भोपाल क्राइम ब्रांच ने 8 करोड़ की चरस के साथ एक दंपती सहित तीन लोगों को किया गिरफ्तार, फर्जी सरकारी अधिकारी बन मनाली से एमपी चरस ला रहे थे आरोपी — देखें VIDEO

 

भोपाल क्राइम ब्रांच ने पिछले महीने 8 करोड़ की चरस के साथ एक दंपती को गिरफ्तार किया था। दोनों ये चरस मनाली से ला रहे थे और इंदौर में सप्लाई करने वाले थे। आरोपी के पास से पुलिस ने मध्यप्रदेश सरकार के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की सील लगा एक कार्ड बरामद किया था।

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी ने फर्जी तरीके से ये कार्ड बनाया था और इसी के दम पर वह एक साल तक मनाली से मप्र तक हाई क्वालिटी चरस लाने का काम कर रहा था। आखिर आरोपी ने कैसे ये कार्ड बनाया और किस तरह से स्मगलिंग में इस्तेमाल कर रहा था। पढ़िए ये रिपोर्ट.

अब जानिए कैसे पकड़े गए

क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर दूसरे प्रदेश से नशे की बड़ी खेप लेकर प्रदेश में आते हैं। पुलिस ने खजूरी इलाके के बरखेड़ा सालम जोड़ पर घेराबंदी की हुई थी। इस दौरान पुलिस ने DL- 8CAF- 8092 नंबर की एक लग्जरी कार को रोका। कार में दो पुरुष और एक महिला सवार थे।

पुलिस ने पूछताछ की तो इन्होंने बताया कि भोपाल के रहने वाले हैं और मनाली घूमने गए थे। जब उनसे कार के बारे में पूछताछ की तो बताया कि ये कार उन्होंने सेकेंड हैंड खरीदी है। पुलिस ने जब कार की जांच की तो कार से 8 किलो 400 ग्राम चरस, दो लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल फोन मिले।

पुलिस ने कार में सवार आमिर कुरैशी उसकी पत्नी जाहिदा कुरैशी और प्रतीक मिश्रा को गिरफ्तार किया। 8 करोड़ रुपए कीमत की चरस के साथ पुलिस को आमिर के पास से मध्यप्रदेश सरकार के टीएंडसीपी विभाग की सील लगा कार्ड भी मिला।

टूरिस्ट बनकर जाते थे मनाली

पुलिस पूछताछ में आमिर और प्रतीक ने बताया कि वो हिमाचल प्रदेश के मनाली में टूरिस्ट बनकर जाते थे। जब वह पहली बार प्रतीक के साथ मनाली गया तो वहां से हाई क्वालिटी की चरस लाया। ड्रग्स डीलर्स के बीच ये मनाली क्रीम के नाम से फेमस है।

वहीं किसी कल्लू नाम के व्यक्ति ने उन्हें ये खेप दी थी। आमिर ने बताया कि इसके बाद से वह लगातार मनाली से चरस लाते रहे। पुलिस पूछताछ में उसने ये भी बताया कि बाद में वह पत्नी को ले जाने लगा। जिससे उनपर कोई शक न कर सके। आमिर के मुताबिक पिछले एक साल से वह इस तरह से चरस लाने का काम कर रहा था।

परिजन बोले- आरिफ नशे का आदी है

आमिर और प्रतीक ने चरस लाने का काम कैसे शुरू किया। ये जानने के लिए भास्कर की टीम काजी कैंप पहुंची। यहां गुरुनानक कॉलोनी के मकान नंबर 1634 में आमिर और जाहिदा रहते थे। मकान की पहली मंजिल पर इमरान ऑटो एंड प्रॉपर्टी डीलर का बोर्ड लगा है।

यहां आमिर की मौसी मिली। मौसी ने बताया कि आमिर नशे का आदी है, लेकिन तस्करी कब से करने लगा ये हमें नहीं पता। आमिर की पत्नी जाहिदा के ड्रग तस्करी में पकड़ने जाने पर वह बोली- पत्नी को अक्सर घुमाने के लिए ले जाता था, कहां जाता था इसके बारे में नहीं बताता था। आमिर क्या काम करता था ये पूछने पर उन्होंने कहा कि वह कार डीलर है, मुंबई से सेकेंड हैंड कारें लाकर यहां बेचता है।

भाई इमरान बोला- टीएंडसीपी में ड्राइवरी करता था

आमिर के घर से उसके भाई इमरान का नंबर मिला, इमरान से संपर्क करने पर उसने बताया कि उसका भाई पिछले कई सालों से नशा करता है। ये घर में सभी को पता है, लेकिन तस्करी भी करता है ये किसी को नहीं पता। इमरान ने बताया कि एक साल पहले वह प्रतीक मिश्रा से मिला था। उसके बाद से दोनों साथ रहने लगे।

दोनों बिजनेस की बातें करते थे और साथ में ही नशा करते थे। इस एक साल में दोनों कई बार बाहर गए। पिछले कुछ दिनों से भाभी जाहिदा को घुमाने ले जाने लगे। जाहिदा को कितनी बार साथ ले गए ये पूछने पर वह बोला- सर दूसरी या तीसरी बार गए होंगे।

इमरान ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद मैं जेल में आमिर से मिलने गया तब उसने मुझे बताया, यह माल वे इंदौर के तस्कर के लिए ला रहे थे, कार में रखे दो लाख रुपए भी उसी के थे। मंगाने वाले ने आमिर के अकाउंट में 70 हजार रुपए भी डाले थे।

उसके पास टीएंडसीपी की सील लगा कार्ड कहां से आया इस पर इमरान ने बताया कि हमारे घर में किसी ने सरकारी नौकरी नहीं की। मैं साल 2018 में टीएंडसीपी में ड्राइवर की नौकरी कर चुका हूं। शायद उसने वहीं से बनाया होगा।

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