केंद्रीय राजनीति में फिर बढ़ेगा दिग्विजय का कद!

केंद्रीय राजनीति में फिर बढ़ेगा दिग्विजय का कद!
* दिनेश निगम ‘त्यागी’
ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा समर्थक विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ने का बड़ा नुकसान यह हुआ कि पार्टी प्रदेश की सत्ता से बाहर हो गई। दूसरी तरफ इसका फायदा पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को होता दिख रहा है। दिग्विजय अपनी इच्छा के खिलाफ भोपाल से लोकसभा चुनाव लड़ कर हार चुके हैं। बदले में उन्हें फिर राज्यसभा भेजा गया। बावजूद इसके लंबे समय से दिग्विजय कांग्रेस की केंद्रीय राजनीति के हाशिए पर हैं। अन्य कई कारणों के साथ इसकी एक वजह ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रहे हैं। सिंधिया राहुल गांधी के नजदीक ही नहीं थे, दोनों के बीच दोस्ताना तालुकात थे। प्रदेश की राजनीति में ज्योतिरादित्य एवं दिग्विजय के बीच छत्तीस का आंकड़ा सर्वविदित है। सिंधिया कांग्रेस आलाकमान के नजदीक थे इसलिए दिग्विजय अलग थलग पड़ गए। सिंधिया के पार्टी छोड़ने के साथ दिग्विजय की केंद्रीय राजनीति में पूछपरख शुरू हुई है। उन्हें केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेशों की समीक्षा के लिए गठित कमेटी में रखा गया है। कमेटी के अध्यक्ष जयराम रमेश हैं। इसमें दिग्विजय के साथ पी चिदंबरम्, डा. अमर सिंह तथा गौरव गोगोई सदस्य बनाए गए हैं। इसे दिग्विजय की केंद्रीय राजनीति में वापसी का संकेत माना जा रहा है।
0 कुशल प्रबंधक, रणनीतिकार रहे हैं दिग्विजय….
– कांग्रेस में दिग्विजय सिंह की गिनती कुशल प्रबंधकों एवं रणनीतिकारों में होती रही है। वे सोनिया गांधी के नजदीक रहे हैं और राहुल गांधी के भी। अचानक कुछ ऐसा हुआ जिसकी वजह से पार्टी हाईकमान की नजर में वे कमजोर हुए। इसका फायदा उठाकर वह जगह सिंधिया ने ले ली। अब जब मप्र में कांग्रेस सत्ता से बाहर हो चुकी है, केंद्रीय स्तर पर भी पार्टी कमजोर है तब पार्टी हाईकमान दिग्विजय सिंह का उपयोग केंद्रीय राजनीति में कर सकता है। वैसे भी भाजपा और आरएसएस के खिलाफ राहुल गांधी के बाद दूसरा कोई नेता हमला करता है तो वे दिग्विजय सिंह ही हैं। इसकी वजह से दिग्विजय एक बार फिर राहुल के नजदीक आ सकते हैं।
0 राज्यसभा में मिल सकती प्रमुख जवाबदारी….
– ज्योतिरादित्य सिंधिया लोकसभा में उप नेता प्रतिपक्ष का दायित्व निभा चुके हैं। कमलनाथ और सुरेश पचौरी संसद के किसी सदन के सदस्य नहीं है। ऐसे में राज्यसभा के अंदर मोदी सरकार को घेरने के लिए दिग्विजय सिंह को महत्वपूर्ण जवाबदारी सौंपी जा सकती है। वे राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में हो सकते हैं या उप नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद केंद्रीय स्तर पर दिग्विजय सिंह का कद बढ़ना तय है।
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