अतुल सुभाष सुसाइड केस: 30 लाख दोगे तो दिखाऊंगी बेटे का मुंह, 3 करोड़ में केस खत्म…पत्नी ने रखी थी शर्त; जानिए शादी से सुसाइड तक 5 साल में क्या-क्या हुआ – देखें VIDEO

मेरा नाम अतुल सुभाष मोदी है। मेरी उम्र 34 साल है। बेंगलुरु में रहता हूं। मैं आज सुसाइड कर रहा हूं और ये सुसाइड नोट पूरे होशोहवास में लिख रहा हूं।’

AI इंजीनियर केस, भाई बोला-कभी लगा नहीं सुसाइड कर लेंगे:भाभी ने बेटे से मिलवाने के 30 लाख रुपए मांगे, चाचा बोले- निकिता जवाब देगी

बेंगलुरु/जौनपुर46 मिनट पहलेलेखक: आशीष राय और देवांशु तिवारी

‘मेरा नाम अतुल सुभाष मोदी है। मेरी उम्र 34 साल है। बेंगलुरु में रहता हूं। मैं आज सुसाइड कर रहा हूं और ये सुसाइड नोट पूरे होशोहवास में लिख रहा हूं।’

अतुल ने 24 पेज का सुसाइड लेटर लिखा और अपनी जिंदगी खत्म कर ली। मरने से पहले उन्होंने 1 घंटे 20 मिनट का वीडियो बनाया। अतुल ने पत्नी निकिता और उनकी फैमिली पर हैरेसमेंट और पैसे वसूलने का आरोप लगाया है। सुसाइड से पहले उन्होंने कोर्ट के सिस्टम और पुरुषों के खिलाफ झूठे केस पर भी सवाल उठाए।

अतुल के भाई विकास ने बातचीत में बताया, ‘ भाभी 3 करोड़ रुपए की डिमांड कर रही थीं। बेटे की शक्ल देखने के लिए भी उनसे 30 लाख रुपए मांगे थे। क्या एक नौकरीपेशा इंसान के लिए ये डिमांड पूरी करना आसान है।‘

अतुल सुभाष का शव बेंगलुरु में उनके फ्लैट से मिला था। पुलिस उनके आरोपों की जांच कर रही है। इस केस में 4 लोगों पर FIR दर्ज हुई है। इसमें अतुल की पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया, साले अनुराग सिंघानिया और चाचा ससुर सुशील सिंघानिया का नाम है।

बेंगलुरु पुलिस के जौनपुर पहुंचने से पहले अतुल सुभाष की सास और साले घर छोड़कर चले गए। पुलिस को घर पर ताला लगा मिला। अतुल के परिवार के और क्या आरोप हैं। अतुल के सुसाइड नोट में क्या-क्या लिखा है। अतुल और निकिता के वकील का क्या कहना है।

सबसे पहले अतुल की फैमिली की बात…

भाई बोला- सुसाइड से पहले भाई से बात की थी, लगा नहीं कि वो जान देने वाले हैं

हमने अतुल के छोटे भाई विकास कुमार से कॉन्टैक्ट किया। वे भाई का अंतिम संस्कार कर वापस अपने घर बिहार पहुंचे हैं। भाई के सुसाइड को लेकर विकास कहते हैं, ‘मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरा भाई ऐसा कुछ कर सकता है। बातचीत में कभी ऐसा लगा ही नहीं। हादसे वाले दिन भी हमारी बात हुई थी। तब भी कोई तनाव की बात नहीं लगी। भाई ने मुझे देर रात एक मैसेज भेजा था, लेकिन मैं देख नहीं पाया था।‘

‘फिर एक अनजान नंबर से फोन आया। उसने मुझसे पूछा कि क्या तुम्हें अपने भाई के सुसाइड का मैसेज मिला? मैंने इसे प्रैंक कॉल समझकर इग्नोर कर दिया। इसके बाद ऐसे कई मैसेज मिले। तब मैंने भाई को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। मैंने उसी नबंर पर कॉल बैक किया, तब पता चला कि पुलिस को भाई के घर पहुंचने के लिए कहा गया है।‘

विकास आगे बताते हैं, ‘भाई ने 2019 में निकिता से शादी की। उनका 4.5 साल का एक बेटा है। भाभी ने अपने परिवार के साथ मिलकर मेरे, मेरी पत्नी और मेरे माता-पिता के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई है। वो लोग केस सेटल करने के बदले 3 करोड़ रुपए मांग रहे थे।‘

