हुस्न, हत्या और हनीट्रैप; पंजाब के पूर्व सीएम के भाई के मर्डर की कहानी – देखें VIDEO

पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश बादल के भाई और गोवा के बिजनेसमैन नरोत्तम सिंह ढिल्लों की हत्या के आरोप में भोपाल के युवक और युवती पकड़े गए हैं। दोनों कम समय में ज्यादा पैसा और प्रॉपर्टी हासिल करना चाहते थे। उन्होंने नरोत्तम सिंह ढिल्लों को फंसाने की प्लानिंग पांच साल पहले ही शुरू कर दी थी।

गोवा पुलिस के मुताबिक इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड जीतेंद्र साहू है। वह ढिल्लों के यहां गोवा में डेढ़ साल तक काम कर चुका था। उसे ढिल्लों की कमजोरियों के बारे में पता था। पुलिस पूछताछ में उसने ये भी बताया कि ढिल्लों को फंसाने के लिए उसने गर्लफ्रेंड के नाम से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया था। इसी के जरिए ढिल्लों को हनीट्रैप के जाल में फंसाया गया था। पुलिस दोनों से पूछताछ में जुटी है।

गोवा के पिलेरनेमारा इलाके में स्थित एक विला में 4 फरवरी को एनएस ढिल्लों की लाश मिली थी। 77 साल के ढिल्लों इस विला के मालिक थे। नरोत्तम सिंह उर्फ निम्स ढिल्लों की गिनती इलाके के रइसों में होती थी। पुलिस ने जब इस पूरे मामले की तफ्तीश शुरू की तब तक आरोपी किराए की गाड़ी से मुंबई पहुंच चुके थे। गोवा पुलिस की सूचना पर मुंबई पुलिस ने उन्हें रायगढ़ जिले के पेण से गिरफ्तार किया था। आरोपी जीतेंद्र साहू और नीतू राहूजा भोपाल के ऐशबाग थाना इलाके के रहने वाले हैं।

आरोपियों के परिजन से बात की तो पता चला कि दोनों झूठ बोलकर गोवा गए थे। ये भी पता चला कि दोनों की 2018 में मुलाकात हुई थी। इस मामले को लेकर गोवा पुलिस से भी बात की और पूरे मामले को समझा। पढ़िए ये रिपोर्ट…

नीतू राहूजा (बाएं) और जीतेंद्र साहू को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया।

सबसे पहले बात आरोपी जीतेंद्र साहू की…

4 मंजिला मकान, किराएदारों के पैसों से गुजर बसर

एनएस ढिल्लों की हत्या के आरोपी जीतेंद्र साहू का मकान भोपाल के ऐशबाग थाने के तहत आने वाली अरमान कॉलोनी में है। यहां उसकी मां, बड़ा भाई, भाभी और भतीजा रहता है। मकान 4 मंजिला है। इसके एक हिस्से में जीतेंद्र और उसका परिवार रहता है। बाकी हिस्सों में किराएदार रहते हैं। मकान के नीचे किराना दुकान है। यहां मिलीं उसकी मां इंद्रा साहू।

इंद्रा ने बताया कि जीतेंद्र साहू उनका छोटा बेटा है। जिसकी शादी नहीं हुई है। वो ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करता है। इंद्रा साहू से पूछा कि जीतेंद्र गोवा कैसे गया तो वो बोली- वो तो दिल्ली जाने का कहकर निकला था और कहा था कि दो-तीन दिन में वापस लौट आएगा।

जब तीन दिन बाद वापस नहीं आया तो उसे कॉल किया, लेकिन उसका फोन बंद था। हम लोग परेशान हो गए क्योंकि वो दिल्ली जाता था तो बताकर नहीं जाता था। मां इंद्रा से पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि उनका बेटा गोवा में पकड़ा गया है तो वे बोलीं कि नीतू राहूजा की मां ने आकर बताया था कि जीतेंद्र मर्डर केस में फंस गया है।

ऐशबाग स्थित अरमान कॉलोनी में जीतेंद्र साहू का मकान।

नीतू राहूजा, जीतेंद्र के घर किराए से रहने आई, दोनों यहीं मिले

जीतेंद्र साहू की मां ने बताया कि नीतू राहूजा की फैमिली उनके यहां किराए से रहती थी। साल 2018 में उन्होंने एक कमरा किराए पर लिया था। उस वक्त जीतेंद्र भी गोवा से नौकरी छोड़कर वापस भोपाल लौटा था। उनसे पूछा कि वो गोवा में क्या करता था, तो वे बोली कि गोवा में क्या करता था ये नहीं पता, लेकिन वहां एक-डेढ़ साल रहा।

जब मेरा एक्सीडेंट हो गया तो मुझसे मिलने आया था। उसके बाद से भोपाल में ही रहने लगा था। उनसे पूछा कि नीतू से उसकी नजदीकी कैसे बढ़ी तो वे बोलीं कि नीतू की फैमिली दो साल तक यहां रही। कोरोना के बाद वो लोग कमरा खाली कर चले गए थे। मुझे नहीं पता कि वो नीतू के संपर्क में था। हमें तो इस केस के बाद पता चला कि वो नीतू के साथ गोवा गया है।

