तेजस्वी के ‘जॉब वादे’ पर नीतीश कुमार का तंज- बोले नौकरी दीजिएगा तो तनख्वाह का पैसा जेल से आएगा, या नकली नोट छापिएगा?

बिहार विधानसभा चुनाव में नेताओं की ताबड़तोड़ रैली शुरू हो चुकी है। नेताओं के एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोपों की बौछारें भी होने लगी है। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गोपालगंज के भोरे विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में तेजस्वी यादव पर जोरदार हमला बोला।
बिहार में दस लाख लोगों को रोजगार देने का महागठबंधन (Grand Alliance) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव  का वादा अब एनडीए (NDA) के लिए सरदर्द बनता जा रहा है. मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार  ने यहां तक कह डाला कि पैसा कहां से लाओगे जिस कारण से जेल गए हो क्योंकि राज्य में तो पैसा नहीं होगा. फिर उन्होंने कहा कि करोगे तो पैसा कहां से आएगा? ऊपर से आएगा? कहां से आएगा, या नकली नोट मिलेगा, या जेल से आएगा?

नीतीश कुमार मंगलवार को बिहार के भोरे विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि आजकल देखते हैं कि बोला जा रहा है कि इतने लोगों को नौकरी देंगे. उन्होंने कहा कि ऐसा कहीं है दुनिया में कि इतने लोगों को नौकरी दोगे. तो बाकी लोगों को क्यों नहीं नौकरी दोगे? सबको दे दो. नीतीश कुमार ने पूछा कि पैसा कहां से लाओगे, जिसके चलते अंदर गए हो उसी पैसा से होगा. नीतीश ने कहा कि इतने लोगों को वेतन देने के लिए पैसा राज्य मद में नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी राज में बजट जहां 24,000 करोड़ का होता था वह आज की तारीख में बढ़कर 2,11,000 करोड़ से अधिक हो गया है. हमारे कार्यकाल में छह लाख से अधिक लोगों को अब तक रोज़गार मिला है और 70, हजार लोगों की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है. इसके बाद नीतीश कुमार ने अपने आक्रामक अंदाज़ में कहा कि जो होना नहीं है तो हो ही नहीं सकता. अगर करोगे तो पैसा कहां से आएगा? ऊपर से आएगा कि नकली नोट मिलेगा? क्या मिलेगा? यह जेल से आएगा, कहां से आएगा? उनका कहना था कि लोगों को किसी चीज का एहसास नहीं है. लोगों को भ्रमित होने की ज़रूरत नहीं है.

तेजस्वी और उनके माता-पिता को निशाने पर रखते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि पति-पत्नी के राज में लोग बिहार से पलायन खराब विधि व्यवस्था के कारण मजबूर थे. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को विकास से क्या मतलब है. अपनी चिंता रहती है, लोगों की चिंता नहीं है. उन्होंने कहा कि लोगों को भ्रमित कर वोट लिया जाता था लेकिन क्या किया, केवल परिवारवाद में लगे रहते हैं. जबकि हमारे लिए नीतीश कुमार ने कहा कि पूरा बिहार एक परिवार है और आपकी सेवा करना हमारा धर्म है.

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