निकिता और अतुल के बीच रिश्तों के खराब होने की शुरुआत कब से हुई? इसके जवाब में विकास कहते हैं, ‘मुझे इस बारे में ज्यादा पता नहीं है। वे मुझसे अपने पर्सनल रिश्तों को लेकर ज्यादा कुछ शेयर नहीं करते थे। इस मामले में मैं सारे डॉक्यूमेंट्स पढूंगा, तभी आपसे कुछ शेयर कर सकता हूं।‘

दहेज मांगने की बात गलत, भाई ने कई बार भाभी को पैसे ट्रांसफर किए’

निकिता के पैसे अपने अकाउंट में ट्रांसफर करवाने के आरोप पर विकास कहते हैं, ‘हमारे बैंक अकाउंट में सब कुछ मेंशन है। इसमें आप देखेंगे कि कितने पैसे अतुल ने निकिता और उनके परिवार को ट्रांसफर किए हैं। वे हम पर दहेज उत्पीड़न का केस बना रहे हैं, लेकिन आप हमारे अकाउंट को देखेंगे तो पता चलेगा कि हमने शादी का कितना खर्च खुद उठाया था।‘

‘हमने शादी का आधा-आधा खर्च उठाया था। हम मारवाड़ी कम्युनिटी से आते हैं। हमारे यहां दहेज लिया नहीं, दिया जाता है। हमें अगर सबूत पेश करने का अधिकार और समय मिलेगा तो हम अकाउंट स्टेटमेंट से लेकर फोटोग्राफ, ऑडियो और वीडियो सब कोर्ट में पेश करेंगे।‘

विकास आगे कहते हैं, ‘मेरे भाई ने अपनी जिंदगी का बलिदान किया है। उसने हर जगह लिखा है कि ‘जस्टिस इज ड्यू’। हम किसी भी हाल में जस्टिस चाहते हैं। मैं चाहता हूं कि मेरे भाई को न्याय मिले। मैं सुप्रीम कोर्ट और प्रेसिडेंट से डिमांड करता हूं कि इस कानून में कुछ बदलाव करें। मैं उन लोगों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई चाहता हूं, जो कानूनी पदों पर बैठकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं।’

ज्यूडिशियरी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विकास ने कहा, ‘लोगों को न्याय की उम्मीद तभी हो सकती है, जब हर पक्ष की बात को बराबरी से सुना जाए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो लोगों का न्याय व्यवस्था से भरोसा उठने लगेगा। ऐसी हालत में लोग शादी करने से कतराने लगेंगे। पुरुषों को महसूस होने लगेगा कि शादी के बाद वे सिर्फ पैसे देने वाली ATM मशीन बनकर रह जाएंगे।‘

सिर्फ दो बार मिले और केस कर दिया

विकास आगे कहते हैं, ‘मेरी और निकिता की सिर्फ दो बार मुलाकात हुई। पहले दिन भाई से शादी के वक्त और दूसरे दिन जब वे शादी करके घर आई थीं। इसके बावजूद उन्होंने मुझ पर और मेरे पूरे परिवार पर केस दर्ज करवाए हैं। मेरे पापा से भी वे सिर्फ 4 दिन मिली हैं। अपनी शादी के वक्त दो दिन और दो दिन, जब उनके पिता की डेथ हुई थी।‘

मेरी मां उनके साथ सबसे ज्यादा दिन रही थीं। वो प्रेग्नेंट थीं, तब मां बेंगलुरु में उनके साथ रही थीं। उन्होंने मेरे भाई पर 10 केस और बाकी फैमिली मेंबर्स पर दहेज के फर्जी केस दर्ज करवाए हैं।

निकिता के स्वभाव को लेकर विकास कहते हैं, ‘वो बहुत रिजर्व रहने वाली महिला हैं। इसलिए हम भी उनसे ज्यादा घुल-मिल नहीं पाए। हमारे बीच कभी-कभार ही चैट हुआ करती थी। नॉर्मल बातचीत ही होती थी। कोर्ट अगर इस बारे में हमसे डिटेल मांगती है, तो हम इसे भी पेश करेंगे।‘