मां इंद्रा बोलीं- मेरा बेटा बेगुनाह, नीतू ने उसे फंसाया

आरोपी जीतेंद्र की मां इंद्रा ने कहा- मेरा बेटा पढ़ने में तेज है। उसने शरीर पर टैटू नहीं गुदवाए होते तो उसकी सरकारी नौकरी लग जाती। वो सीधा-सादा शांत है। नीतू ने उसे पूरी साजिश में फंसाया है। उनसे पूछा कि वो ऐसा क्यों कह रही है तो उन्होंने कहा कि नीतू की हरकतें ठीक नहीं थी। वो जब यहां रहती थी तो अक्सर रात को किसी गोरिया नाम के व्यक्ति के साथ जाती थी। देर रात घर लौटती थी।

जब हमने उसे टोकना शुरू किया तो उसने कहा कि वो अपने भाई के साथ जाती है। इसके कुछ दिन बाद वो घर पर गिफ्ट और बहुत सारा सामान लेकर आने लगी। हमें उस पर शक हुआ। उसकी वजह से मोहल्ले में चर्चाएं शुरू हो गई थीं। माहौल खराब होने लगा था। हमने उसके माता-पिता से बात की तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। मोहल्ले के लोग हमें टोकने लगे थे।

इंद्रा ने कहा कि जब उसके भाई से बात की तो उसने उस व्यक्ति का विरोध किया, तो गोरिया नाम के शख्स ने भाई के साथ मारपीट की। इसके बाद हमने नीतू के परिजन पर मकान खाली करने का दबाव बनाया तो उन्होंने आनाकानी करते हुए दो साल बाद 2022 में मकान खाली कर दिया। इंद्रा ने कहा कि वो चार साल तक हमारे मकान में रहे, इसी दौरान शायद जीतेंद्र की नीतू से दोस्ती हो गई थी।

जीतेंद्र ने मां को बताया, ढिल्लों नीतू के साथ गलत हरकत कर रहा था

आरोपी जीतेंद्र की मां ने बताया कि 4 फरवरी को नीतू के भाई ने हमें गोवा से फोन कर बताया कि जीतेंद्र और नीतू को हत्या के आरोप में पुलिस ने पकड़ लिया है। पहले तो मुझे भरोसा नहीं हुआ, फिर जब पुलिस ने मुझे जानकारी दी तब यकीन हुआ। पुलिस ने मेरी उससे फोन पर भी बात करवाई। उसने कहा कि मैं अच्छा हूं, लेकिन मैंने कुछ नहीं किया। उसने बताया कि ढिल्लों ने मुस्कान (नीतू) के साथ गलत हरकत की थी। मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसे धक्का दे दिया। वह बिस्तर पर गिर गया, इतने में मुस्कान ने उसके मुंह पर तकिया रख दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

इंद्रा ने कहा कि मैं किराने की दुकान और किराए से घर चलाती हूं। पति ने कर्ज लेकर ये घर बनाया था। अभी तक इसकी किस्त चुका रही हूं। अब मेरा बेटा इस मामले में फंस गया है। मेरे पास इतने पैसे भी नहीं है कि गोवा जाकर उससे मिल सकूं। उन्होंने कहा कि नीतू के पिता और भाई घटना के बाद से गोवा में हैं। उनके पास पैसा है। उन्हीं की बेटी के चलते मेरा बेटा इस पूरे मामले में फंसा है।

नीतू की मां बोलीं- दोस्त की शादी का कहकर घर से निकली थी

नीतू उर्फ मुस्कान की मां आरती राहूजा ने बताया कि उनका मायका भोपाल और ससुराल उत्तर प्रदेश के लखनऊ में है। 7 साल पहले उनके पति गंभीर रूप से बीमार हो गए थे, तब वो इलाज कराने भोपाल एम्स आए थे। तब से यहीं रह रहे हैं। मेरे पति फास्ट फूड का ठेला लगाते हैं। मुस्कान के अलावा मेरा एक छोटा बेटा भी है वो पिता के काम में सहयोग करता है। मुस्कान आर्थिक कारणों की वजह से पोस्ट ग्रेजुएशन फाइनल का एग्जाम नहीं दे पाई थी। वो ग्रेजुएट है। पिछले 2 साल से अशोका गार्डन के एक शोरूम में काम कर रही है।

नीतू राहूजा की नानी भी किराना दुकान चलाती है।

नीतू की मां बोलीं- मेरी बेटी को लेकर गलत बातें फैलाई जा रहीं

नीतू की मां आरती ने कहा कि जीतेंद्र से उसकी जान पहचान तब हुई थी जब उसके घर किराए से रहते थे। उनसे पूछा कि क्या दोनों एक-दूसरे के साथ बाहर घूमने जाते थे तो बोलीं कि इसके बारे में नहीं पता। जीतेंद्र की मां के आरोपों पर आरती ने कहा कि वो औरत झूठी है। वो मेरी बेटी के कैरेक्टर पर सवाल उठा रही है। उन्होंने कहा कि मेरे बेटे के साथ किसी शख्स ने मारपीट की थी ये बात सही है, लेकिन ये उनकी निजी लड़ाई थी। इससे मेरी बेटी का कोई लेना-देना नहीं था।

