मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा तैयार, मतदाताओं और विपक्षी नेताओं के संपर्क पर जोर

 

भारतीय जनता पार्टी ने इंदौर सहित मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर मैदान संभाल लिया है। इसके लिए इंदौर जिले की नौ सीटों पर गुजरात से आए BJP विधायकों ने डेरा डाल लिया है। उन्हें सोमवार से मैदानी काम शुरू करना है। पूरा सार यही है कि उन्हें हर उस शख्स और संगठन से हर हाल में फीडबैक लेना है, जो वोटर्स को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तरीके से प्रभावित करते हैं। इनमें वकील, डॉक्टर से लेकर बजरंग दल, विहिप और पत्रकार, सोशल मीडिया के आर्टिस्ट तक से मुलाकात करनी है। ये सभी विधायक सात दिन तक यहां रुकने वाले हैं और मिनट टू मिनट कार्यक्रम दिया गया है।

पहले दिन यानी 20 अगस्त को गुजरात-महाराष्ट्र से आए विधायकों ने अपनी-अपनी विधानसभाओं की कोर कमेटी की बैठक ली। असली जमीनी काम आज यानी सोमवार से शुरू होगा। इन छह दिनों के लिए एक-एक घंटे का चार्ट जारी किया गया है। उसी अनुसार इन्हें अपना काम पूरा करना है।

इस चार्ट के अनुसार विधायक घर-घर जाकर संपर्क करेंगे। ऑटो रिक्शा चालकों, दुकानदारों के साथ विश्व हिन्दू परिषद, आरएसएस, बजरंग दल के साथ अन्य स्थानीय निकायों के साथ चाय पर चर्चा करेंगे। मोदी की योजनाओं का प्रचार भी करेंगे। जनसभा को संबोधित करना भी इनके शेड्यूल में है।

विपक्ष के नेता को शामिल करने का कार्यक्रम

इस शेड्यूल में सबसे चौंकाने वाला शेड्यूल है वो है विपक्षी नेताओं को भाजपा में शामिल करना। विधायकों को जिस विधानसभा की जिम्मेदारी दी है वे उस क्षेत्र में जनसभाओं को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान उन्हें एक विशेष टास्क के तहत विपक्षी नेताओं को भी भाजपा की सदस्यता दिलाना है। सूत्रों की माने तो बीजेपी आलाकमान ने सभी विधायकों को निर्देश यह देते हुए कहा है कि आपको किसी भी हाल में विपक्षी पार्टी के नेता या कार्यकर्ता को बीजेपी में शामिल करने का प्रोग्राम आयोजित करना है।

 जानिए 21 से 26 अगस्त तक का शेड्यूल। किस दिन क्या होगा

गुजरात से आए विधायक अपना काम 21 अगस्त यानी आज से शुरू करेंगे। इसलिए पहले दिन इंदौर में इन विधायकों ने सिर्फ़ विधानसभा कोर कमेटी की बैठक ली थी। लेकिन अब रोज़ाना यह 8-9 बैठकें लेंगे और अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे। गुजरात से आए विधायक सुबह 10.30 बजे से शाम को 7 बजे तक विधनासभा में घूमेंगे और अपनी रिपोर्ट तैयार करेंगे।

रोजाना इस तरह से काम करेंगे, मुलाकात वाले संगठन बदलते जाएंगे

सुबह 10.30 बजे– मंडल स्तरीय मूल्यांकन बैठक। इसमें विधायक मंडल की वर्तमान स्थिति, ए,बी,सी श्रेणी के बूथों की पहचान और मंडल में चुनाव को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों पर चर्चा करेंगे।

सुबह 11.30 बजे- मंडल स्तरीय सत्यापन बैठक। मंडल, शक्तिकेन्द्र और बूथ स्तर पर सत्यापन और नियुक्तियों की समीक्षा करने के साथ ही यह सुनिश्चित करना कि मंडल, शक्तिकेन्द्र और बूथ स्तर पर सदस्यों द्वारा नमो एप, सरल और संगठन एप डाउनलोड किया है या नहीं। अगर डाउनलोड नहीं किया है तो फिर डाउनलोड कराना।

दोपहर 12 बजे- मोर्चा व प्रकोष्ठ के नेताओं के साथ बैठक। मोर्चा और प्रकोष्ठ का सत्यापन, विधानसभा में पार्टी की स्थिति हेतु उनका फीडबैक के साथ ही समूह विशिष्ट कार्यवाही मदों पर चर्चा करना।

दोपहर 2 बजे- भाजपा निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ बैठक। विधानसभा में बीजेपी की स्थिति और उक्त विधानसभा के मुद्द्दों को समझना प्राथमिक उद्देश्य होगा।

