डॉ अजित के जैन की आप सब से अपील

डॉ अजित के जैन
का विशेष निवेदन
अपने मरीजों के लिए एवं रिश्तेदारों के लिए , कृपया इसे पढ़ें और समझे,
एक चिकित्सक का मरीजको हाथ लगा कर देखना सदैव आवश्यक नहीं है उन्हें अपने लक्षण बताकर भी समस्या का निदान किया जा सकता है अतः इस कोरोना के कठिन काल में आप अपने पारिवारिक चिकित्सक के संपर्क में व्हाट्सएप अथवा मोबाइल के माध्यम से ही जुड़े रहे। बहुत ही अच्छी कहानी है यह सुंदर जीवन। इस लिए इस कोरोना बीमारी को हल्के से ना ले। अभी जितने भी लोगों की मृत्यु हुई है हमारे रिश्तेदारों में हमारे आस पास हमारे दोस्त यारों में या यूं कहें हमारे चाहने वालों में मृत्यु का मुख्य कारण उन्होंने कोरोना को बहुत ही हल्के से लिया था । निवेदन है कि आप सावधानीपूर्वक रहें विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी का विश्वास करें। नियमों का पालन करें विशेष रूप से मास्क एवं साबुन से हाथ धोएं। घर के बाहर दरवाजे पर अगर हम पानी की बाल्टी और साबुन रख करने की आदत डाल दें आते टाइम पर हाथ धोएं जाते टाइम पर हाथ धोए तो क्या बुराई है। जहां पर छोटे कमरे में अधिक लोग बैठे हो वहां पर अधिक समय ना बैठें या दूरी बनाकर मास्क का प्रयोग करें भले ही हमारे समक्ष हमारे पिता माता बच्चे या पत्नी ही क्यों ना हों । शर्मिंदगी कैसी ! और यदि अनचाहा मेहमान भी आए तो उसे बाहर गेट पर नमस्कार कर उनका वहीं स्वागत करें उन्हें अंदर आकर बैठने का ,नाश्ता करने का कतई ना बोलें ,अभी यह वक्त ही ऐसा है। हमारे मेहमान को बुरा भी लग सकता है हो सकता है कि वह आपके बहुत करीबी हो परंतु वक्त की नजाकत को देखते हुए ऐसा व्यवहार करने में बुराई नहीं है यदि कोई आपके अपने करीबी की मृत्यु भी होती है तो अभी वहां प्रत्यक्ष जाकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने की आवश्यकता नहीं है मोबाइल के माध्यम से सब कुछ किया जा सकता है । स्वाभाविक तौर पर हमें ऐसा लज्जित सा लग सकता है कि मैं तो दूर ही बैठा था, मैंने तो हाथ ही नहीं, लगाया परंतु ध्यान रहे , हवा में उपस्थित वायरस को हम कभी नहीं पहचान सकते ,क्षमा करें मैं बहुत व्यथित मन से कड़वा सच लिख रहा हूं।।
एक और बात इस पत्र के माध्यम से कहना चाहता हूं कि यदि आपके पारिवारिक चिकित्सक ने कोरोना टेस्ट का बोला है तो जरूर करा लें ! डरने की आवश्यकता नहीं है , यदि पाजीटीव भी आता है तो आप कम से कम एंटीवायरल ड्रग एंटीबायोटिक इम्यूनो बूस्टिंग ड्रग जल्दी चालू कर देंगे एवं मॉनिटर तो कम से कम कर लेंगे। अक्सर पॉजिटिव आने पर उन्हें ऐसा महसूस होता है कि जैसे सब अलग नजर से देखेंगे, सामाजिक बहिष्कार हो जाएगा। पर याद रहे, समाज से पहले जीवन है।

टेस्ट कब और क्यों कराएं ? टेस्ट कराने का सबसे आसान क्राइटेरिया यह है कि आप अपने फैमिली चिकित्सक पर विश्वास करें । यदि वह कहे कुछ प्रारंभिक ब्लड की जांच कराओ जैसे सीबीसी ,सीआरपी , एलडीएच ,फेरिटिन, तो तुरंत करा लो – यह सब सपोर्टिंग टेस्ट हैं, यह पता लगाने के लिए कि. मरीज को कोरोना हो सकता है या नहीं । अगर डॉक्टर रिपोर्ट देख कर फिर कोविड 19 जांच का बोलें तो जांच कराओ और उनसे बहस ना करें। तुरंत जांच कराने से जल्दी एंटीवायरल चालू हो सकेगा।वायरस फेफड़ों के अंदर अधिक नहीं फैल पाएगा और आप जल्दी ठीक हो पाएंगे। लेट होने के उपरांत दवाई का असर बहुत कम हो जाता है, क्योंकि वायरस की तादाद शरीर में बढ़ जाती है। अगर उस पर तुरंत आक्रमण किया जाए तो हम जल्दी इस बीमारी से मुक्ति पा सकते हैं ।बाकी तो हम सामान्यतः जानते ही हैं कि किस प्रकार शरीर की प्रतिरोधी क्षमता अर्थात इम्यूनिटी पावर को भोजन के माध्यम से, विटामिन के माध्यम से, व्यायाम के माध्यम से, बढ़ाया जाता है मैं इस लंबे विषय को यहां पर नहीं छेड़ रहा हूं।

धन्यवाद !
आपका अपना पारिवारिक चिकित्सक ,
दोस्त ,
एवं रिश्तेदार
डॉक्टर अजित के जैन
इंदौर
9425313142.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *