12 अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदी-बिक्री और निर्माण पर रोक: निगम ने लगाए चेतावनी बोर्ड, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

अवैध कॉलोनियों में प्लॉट की खरीदी-बिक्री रोकने व निर्माण पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने सख्ती करना शुरू कर दी है। इसके तहत निगम की टीम ने गुरुवार को शहर की 12 अवैध कॉलोनियों में चेतावनी बोर्ड लगाए। इनमें साफ लिखा है कि यहां कॉलोनी विकास और भवन निर्माण की अनुमति जारी नहीं की गई है। ऐसे में किसी भी प्रकार का निर्माण, विकास कार्य या प्लॉट की खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित है। यहां किसी भी प्रकार निर्माण करने पर कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, शहर में तेजी से कॉलानियां कट रही हैं और हर बार सख्ती की बात कही जाती है, लेकिन सख्ती नहीं हो पाती है। तेजी से अवैध निर्माण हो रहे हैं। तुलसी नगर, विदुर नगर सहित कई ऐसी कॉलानियां हैं, जहां सभी प्लॉट वैध नहीं हुए हैं। बावजूद निर्माण हो रहे हैं।

इसी को देखते हुए निगम इनके बाहर बोर्ड चस्पा कर रहा है। चेतावनी बोर्ड में यह भी उल्लेख किया गया है कि मध्यप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1956 की धारा 292 (ग) के तहत यह दंडनीय अपराध है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे बिना अनुमति किसी भी भूखंड का विकास या विक्रय न करें।

लगातार शिकायतों के बाद की गई सख्ती

 

निगम अधिकारियों के मुताबिक कई स्थानों पर बिना वैध अनुमति के प्लॉटिंग कर लोगों को जमीन बेची जा रही थी। शिकायतें मिलने के बाद सर्वे कराया गया और 12 कॉलोनियों को अवैध मानते हुए वहां सार्वजनिक सूचना बोर्ड लगाए गए हैं, ताकि खरीदार गुमराह न हों।

निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य किया गया तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि प्लॉट खरीदने से पहले नगर निगम से वैधता की जानकारी जरूर जांच लें। पिछले दिनों दिशा की बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने यह प्रस्ताव रखा था कि कॉलोनियों के बाहर बोर्ड लगाए जाएं। इसके बाद एमआईसी की बैठक में भी यह निर्णय लिया गया।

इन क्षेत्रों में लगाए बोर्ड

महापौर भार्गव ने बताया कि सिरपुर, बिलावली, गौरी नगर, वार्ड 18 के आसपास, रेवती रेंज के आसपास, कबीटखेड़ी के आसपास की कॉलोनियों पर बोर्ड लगाए गए हैं। इनमें से ज्यादातर सरकारी जमीन या ग्रीन बेल्ट की जमीन होती है।

आम आदमी सस्ता प्लॉट लेने की खातिर यहां जीवन की पूरी पूंजी निवेश कर देता है और कोई प्रोजेक्ट आता है तो उन्हें हटाना पड़ता है। इसलिए यहां सबसे पहले खरीदी-बिक्री पर ही रोक लगाई जा रही है। यहां प्लॉट काटने वालों के खिलाफ भी कानूनी की कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *