कर्नाटक के धर्मस्थल केस में बड़ा ट्विस्ट: नकली खोपड़ी और फर्जी कहानी का पर्दाफाश, सैकड़ों शव दफनाने का दावा करने वाला पूर्व सफाईकर्मी चिन्नैया SIT के शिकंजे में

कर्नाटक के धर्मस्थल में कई शवों को दफनाने के केस में नया ट्विस्ट आया है। राज्य सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मामले के शिकायतकर्ता को ही गिरफ्तार किया है। उस पर झूठा बयान देने और गलत सबूत पेश करने का आरोप है।

SIT ने गिरफ्तार किए शिकायतकर्ता चिन्नैया को मेडिकल के बाद बेल्थांगडी कोर्ट में पेश किया था।

गिरफ्तार शिकायतकर्ता मंदिर का पूर्व सफाई कर्मचारी था। इसी ने दो दशकों तक धर्मस्थल में कई हत्याओं, बलात्कार और शव दफनाने का आरोप लगाया था। उसकी पहचान सी एन चिन्नैया के रूप में हुई है।

SIT चीफ प्रणब मोहंती ने बताया कि उसके बयान और दस्तावेज में फर्क निकला। इसके बाद चिन्नैया से शुक्रवार देर रात तक पूछताछ की। फिर शनिवार सुबह उसे अरेस्ट किया गया और फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विजयेंद्र की कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने चिन्नैया को 10 दिन की SIT की कस्टडी में भेज दिया है।

4 जुलाई को पूर्व सफाईकर्मी ने यहां के जंगलों में सैकड़ों लाशें दफनाए जाने का दावा किया था।

अभी तक किसी भी महिला का शव बरामद नहीं

रिपोर्ट्स के मुताबिक, चिन्नैया ने 11 जुलाई को बेल्थंगडी मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया था और एक खोपड़ी व कुछ हड्डियां पेश की थीं। उसने दावा किया था कि यह अवशेष एक महिला के हैं, जिसका यौन शोषण हुआ था। लेकिन फॉरेंसिक रिपोर्ट में यह अवशेष एक पुरुष के पाए गए।

चिन्नेया का दावा था कि उस पर दबाव डालकर 100 से ज्यादा महिलाओं और बच्चियों के शव दफन करवाए गए। हालांकि, SIT ने अब तक 17 जगह खुदाई की है, जिनमें से 2 जगहों पर केवल पुरुषों के कंकाल ही बरामद हुए हैं।

पढ़ें शिकायतकर्ता ने क्या बयान दिया था…

  • 1998 से 2014 के बीच मंदिर में काम करता था। मैं अब आगे आ रहा हूं, क्योंकि पछतावा और पीड़ितों को न्याय दिलाने की भावना मुझे चैन से जीने नहीं दे रही। 1998 में धर्मस्थल के सुपरवाइजर ने पहली बार मुझे लाशों को चुपचाप निपटाने को कहा। जब मैंने इनकार किया तो मुझे बेरहमी से पीटा गया और परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई
  • 2014 में मेरी नाबालिग रिश्तेदार के साथ भी यौन उत्पीड़न हुआ, जिसके बाद मैं परिवार समेत धर्मस्थल से भाग गया और गुमनाम पहचान के साथ दूसरे राज्य में रहने लगा।
  • आरोपी धर्मस्थल मंदिर प्रशासन से जुड़े बेहद प्रभावशाली लोग हैं, जो विरोध करने वालों को खत्म कर देते हैं।
  • मैंने तस्वीर और दफन किए गए अवशेषों के सबूत पुलिस को सौंपे हैं। मैं पॉलीग्राफ टेस्ट और वैज्ञानिक जांच के लिए भी तैयार हूं।

शिकायतकर्ता के बयान के बाद जांच टीम ने 13 जुलाई से कई जगहों पर खुदाई की।

खुदाई के दौरान एक कंकाल और कुछ इंसानी हड्डियां मिली थीं

धर्मस्थल भगवान शिव के रूप मण्जुनाथ का मंदिर

धर्मस्थल मंदिर कर्नाटक के मंगलुरु के पास, नेत्रावती नदी के किनारे बसा एक बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव के एक रूप श्री मण्जुनाथ का है। यहां खास बात यह है कि मंदिर की पूजा हिंदू पंडित करते हैं, लेकिन मंदिर का संचालन जैन धर्म के लोग करते हैं।

यह मंदिर हिंदू और जैन धर्म के मेल का उदाहरण है। हर दिन हजारों लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर में मुफ्त भोजन (अन्नदान), शिक्षा और इलाज की सुविधाएं भी दी जाती हैं।

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