एमपी के बहुचर्चित हनी ट्रैप मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को हाईकोर्ट से राहत मिल गई है। हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने उनके खिलाफ दायर सीबीआई जांच की मांग वाली जनहित याचिका को खारिज कर दिया है।
हाईकोर्ट ने इस मामले में गुरुवार (10 जुलाई) को सुनवाई की। जस्टिस विवेक रुसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की डबल बेंच उनके पास भाजपा नेताओं की पैन ड्राइव होने के बयान के सबूत नहीं होने के चलते ये याचिका खारिज की है।
10 जुलाई को इंदौर हाईकोर्ट में हुई थी सुनवाई।
यह जनहित याचिका एडवोकेट भूपेंद्र सिंह ने 2023 में दायर की थी। इसमें पूर्व सीएम कमलनाथ पर आरोप था कि उन्होंने बयान दिया था कि उन्होंने हनी ट्रेप की वीडियो देखी है और उनके पास भाजपा नेताओं की पैन ड्राइव है। लेकिन उन्होंने इसे इस मामले की एजेंसी एसआईटी को नहीं सौंपी थी।
उनके पास सबूत हैं, लेकिन वे सच्चाई को छिपा रहे हैं। याचिका में पुलिस, एसआईटी के साथ कमलनाथ और पूर्व मंत्री गोविंद सिंह को पार्टी बनाया था।
मीडिया रिपोर्ट के आधार पर आरोप लगाना गलत माना कोर्ट ने याचिकाकर्ता के एडवोकेट से इस बयान के तथ्यों को लेकर जानकारी मांगी थी। कोर्ट को बताया गया था इस बयान के वीडियो कई मीडिया चैनल चले हैं। ऐसी खबरें भी प्रकाशित हुईं।
कोर्ट ने उनके बयान की सीडी कोर्ट में पेश नहीं करने को लेकर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर इस तरह से आरोप लगाने को गलत माना। कोर्ट ने कहा कि याचिका में आरोप लगाए गए। लेकिन, उसके साक्ष्य कोर्ट में नहीं रखे। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।

हनी ट्रैप केस में आठ आरोपी, 6 महिलाएं 17 सितंबर 2019 में हनी ट्रैप मामला सामने आया था। नगर निगम इंदौर के तत्कालीन चीफ इंजीनियर हरभजन सिंह को कुछ युवतियों ने अश्लील वीडियो के नाम पर ब्लैकमेल किया था। 3 करोड़ रुपए की मांग की गई थी, इसकी पलासिया पुलिस थाने में शिकायत की थी।
पुलिस ने 6 महिलाओं समेत आठ को आरोपी बनाया। आरती, मोनिका, श्वेता (पति विजय), श्वेता (पति स्वप्निल), बरखा को गिरफ्तार कर कोर्ट ने जेल भेज दिया था। इनके अलावा गाड़ी ड्राइवर ओमप्रकाश कोरी को भी गिरफ्तार किया गया था। बाद में सभी की जमानत हो गई थी।
इस केस में अभिषेक ठाकुर, रूपा भी आरोपी हैं। सिटी इंजीनियर हरभजन सिंह द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर में कई खुलासे हुए थे। उसके अनुसार, भोपाल की आरती पति पंकज दयाल ने 18 वर्षीय बीएससी छात्रा मोनिका से दोस्ती करवाई।
फिर इंदौर के एक होटल में आरती ने मोबाइल से दोनों का वीडियो बनाया। उसके बाद ब्लैकमेल का खेल शुरू हुआ, जो आठ महीने चला। इसमें तीन बार वे पैसे दे चुके थे, वहीं 50 लाख रुपए लेने आरती और मोनिका जब इंदौर आई तो उन्हें पकड़ लिया गया।

हनी ट्रैप सामने लाने वाले हरभजन की मौत, सुनवाई जारी

मध्यप्रदेश के चर्चित हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप (संबंध बनाकर लड़कियों द्वारा ब्लैकमेल करना) के मामले को सामने लाने वाले शख्स की मौत हो चुकी है। अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें लड़कियां ब्लैकमेल कर रही थीं।