भोपाल। रियल एस्टेट कारोबारी का अपहरण, एक करोड़ की फिरौती में 30 लाख देकर छोड़ा; अब 10 करोड़ की मांग – देखें VIDEO

भोपाल में रियल एस्टेट कारोबारी नितेश सिंह ठाकुर के अपहरण का मामला सामने आया है।

भोपाल में रियल एस्टेट कारोबारी के अपहरण का मामला सामने आया है। आरोपियों ने उसे अगवा कर परिजन से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। बाद में 30 लाख रुपए लेकर छोड़ दिया। इस मामले में सभी आरोपी पीड़ित के पूर्व परिचित ही हैं।

अपहरण की ये वारदात करीब 21 दिन पहले 27 से 29 अक्टूबर के बीच की है। पीड़ित कारोबारी का नाम नितेश सिंह ठाकुर है। जो शहर के कोलार स्थित दानिश हिल्स में रहने वाले हैं। नितेश सिंह को सगाई का निमंत्रण देकर ग्वालियर बुलाया गया था। रास्ते में मुरैना टोल के पास घोड़ापुर में टैक्सी रोककर अगवा कर लिया।

आरोपियों ने करोबारी का अपहरण कर उन्हें एक अज्ञात होटल के बेसमेंट में बंधक बनाकर पीटा। जान से नहीं मारने के एवज में एक करोड़ रुपए की मांग की। बाद में 30 लाख रुपए में छोड़ने का भरोसा पीड़ित की पत्नी को दिया। पत्नी ने 30 लाख रुपए 28 अक्टूबर को आरोपियों को भोपाल में स्थित कोलार में दिए। 29 अक्टूबर को आरोपी पीड़ित नितेश सिंह को भोपाल में छोड़कर चले गए।

अब बदमाश दोबारा 10 करोड़ की फिरौती की मांग करने लगे हैं। तब जाकर पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

फरियादी ने अपहरण की घटना को लेकर ये बताया नितेश सिंह ठाकुर ने बताया कि वह दानिश हिल्स कोलार में रहते हैं। भोपाल में रियल एस्टेट का काम हैं। हाल ही में मिसरोद में 32 करोड़ रुपए की एक जमीन को बेचा है। इसकी जानकारी उनके पूर्व परिचित संजय राजावत निवासी न्यू द्वारकापुरी पुरानी छावनी ग्वालियर, पंकज परिहार पिपरोली गढ़िया जिला इटावा उत्तर प्रदेश, भोपाल ट्रैफिक पुलिस का आरक्षक रहा हेमंत चौहान, ओम राजावत निवासी पुरानी छावनी ग्वालियर और आकाश राजावत निवासी ग्वालियर को थी। हेमंत को छोड़कर फिलहाल सभी आरोपी मिनाल रेसीडेंसी में रह रहे हैं और भोपाल में प्रॉपर्टी का काम कर रहे हैं।

32 करोड़ में जमीन बेची, ये आरोपियो को पता था नितेश सिंह ठाकुर ने बताया कि आरोपियों को इस बात की जानकारी थी कि मैंने मिसरोद इलाके में एक जमीन 32 करोड़ रुपए में बेची है। वे करीबी रिश्तेदार की सगाई में ग्वालियर आने का कहते थे। इसके लिए लगातार प्रोग्राम अटैंड करने की बात फोन पर करते थे। मैं आरोपियों से बीते कई महीनों से परिचित था, उन पर भरोसा करता था। इसलिए उनके बुलावे पर टैक्सी से ग्वालियर जाने के लिए 27 अक्टूबर को भोपाल से रवाना हुआ। रास्ते में मुरैना टोल के पास घोड़ापुर में टैक्सी रोककर मुझे अगवा कर लिया।

अज्ञात होटल के बेसमेंट में बंधक बनाकर पीटा

पीड़ित ने बताया-

पहले मुझे एक होटल के बेसमेंट में रखा गया। यह होटल कहां थी, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। इसके बाद मुझे उत्तर प्रदेश के इटावा के एक गांव में बंधक बनाकर रखा, जमकर पीटा और वीडियो बनाया। इसके बाद में पत्नी को कॉल किया गया। मेरी कनपटी पर रायफल रखकर दिखाया गया, पीटा गया, जिससे पत्नी दबाव में आए। इसके बाद मैंने पत्नी से रकम देने की बात कही। आरोपी पहले एक करोड़ की फिरौती मांग रहे थे, बाद में 30 लाख रुपए में डील फाइनल की। उनके आदमियों ने 28 अक्टूबर को पत्नी से कोलार में रकम ली।

मैं डरा हुआ था, इसलिए किसी को कुछ नहीं बताया नितेश सिंह ठाकुर ने बताया कि 29 अक्टूबर को मुझे स्वयं के वाहन से भोपाल छोड़ दिया गया। मैं डरा हुआ था, इस कारण मैंने किसी को घटना की जानकारी नहीं दी, न ही कोई एफआईआर दर्ज कराई। इससे आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए। मुझसे दस करोड़ रुपए की मांग की जाने लगी। मुझे पीटते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जाने लगी।

तब मैंने शुक्रवार को पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायती आवेदन दिया। रविवार को कोलार पुलिस ने पांच नामजद समेत अन्य के खिलाफ अपहरण, मारपीट और एक्सटॉर्शन मनी वसूलने की धाराओं में केस दर्ज किया। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

आरक्षक को लाइन अटैच किया शिकायत मिलने के बाद शुक्रवार को आरक्षक हेमंत चौहान को लाइन हाजिर कर दिया गया। हेमंत एफआईआर में भी नामजद है।

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