
आईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए असरदार दवा ढूंढी है। दवा का नाम टीकोप्लेनिन है। यह कोरोना की दूसरी दवाओं के मुकाबले 10 गुना अधिक असरदार है। टीकोप्लेनिन कोरोना के मरीजों को दी जा रहीं हाइड्रोक्सी-क्लोरोक्वीन और लोपिनाविर से भी ज्यादा असरदार है। यह एक एंटीबॉयोटिक दवा है।
आईआईटी दिल्ली के कुसुम स्कूल ऑफ बायोलॉजिक साइंसेस के प्रोफेसर अशोक पटेल ने दावा किया है कि, टीकोप्लेनिन नाम की दवा कोरोना वायरस पर अन्य दवाओं की अपेक्षा 10 गुना ज्यादा असरदार है. प्रोफेसर पटेल ने बताया कि, टीकोप्लेनिन नाम की एक ग्लायकोपेप्टाइड ऐंटीबॉयोटिक दवा से कोरोना वायरस के इलाज में उम्मीद जागी है. उनके मुताबिक जब बाकी दावाओं की तुलना जब टीकोप्लेनिन के असर से की गई. तो यह 10 गुना ज्यादा असरदार साबित हुई.यह रिसर्च इंटरनेशनल जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल मैक्रोमॉलिक्यूल में भी प्रकाशित हुई है। इस रिसर्च से एम्स के विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप शर्मा भी जुड़े हैं।
बड़े पैमाने पर रिसर्च की जरूरत:-टीकोप्लेनिन एक ग्लायकोपेप्टाइड एंटीबायोटिक है। इसका इस्तेमाल ग्राम-पॉजिटिव बैक्टीरिया के संक्रमण का इलाज करने में किया जाता है। अमेरिका में क्लीनिकल ट्रायल के लिए इसे फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन भी अनुमति भी दे चुका है।
हाल ही में रोम की सेपिएंजा यूनिवर्सिटी में भी टीकोप्लेनिन दवा पर एक क्लीनिकल स्टडी हुई।
देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 61 लाख के पार पहुंचा:-देश में कोरोना मरीजों की संख्या 61 लाख 48 हजार 640 हो चुकी है। सोमवार को 69 हजार 668 मरीज बढ़े। वहीं, 85 हजार 194 लोग स्वस्थ भी हो गए। ये आंकड़े covid19india.org के मुताबिक हैं।
इस बीच, भोपाल में हुए सीरो सर्वे में कोरोना को लेकर हैरान करने वाली बात पता चली है। यहां हर 100 लोगों में से 18 व्यक्ति ऐसे हैं, जो कोरोना संक्रमित होने के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। उन्हें स्वयं के संक्रमित होने का पता भी नहीं चला।
मुंबई जिले में मरीजों की संख्या 2 लाख से ज्यादा हो गई है। सोमवार को 2044 मरीज मिले। इसके साथ मुंबई जिला देश का ऐसा चौथा जिला बन गया है, जहां मरीजों की संख्या 2 लाख से ज्यादा है। मृत्यु दर भी सबसे ज्यादा 4.4% है।