अतुल के चाचा पवन कुमार आरोप लगाते हुए कहते हैं, ‘मेरे भतीजे को पैसों के लिए परेशान किया जा रहा था। उसकी पत्नी निकिता और जज ने उसका अपमान किया था। ससुराल वालों ने पहले 40 हजार रुपए महीने मांगे। फिर 1 लाख रुपए मांगने लगे। निकिता और उसके परिवार ने बच्चे के भरण-पोषण के बहाने पैसे ऐंठने की कोशिश की।‘

अतुल के सुसाइड नोट की अहम बातें…

सुसाइड नोट की शुरुआत ‘जस्टिस इज ड्यू’ यानी ‘इंसाफ बाकी है’ से होती है। इसमें अतुल अपने बारे में बताते हुए लिखते हैं, मेरी पत्नी ने मेरे खिलाफ 9 केस दर्ज करवाए। इसमें से 2022 में दर्ज हत्या और अननेचुरल सेक्स का भी एक मामला है।

हालांकि बाद में उसने ये केस वापस ले लिया था। बाकी केसों में दहेज प्रताड़ना, तलाक और मेंटेनेंस के मामले हैं, जो जिला कोर्ट और हाईकोर्ट में चल रहे हैं।

अतुल ने जौनपुर कोर्ट के प्रिंसिपल फैमिली जज रीता कौशिक, पत्नी निकिता सिंघानिया, साले अनुराग सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और पत्नी के चाचा सुशील सिंघानिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं, जौनपुर कोर्ट में काम करने वाले पेशकार माधव पर भी घूस लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने नोट में अपने 4.5 साल के बेटे को ‘एक्सटॉर्शन का टूल’ बताया।

नोट में उन्होंने अपने और जज के बीच एक मामले की सुनवाई का ब्योरा भी लिखा है। अतुल बताते हैं कि कैसे कोर्ट में ही उनकी पत्नी ने उन्हें खुदकुशी के लिए उकसाया था

सुसाइड नोट में लिखी पैसे की उगाही की डिटेल

अतुल ने सुसाइड नोट में लिखा, ‘शुरुआत में मेरी पत्नी, सास और उसके चाचा सुशील सिंघानिया ने 1 करोड़ रुपए की डिमांड की, जो अब बढ़कर 3 करोड़ रुपए हो गई है। कोर्ट ने मेरे 4.5 साल के बेटे की देखभाल के लिए 80,000 रुपए महीने देने का आदेश दिया। इससे मेरा तनाव बढ़ गया।‘

‘मैं 3 साल से बेटे से मिल नहीं सका था, जबकि मैंने कई बार कोर्ट में इसके लिए आवेदन किया था। पत्नी ने 2 लाख रुपए महीने की डिमांड की थी, जबकि वो एक पढ़ी-लिखी और कामकाजी महिला हैं। मल्टीनेशनल कंपनी में काम करती हैं।‘

आगे अतुल बताते हैं कि किस तरह हत्या के झूठे केस में फंसाने के कारण उन्हें कोर्ट के चक्कर काटने पड़े। कैसे 3 साल में 40 बार उन्हें और उनके माता-पिता को कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े।

अतुल ने लगाए करप्शन के आरोप

अतुल ने सुसाइड नोट में जज रीता कौशिक और उनके पेशकार माधव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि कोर्ट में तारीख और फैसले के लिए रिश्वत देना आम है। माधव हर व्यक्ति से 50 रुपए वसूलता है और पेशेवरों को 500 से 1000 रुपए तक देना पड़ता है।

अतुल ने दावा किया कि जज रीता कौशिक ने 21 मार्च 2024 को 5 लाख रुपए रिश्वत मांगी थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। माधव ने 2022 में उनसे 3 लाख रुपए की मांग की थी, ताकि आदेश उनके पक्ष में आए। अतुल ने रिश्वत देने से इनकार कर दिया।

इन आरोपों पर हमने हमने जज रीता कौशिक का पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो सकी।

अतुल के वकील बोले- दोनों का कई बार सामना हुआ, लेकिन बातचीत नहीं हुई

जौनपुर कोर्ट में अतुल के पक्ष में धारा 125 का मुकदमा लड़ रहे वकील दिनेश मिश्रा से हमने बात की। उन्होंने बताया कि अतुल और निकिता कई बार सुनवाई के दौरान एक-दूसरे के सामने आए पर दोनों ने कभी भी एक दूसरे से बात नहीं की। अतुल बेटे को लेकर काफी चिंतित रहते थे। दिनेश से हमने 3 सवाल किए…

सवाल 1: अतुल किस बात को लेकर सबसे ज्यादा परेशान थे। कभी जिक्र किया?

