सुशांत सुसाइड केस -क्या मुंबई में क्वारंटीन होगी सीबीआई टीम ?

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मामले में सीबीआइ जांच करेगी। इधर, सीबीआइ की आहट पर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कहा कि अगर सीबीआइ की टीम सात दिन से ज्यादा मुंबई में रहती है तो उसे बीएमसी से इजाजत लेनी होगी। बीएमसी आयुक्त इकबाल सिंह चहल ने कहा कि यदि सीबीआइ टीम सात दिनों के लिए आती है तो उसे क्वारंटाइन से छूट दी जाएगी और यदि वे सात दिनों से अधिक अवधि के लिए आते हैं तो उन्हें हमारी ईमेल आईडी के माध्यम से छूट के लिए आवेदन करना होगा और हम उन्हें छूट देंगे।
एजेंसी ने कहा कि उसने बिहार पुलिस से संबंधित सामग्री ले ली है और मामले में कुछ पक्षों से बात भी की है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जांच सीबीआई को सौंप दी जिसने मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सीबीआई प्रवक्ता आर के गौर ने कहा, सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में जांच चल रही है। सीबीआई का एक दल आगे जांच के लिए जल्द ही मुंबई जाएगा। इस स्तर पर अन्य विवरण साझा नहीं किया जा सकता। 
सुशांत राजपूत 14 जून को बांद्रा स्थित अपने आवास पर मृत मिले थे। मामले की जांच तब से मुंबई पुलिस कर रही थी लेकिन उसने अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। शीर्ष अदालत ने बुधवार को राजपूत की मृत्यु के सिलसिले में पटना में उनके पिता द्वारा अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और छह अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को मुंबई स्थानांतरित करने की रिया की याचिका पर फैसला सुनाया।
वहीं, बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के कमिश्नर इकबाल सिंह ने कहा कि सीबीआई अगर सात दिनों के लिए मुंबई आती है तो उसे क्वारंटीन से छूट मिलेगी और अगर ज्यादा रुकना है तो इसके लिए ईमेल आईडी के माध्यम से अप्लाइ करना होगा। बीएमसी ने आगे कहा कि, अगर वापसी का कन्फर्म टिकट हुआ तो ऑटोमैटिकली क्वारंटीन से छूट मिल जाएगा। लेकिन यदि टीम सात दिनों से अधिक समय के लिए आती है तो उन्हें ईमेल के जरिए छूट मांगनी होगी, हम छूट दे देंगे।
 

पटना के एसपी विनय तिवारी को किया गया था क्वारंटीन
इससे पहले जब पटना में सुशांत के पिता के के सिंह ने रिया चक्रवर्ती के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी, तब बिहार पुलिस की एक टीम मामले की जांच करने मुंबई पहुंची थी। मुंबई पुलिस पर आरोप लगा कि उसने बिहार पुलिस के अफसरों को सहयोग नहीं किया।

इसके बाद केस की जांच के लिए बिहार के आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी को मुंबई भेजा गया लेकिन उन्हें वहां क्वारंटीन कर दिया गया था। क्वारंटीन से छूटने के बाद आईपीएस विनय तिवारी ने कहा था, ‘मुझे नहीं क्वारंटीन नहीं किया गया बल्कि पूरी जांच प्रक्रिया को क्वारंटीन किया गया। जांच प्रक्रिया को बाधित किया गया है।’

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