कोरोना के बीच जापान पर बर्ड फ्लू का कहर,उठाया जायेगा ये भयानक कदम

चीन से पनपे कोरोना वायरस से पहले ही दुनिया के तमाम देश परेशान हैं, वहीं इसी बीच दूसरी महामारी फैलने की खबरे आ रही है। दरअसल जापान में तेजी से बर्ड फ्लू फ़ैल रहा है। जापान के इस बर्ड फ्लू पिछले चार सालों की सबसे भयानक महामारी बताया जा रहा है। देश के पोल्ट्री फार्मों में इस संक्रमण की लहर शुरू हो चुकी है। कोरोना के बाद अब बर्ड फ्लू बेहद घातक बीमारी साबित हो सकती है।

मनुष्य के संक्रमित होने की आशंका नहीं
कृषि मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि दक्षिण-पश्चिम जापान में होन्शू द्वीप पर मियाजाकी प्रांत में ह्युगा शहर के एक पोल्ट्री फार्म में ‘एवियन इन्फ्लूएंजा’ की खोज हुई है। मंत्रालय ने कहा कि इस बात की कोई आशंका नहीं है कि मुर्गियों या अंडे खाने से मनुष्य बर्ड फ्लू से संक्रमित हो सकता है।

कागावा प्रांत से शुरू हुआ बुरा दौर
2016 के बाद से जापान में बर्ड फ्लू का सबसे खराब बुरा दौर पिछले महीने शिकोकू द्वीप के कागावा प्रांत में शुरू हुआ था, जो कि क्यूशू द्वीप से सटा हुआ है। मियाजाकी प्रांत के पोल्ट्री फार्मों में 40,000 मुर्गियों को मारा और दफन किया जाएगा। वहीं, पोल्ट्री फार्म के तीन किमी दायरे में मुर्गियों के कारोबार पर प्रतिबंध लागू किया जाएगा।

2018 में भी फैली थी बीमारी
जापान सरकार की इस नई कार्रवाई के चलते प्रकोप शुरू होने के बाद 18 लाख से अधिक मुर्गियां मार दी जाएंगी। जापान में इससे पहले 2018 में भी बर्ड फ्लू महामारी सामने आया था। इसकी शुरुआत भी कागवा प्रांत से ही हुई थी। उस साल 91,000 मुर्गियों को मारा गया था।

2016 व 2017 के बीच मारी थी 16 लाख मुर्गियां
जापान में बर्ड फ्लू का सबसे बड़ा प्रकोप नवंबर 2016 और मार्च 2017 के बीच आया था, तब 16 लाख से अधिक मुर्गियों को मार दिया गया था। ये सभी मुर्गियां बर्ड फ्लू के एच5एन6 स्ट्रेन के संपर्क में आई थीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *