नेम-फेम से दूर… मिस इंडिया इशिका तनेजा ने थामा आध्यात्म का दामन, MP में शंकराचार्य से ली गुरु दीक्षा — देखें VIDEO

मिस इंडिया और मिस वर्ल्ड टूरिज्म रही इशिका तनेजा ने अब आध्यात्म की राह पकड़ ली है। उन्होंने मंगलवार को जबलपुर में गुजरात के द्वारका धाम शारदा मठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती से गुरु दीक्षा ली है।

इशिका ने कहा कि ‘ मैं काफी समय से भटक रही थी। सोच रही थी कि किस दिशा में जाऊं। अब गुरु मिल गए हैं। अगर भगवान को पाना है, तो गुरु ही रास्ता दिखाते हैं।

इशिका तनेजा ने मिस इंडिया (2017-18) का खिताब जीता था। 27 जनवरी, 2018 को मलेशिया के मेलाका में आयोजित मिस वर्ल्ड टूरिज्म में उन्हें बिजनेस वुमन ऑफ द वर्ल्ड का ताज पहनाया गया था। 26 जनवरी 2016 को भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इशिका को ‘भारत की 100 सफल महिला’ के पुरस्कार से सम्मानित किया था।

गुजरात के द्वारका धाम शारदा मठ के शंकराचार्य सदानंद सरस्वती से चर्चा करती इशिका।

नेम-फेम के लिए बहुत भाग लिए

इशिका ने कहा कि सलाह से ज्यादा सलाह देने वाला महत्वपूर्ण होता है। अब जबकि शंकराचार्य स्वयं सलाह दे रहे हैं, तो ऐसा लग रहा है कि नेम-फेम के पीछे बहुत भाग लिए। अब सनातन धर्म के लिए काम करना है।

इशिका ने बताया कि बचपन से ही चाहती थी कि मेरा नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो और पूरी दुनिया इस नाम को जाने। इसलिए मिस इंडिया, फिर मिस वर्ल्ड टूरिज्म का खिताब जीता।

नेम-फेम के पीछे बहुत भाग लिए। अब सनातन धर्म के लिए काम करना है। नेम और फेम का तब तक महत्व नहीं है, जब तक कि उसके जरिए लोगों की मदद न की जा सके। नाम कमाने से ज्यादा धर्म कमाना सही है, लोगों की मदद करना सही है।

-इशिका तनेजा

फिल्म इंडस्ट्री से किया किनारा

कई बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुकी इशिका का अब फिल्म इंडस्ट्री से मोह भंग हो चुका है। उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री को पूरी तरह से अलविदा कह चुकी हूं। वहां सुख-शांति बिल्कुल भी नहीं है। ओटीटी आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री अलग ही दिशा में जा रही है। काफी समय से जीवन का रास्ता तलाश कर रही थी। इससे ज्यादा सौभाग्य की बात नहीं हो सकती कि शंकराचार्य जी ने मुझे दीक्षा देकर अपना शिष्य बनाया है।

ईशिका ने कहा कि अगर भगवान को पाना है, तो गुरु ही रास्ता दिखाते हैं।

रील और रियल लाइफ में बहुत अंतर

इशिका ने बताया कि रील और रियल लाइफ में बहुत अंतर होता है। उन्होंने कहा कि रील मेड अप होती है, जबकि रियल लाइफ को फील किया जा सकता है। रियल लाइफ से आपके परिवार की, सोसाइटी की और स्वंय आपकी जिंदगी आगे बढ़ती है, इसलिए रील को नहीं बल्कि रियल लाइफ को सुंदर करने की जरूरत है।

इशिका ने कहा- आज के समय में लोग रील पर सुंदर दिखने की कोशिश करते हैं। सोशल मीडिया में अलग-अलग तरह से अपनी फोटो शेयर करते हैं, रियल छोड़ रील लाइफ में जीते हैं, पर उन्हें यह भी समझना जरूरी है कि रील नहीं रियल लाइफ ही हकीकत है। रियल सुंदर होगा तो रील की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

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