उज्जैन। मंदिर में छोटे कपड़े पहनने पर लगी रोक, जानें क्या है पूरा मामला

मध्यप्रदेश के उज्जैन जिले की नागदा तहसील क्षेत्र अंतर्गत इंगोरिया मार्ग पर एक बैनर लगाया गया है, जो काफी सुर्खियों में है. दरअसल, इंगोरिया मार्ग पर एक हनुमान मंदिर है, जहां श्रद्धालुओं के लिए एक खास पोस्टर लगाया गया है. इस बैनर में मंदिर के अंदर प्रवेश को दौरान क्या-क्या चीज नहीं करना है इसके बारे में बताया गया है. साथ ही श्री राम जी के दर्शन को लेकर भी बातें लिखी गई हैं.

मंदिर के गेट पर लगे पोस्टर में लिखा है कि, जय श्री राम जी की सात्विक वस्त्रों व सात्विक मन से ही मंदिर में प्रवेश करें. विनम्र आग्रह सभी महिलाओं एवं पुरुषों से निवेदन है कि, मर्यादित वस्त्र पहनकर ही मन्दिर में प्रवेश करें. छोटे वस्त्र, हॉफ पेंट, बर्मुडा, मिनी स्कर्ट, नाईट सूट, कटी फटी जिन्स आदि ऐसे कपड़े पहनकर मंदिर के अंदर न जाएं. और अगर ऐसे कपड़े पहनकर आ गए हैं तो आने पर बाहर से ही दर्शन कर सहयोग करें. पोस्टर में यह भी लिखा है कि, भारतीय संस्कृति का पालन करते हुए सात्विक वस्त्र में प्रवेश करें. हालांकि पोस्टर में किसी तरह के प्रवेश पर प्रतिबंध की बात नहीं कही गई.

मंदिर के पुजारी ने बताया कि, मंदिर प्राचीन मंदिर है. लगभग 50 वर्ष तो देखते देखते हो गए. पवन के पिता जी हरि ॐ पुजारी खुद 50 वर्षो से देख रेख कर रहे हैं. उनके पहले पवन के दादाजी स्व लक्ष्मण दास जी देख रेख करते थे. पवन का कहना है कि, पोस्टर लगाने के पीछे का उद्देश्य सिर्फ यही है कि मंदिर में आने वाली युवा पीढ़ी को मोटिवेशन मिले क्योंकि हमे लगता है सबके मन में यही है बस हमें प्रयास करना था. मंदिर सार्वजनिक मंदिर है. सबका यहां स्वागत है. बता दें कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड के कई मंदिरों में ड्रेस कोड लागू है, जिसके बाद हाल ही में मध्य प्रदेश के अशोकनगर का एक मंदिर और प्रदेश की राजधानी भोपाल का एक मंदिर सुर्खियों में आया था. अब उज्जैन जिले के नागदा में स्थित हनुमान मंदिर सुर्खियों में है.

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले राजधानी भोपाल के श्री चंद्रप्रभु दिगबंर जैन मंदिर ट्रस्ट मंगलवारा सकल जैन समाज ने मंदिरों में हाफ पेंट, छोटी फ्राक,जींस, कटे-फिटे जींस और भड़कीले कपड़े पहनकर न आने पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसके साथ ही मंदिर में सिर ढंककर ही प्रवेश करना होगा. वहीं काले कपड़े भी पहनकर प्रवेश नहीं मिलेगा.

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