गोवा पुलिस बोली- कपल में लड़का ही है असली मास्टरमाइंड

परिजन से बात करने के बाद भास्कर ने मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी विश्वेश करपे को कॉल किया। विश्वेश ने बताया कि हत्या का मास्टरमाइंड जीतेंद्र साहू है। उसी ने इस पूरी घटना की साजिश रची थी। ये भी बताया कि 2018 में डेढ़ साल तक जीतेंद्र ने मृतक नरोत्तम सिंह ढिल्लों के साथ काम किया था। निम्स की गिनती गोवा के बड़े कारोबारियों में होती है। जीतेंद्र उनके यहां छोटा मोटा काम करता था। इस दौरान उसे निम्स की कमजोरी के बारे में पता चला था। इसका उसने फायदा उठाया।

जांच अधिकारी विश्वेश ने बताया कि जीतेंद्र ने नीतू के नाम से एक आईडी बनाई थी, जिसमें उसका फोटो भी लगाया था। ये आईडी वो खुद ऑपरेट करता था। इसके जरिए उसने निम्स से बातचीत करना शुरू कर दी थी। कुछ दिनों तक बातचीत के बाद निम्स ने इन्हें गोवा आने का न्योता दिया।

जीतेंद्र तय समय पर नीतू और दो दोस्तों के साथ गोवा पहुंचा। उसने नीतू को नरोत्तम सिंह ढिल्लों से मिलाया। विश्वेश ने बताया कि दरअसल इनकी प्लानिंग नरोत्तम ढिल्लों को ब्लैकमेल करने की थी। 3 फरवरी को रात 3 बजे इनका विवाद नरोत्तम ढिल्लों से हुआ। उसके बाद इन्होंने मिलकर उनकी हत्या कर दी और 47 लाख कीमत के सोने के आभूषण, मोबाइल फोन लूट ले गए थे।

अब जानिए गोवा पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा…

पुलिस को पता चला नरोत्तम सिंह ढिल्लों के घर एक युवा जोड़ा मेहमान था

नरोत्तम सिंह ढिल्लों की हत्या के बाद गोवा पुलिस विला की छानबीन कर रही थी, उसी वक्त उसकी नजर पास की दूसरी बिल्डिंग के सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी। इस कैमरे से पुलिस को सुराग मिला। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक रात करीब साढ़े तीन बजे ढिल्लों के विला से एक कार रवाना हुई थी।

पुलिस को ये भी पता चला कि एक कपल 3 फरवरी की रात को उनके विला में पार्टी के लिए पहुंचा था। ढिल्लों और इस कपल ने रात करीब 2 बजे डिनर लिया था। पुलिस का शक इस कपल पर गहराता गया। पुलिस को ये भी पता चला कि बीती रात उनके घर से निकलने वाले मेहमानों ने मेन गेट के बजाय एक खिड़की का सहारा लिया था, क्योंकि विला के कर्मचारियों को सुबह खिड़की खुली हुई मिली। वह आमतौर पर बंद रहती है, जबकि मेन गेट बंद था। पुलिस का सारा शक इस अनजान कपल पर जा टिका था।

गोवा के पिलेरनेमारा इलाके में नरोत्तम ढिल्लों की विला जहां उनकी लाश पड़ी मिली थी।

किराए पर कार देने वाले ने पुलिस को शिकायत की

पुलिस जब इनका पता ठिकाना खोजने की कोशिश कर रही थी, उसी वक्त परवोरिम पुलिस स्टेशन पर एक और शिकायत हुई। अपनी कार किराए पर देने वाले शख्स ने पुलिस को बताया कि उसने एक कपल को कार किराए पर दी थी, लेकिन वो लोग कार को लेकर गोवा से बाहर मुंबई की तरफ जा रहे हैं। फोन भी नहीं उठा रहे हैं।

पुलिस को शक हुआ कि कहीं ये वही कपल तो नहीं जो उस रात ढिल्लों के घर पर मौजूद था। पुलिस ने कार को ट्रैक किया जो मुंबई से नवी मुंबई की तरफ जा रही थी। गोवा पुलिस ने फौरन नवी मुंबई पुलिस को उस कार की जानकारी दी और उसका लोकेशन उनके साथ शेयर किया।

नवी मुंबई पुलिस ने कार को ट्रैक करना शुरू किया और उसे रायगढ़ जिले के पेण इलाके से इंटरसेप्ट किया। गोवा पुलिस की शिकायत के मुताबिक कार में एक कपल मिला, जिसे पुलिस ने फौरन हिरासत में ले लिया। इनके साथ एक और शख्स था जो भागने में कामयाब हो गया।

नवी मुंबई पुलिस ने इसी कार के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया।

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