वकील:अभी अतुल के खिलाफ केवल 125 का मुकदमा चल रहा था, जिसमें उन्हें बच्चे की परवरिश के लिए 40 हजार रुपए की मेंटेनेंस राशि देनी पड़ती थी। अतुल की हमेशा से ही इच्छा थी कि उन्हें बच्चे से बात करने की इजाजत दी जाए। लेकिन निकिता ने हर बार ऐसा करने से मना किया।

अतुल जुलाई 2023 में आखिरी बार अपने बच्चे से मिले थे, जब निकिता और वो पेशी पर जौनपुर कोर्ट आए थे। लेकिन उस मुलाकात के बात अतुल को उनके बेटे से नहीं मिलने दिया गया। ये उनके डिप्रेशन में जाने का एक बड़ा कारण था।

सवाल 2: आखिरी बार अतुल से कब मुलाकात हुई थी? क्या बात हुई?

वकील: इस साल मई-जून में अतुल जौनपुर आए थे। तब वो हमसे मिले थे। वो उस दौरान बिलकुल नॉर्मल थे। उनकी सिर्फ यही मांग थी कि उन्हें बेटे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात कराई जाए।

 

सवाल 3: अभी अतुल के खिलाफ कौन-कौन से मामले चल रहे हैं?

वकील: तलाक का मुकदमा निकिता ने पहले ही वापस ले लिया था, जिस पर कोर्ट ने अतुल को जमानत भी दे दी थी। निकिता ने अतुल पर 302 (हत्या के लिए दंड) , 377 (अननेचुरल सेक्स) जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज करवाए थे। लेकिन बाद में दूसरी एप्लिकेशन देकर ये मुकदमें भी वापस ले लिए। अभी फिलहाल घरेलू हिंसा और बच्चे की परवरिश वाले केस में दोनों की पेशी हो रही थी।

अब बात निकिता के परिवार की…

अंकल बोले- मैं बेंगलुरु में था ही नहीं, फिर FIR में कैसे नाम आया

निकिता के चाचा सुशील कुमार ने अतुल की खुदकुशी की FIR में नाम आने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘निकिता यहां नहीं है, लेकिन जब वो आएगी, तो हर सवाल का जवाब देगी। मुझे मीडिया से पता चला कि मेरा नाम FIR में है, लेकिन मैं बेंगलुरु में नहीं था और मेरी कोई भूमिका नहीं है

निकिता के वकील ने कहा- अतुल की मौत से हमारा पक्ष कमजोर हुआ

अतुल के आरोप पर निकिता के वकील विवेक कुमार कहते हैं, ‘अतुल की मौत के बाद धारा 125 का मामला खत्म हो जाएगा। दहेज प्रताड़ना (198) के केस में अतुल के खिलाफ कार्रवाई रुकेगी, लेकिन अन्य आरोपियों पर मुकदमा जारी रहेगा।‘

‘अब निकिता अपने बच्चे और कानूनी लड़ाई को लेकर परेशान हैं। बेंगलुरु में निकिता पर 306 का नया केस दर्ज हुआ है। उन्हें बेंगलुरु और जौनपुर में अलग-अलग मामलों की सुनवाई में जाना होगा, जिससे लड़ाई और मुश्किल हो गई है।‘

निकिता के घर पर पुलिस तैनात, परिवारवाले घर छोड़कर भागे

निकिता की मां निशा और भाई अनुराग (गोलू) जौनपुर के रुहट्टा में रहते हैं। अतुल की सुसाइड के बाद उनके घर के बाहर पुलिस तैनात है और मीडिया का जमावड़ा है। पड़ोसियों ने बताया कि उनका व्यवहार अच्छा है और परिवार की पूरी जिम्मेदारी अनुराग पर है। निकिता फिलहाल दिल्ली में हैं और किसी से बात नहीं कर रहीं।

निकिता सिंघानिया के परिवार के एक करीबी ने हमें बताया कि निशा और अनुराग बुधवार देर रात जौनपुर से बाहर चले गए। उन्होंने इस बात की आशंका जताई कि परिवार इलाहाबाद जा सकता है। ये भी संभव है कि निकिता दिल्ली से सीधे इलाहाबाद जाए और वहीं वकीलों से मिलने की कोशिश करें।

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