मार्च 2023 को सुशील मोटवानी के खिलाफ रेप की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि उसकी शादी 22 नवंबर 2010 को हुई थी। सुशील ने उसके पति से दोस्ती कर ली थी और उसके घर रहने लगा था। उसने धोखे से नहाते समय उसके वीडियो बना लिए थे और फिर उसे ब्लैकमेल करने लगा।
शिकायत में ये भी लिखा कि 2015 में सुशील ने उसके साथ रेप किया था। इसके फोटो-वीडियो बना लिए थे। इन्हें वह वायरल करने की धमकी देता था। कटनी पुलिस का कहना है कि आरोपी महिला ने रेप की एफआईआर खुद पर दर्ज प्रकरण के तीन महीने बाद कराई है। बैंक डिटेल्स से साफ है कि पैसों का ट्रांजेक्शन भी हुआ है। इसके अलावा गोल्ड, वाहन और मकान तक ब्लैकमेलिंग की रकम से खरीदने की बात सामने आई है।
आरोपी के पति पर भी दर्ज है रेप का मामला
कटनी पुलिस जेवरों की जब्ती के लिए आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर रायपुर गई थी, लेकिन उसका पति घर से गायब था। आरोपी महिला ने पुलिस को बताया कि सारे जेवर उसके पति ने लॉकर में रखे हैं। लॉकर की चाबी भी उसी के पास है।
कटनी टीआई मनोज गुप्ता के मुताबिक आरोपी महिला के पति की उमरिया थाना पुलिस रेप के मामले में तलाश कर रही है। उसके खिलाफ इसी साल अप्रैल-मई महीने में रेप का मामला दर्ज हुआ था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार फरार चल रहा है। उसके पकड़े जाने पर ही लॉकर खुल पाएगा।