भोपाल में कॉलेज छात्राओं से रेप-ब्लैकमेलिंग के हाई प्रोफाइल केस की जांच कर रही स्टेट एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) की पड़ताल में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि आरोपी फरहान खान दो पीड़ित छात्राओं के बैंक अकाउंट से शेयर ट्रेडिंग करता था।
उसने एक पीड़िता के खाते से करीब 15 लाख रुपए के ट्रांजेक्शन किए हैं। इस बात का खुलासा पीड़ित छात्रा ने अपने बयान में किया है। उसके अकाउंट की जांच में शेयर ट्रेडिंग किए जाने की पुष्टि भी हुई है।
अब एसआईटी इस बात की जांच कर रही है कि शेयर ट्रेडिंग के जरिए आरोपी ने कितना मुनाफा कमाया है?
फरहान से लेन-देन करने वालों से भी होगी पूछताछ फरहान के दो बैंक खातों में 50 लाख से ज्यादा का लेन-देन सामने आ चुका है। पिछले 9 साल में उसके खाते में हुआ हर बड़ा ट्रांजेक्शन स्टेट एसआईटी वेरिफाई कर रही है। उसके खाते में आई बड़ी रकम किसने भेजी और उसकी वजह क्या थी, इन सारे पहलुओं को बारीकी से खंगाला जा रहा है।
बड़ा लेन-देन करने वालों से पूछताछ भी की जाएगी। राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने अपनी रिपोर्ट में फंडिंग वाले एंगल पर जांच के लिए विशेष जोर दिया था।
रेप-ब्लैकमेलिंग और लव-जिहाद का नेटवर्क

अबरार अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर
भोपाल के इस बहुचर्चित मामले में 17 अप्रैल को पहली एफआईआर बागसेवनिया थाने में दर्ज की गई थी। इसके बाद से ही आरोपियों में से एक अबरार का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
इंजीनियरिंग का स्टूडेंट रहा अबरार बेहद शातिर है। पुलिस से बचने के लिए वह अपने परिजन से भी संपर्क नहीं कर रहा है। बाकी आरोपी अली, नबील, साद, फरहान और साहिल भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं।
आयोग जता चुका बड़े नेटवर्क की आशंका
राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने 20 मई को जांच रिपोर्ट सौंपी है। इसमें रेप-ब्लैकमेलिंग और धर्मांतरण का दबाव बनाने वाले गिरोह के पीछे बड़ा नेटवर्क होने का संदेह जताया गया है।
यही वजह है कि फंडिंग वाले एंगल पर जांच तेज की गई है। आरोपियों के करीबियों की भूमिकाएं भी खंगाली जा रही हैं।
टाइमलाइन से जानिए कब, क्या हुआ?

हर माह एक लाख रुपए अय्याशी में उड़ाता था फरहान अतिक्रमण की दुकानों से फरहान एक लाख रुपए महीना तक कमाता था, इस बात की जानकारी उसके परिजन को भी नहीं थी। इस रकम से ही उसने स्पोर्ट्स बाइक खरीदी थी। इसी रकम से उसने लड़कियों को झांसे में लेने के लिए हाई प्रोफाइल लाइफ स्टाइल दिखाया, महंगे फोन भी खरीदे।
नबील, साद, साहिल और अली के खातों में मामूली ट्रांजेक्शन
पुलिस ने बिहार के रहने वाले आरोपी नबील के बैंक खाते की जांच कराई तो पाया कि इस अकाउंट में 10-15 हजार रुपए तक प्रति माह के हिसाब से रकम आती थी। यह रकम उसके परिजन खर्च के लिए भेजा करते थे। बीच में कई बार उसके खाते में 40 से 50 हजार रुपए तक बिहार के एक खाते से आए, यह रकम उसके पिता कॉलेज फीस के लिए भेजा करते थे।
इसी तरह साद के खाते में भी पुलिस को कोई खास ट्रांजेक्शन नहीं मिले हैं। अली और साहिल के खातों में भी मामूली ट्रांजेक्शन ही पुलिस को मिले हैं।