दोपहर 3 बजे- संपर्क से समर्थन, घर-घर संपर्क। प्रभावशाली और महत्वपूर्ण मतदाताओं (जैसे व्यवसायी, प्रमुख पत्रकार, वकील, डॉक्टर) आदि से संपर्क करना, केन्द्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों के पत्रक लेकर घर-घर जाना। वहीं जिन विधानसभाओं में एससी/एसटी समुदाय की जनसंख्या अधिक है वहा की बस्तियों में घर घर संपर्क करना और उनका मन टटोलना

दोपहर 4 बजे- समूह बैठक। विभिन्न व्यवसायिक संगठनों और यूनियनों (बस चालक, टैक्सी चालक, किसान सफाई कर्मचारी आदि ) के सदस्यों के साथ बैठक एंव टाउनहॉल आयोजित करना। जिसने उनकी समस्या और सुझावों पर बात करना।

दोपहर 5 बजे- केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओ के लाभार्थियों से बातचीत। प्रदेश व केन्द्र सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बैठकें आयोजित करना। इस बैठक के बाद मीडिया से बात करना। बैठक में भाजपा सरकार के समर्थन में बोलने वाले लाभार्थियों की सेल्फी या वीडियों सोशल मीडिया पर पोस्ट करना।

शाम 6 बजे- वरिष्ठ कार्यकर्ता बैठक। पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ चाय पर चर्चा करना। इस दौरान रूठों को मनाने की कोशिश करना।

शाम 7 बजे- विचार परिवार समन्वय बैठक। विश्व हिन्दू परिषद, आरएसएस, बजरंग दल के साथ अन्य स्थानीय निकाय जैसे विचार परिवार के सदस्यों के साथ चाय पर चर्चा और उनका मन टटोलना।

आख़िरी के दो दिन यह करेंगे प्रवासी विधायक

– पहली बार के मतदाताओं को युवाओं के लिए मोदी सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के बारे में जागरूक करने के लिए प्रमुख संस्थानों में बातचीत सत्र या टाउन हॉल का आयोजन |

– प्रवासी विधायक विधानसभा स्तरीय जनसभा को संबोधित करेंगे।

– जनसभा में विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओं/ नेताओं को पार्टी में शामिल करने का कार्यक्रम भी होना चाहिए।

– कोई भी प्रभावशाली वरिष्ठ कार्यकर्ताओं, विपक्षी नेता जो भाजपा में शामिल होना चाहतें हों या भाजपा के सभी कार्यकर्ता / नेता से प्रवासी विधायाक मिलेंगे।

– विधायकों के साथ रात्रि भोज बैठकें और कायकर्ताओं के साथ रात्रि भोज।

– उन सीटों पर जहां वर्तमान में भाजपा विधायक हैं, सुनिश्चित करें कि वह विधायक सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर मौजूद रहें और सक्रिय रहें।

– यदि कोई भाजपा विधायक सोशल मीडिया पर नहीं हैं तो जांचें कि क्या विधानसभा में सोशल मीडिया प्रॉपर्टी मौजूद हैं और सक्रिय है।

– विधानसभा में व्हाट्सएप ग्रुपों का भौतिक सत्यापन करना।

– विधानसभा क्षेत्र में रहने वालें सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की पहचान कर और उनसे संपर्क करें साथ ही भाजपा सरकार की उपलब्धियों के बारे में बात करने के लिए उन्हें एक साक्षात्कार दें। उनके पॉडकास्ट में भाग लेना।

– प्रवासी विधायक द्वारा केन्द्र व प्रदेश की सरकार विधानसभा में प्रमुख उपलब्धियों पर प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करेंगें। इस दौरान वे विपक्ष पर आरोप लागाएंगे।

जहां उम्मीदवार घोषित, वहां भी सर्वे

मप्र में पार्टी ने 39 उम्मीदवारों के टिकट घोषित किए हैं। लेकिन यहां भी पार्टी सर्वे कराएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी सभी विकल्पों पर विचार कर रही है। यहां पार्टी विधायक प्रत्याशी घोषित होने के बाद लोगों का मन टटोलेगी। टिकट घोषित होने के बाद यदि सर्वे में लगता है कि किसी सीट पर टिकट बदलना है, कहीं कार्यकर्ता असंतुष्ट हैं या कहीं बगावत होने की आशंका है तो पार्टी टिकट बदलने पर भी विचार कर सकती है। इंदौर में राऊ सीट का प्रत्याशी घोषित हुआ है।

 

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