
(फाइल फोटो)
JABALPUR. हाइटेक तकनीक के इस दौर में सायबर के जलसाज भी लूट और ठगी के हाइटेक तरीके इस्तेमाल कर रहे हैं। जालसाजों के सारे फंडे जब जांच एजेंसियों की नजर में आ गए हैं तो अब वे नए-नए तरीके ईजाद कर लोगों को लूटने के हथकंडे अपना रहे हैं। इन्हीं हथकंडों में से एक है शेयर ट्रेडिंग एप, यानी सायबर ठगों की नजर अब उन लोगों पर आकर टिक गई है जो शेयर ट्रेडिंग के जरिए लाखों रुपए का निवेश करते हैं।
लिंक के जरिए होती है ठगी
सबसे पहले मोबाइल पर एक अननोन ब्लू लिंक भेजी जाती है और फिर उसी के जरिए शेयर ट्रेडिंग करने वालों से लाखों का निवेश कराया जाता है। भारी-भरकम मुनाफे का सब्जबाग दिखाकर जालसाज निवेशकों को इस तरह जकड़ लेते हैं कि लाखों रुपए इन्वेस्ट करने के बावजूद भी वे चाहकर भी एक फूटी कौड़ी भी निकाल नहीं पाते।
इस तरह होता है खेल
हाल के दिनों में सायबर के जालसाजों के द्वारा नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं और तमाम हथकंडों की जानकारी जांच एजेंसियों को है और इन्हीं के आधार पर जालसाज दबोचे भी जा रहे हैं, लेकिन अब इन जालसाजों ने पुलिस से बचने और लोगों को अपना शिकार बनाने के लिए नए तरीके ईजाद कर लिए हैं। सबसे पहले सायबर के जालसाज उन लोगों को खोजते हैं जो शेयर ट्रेडिंग में दिलचस्पी रखते हैं। फिर उनके मोबाइल पर अननोन लिंक भेजी जाती है, इन ब्लू लिंक पर जैसे ही क्लिक किया जाता है तो वे सीधे शेयर ट्रेडिंग के टेलीग्राम ग्रुप पर जॉइन हो जाते हैं। यहां पहले से ही मौजूद सदस्यों के द्वारा अब तक हुए मुनाफे की चर्चा की जाती है और इन्हीं चर्चाओं से प्रभावित होकर नए जॉइन होने वाला सदस्य भी शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित होता है। एक के बाद एक कई एप्स डाउनलोड करवाने के बाद उनसे लाखों रुपयों का निवेश कराया जाता है और इसमें उनके निवेश के बदले भारी-भरकम मुनाफा भी एप में ही दिखाया जाता है, लेकिन जब बारी रकम निकालने की आती है तो निवेशक न तो जमा की हुई रकम निकाल पाता है और न ही दिखाए गए मुनाफे की रकम ही विड्रा होती है। इसके बाद निवेशक को खुद के लुटने का एहसास होता है।
जबलपुर के व्यापारी के साथ 90 लाख की ठगी
आज के दौर में सायबर फ्रॉड (cyber fraud) के मामले लगातार के सामने आ रहे हैं, लेकिन शेयर ट्रेडिंग (share trading) के जरिए लोगों को लूटने का सबसे नया तरीका माना जा रहा है। यही वजह है कि पिछले दिनों जबलपुर के एक व्यापारी को सायबर ठगों ने अपनी जाल में फंसाया और उससे करीब 90 लाख का निवेश शेयर ट्रेडिंग में करवा लिया। कई किस्तों में इतनी बड़ी रकम शेयर ट्रेडिंग में लगाने के बाद भी जब व्यापारी को निवेश और मुनाफे की रकम नहीं मिली तो तब उसे खुद के लुटने का एहसास हुआ और उसने जाकर जबलपुर के सायबर सेल में शिकायत दर्ज कराई जिसके आधार पर जांच की जा रही है।
सरकार से अधिकृत एप्स के जरिए ही शेयर ट्रेडिंग की सलाह
पिछले कुछ दिनों में जबलपुर में शेयर ट्रेडिंग के जरिए लुटने वाले आवेदकों की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। राज्य सायबर पुलिस की निरीक्षक नीलेश अहिरवार के मुताबिक अकेले एक ही मामले में 90 लाख से भी ज्यादा की रकम गंवा चुके एक व्यापारी की शिकायत पर सायबर के जालसाजों की खोजबीन की जा रही है। इस तरह के मामलों के तेजी से आने के चलते राज्य सायबर पुलिस के अधिकारी भी हैरत में हैं और वे शेयर ट्रेडिंग करने वाले लोगों को अननोन ब्लू लिंक से सावधान रहने और शेयर ट्रेडिंग का कारोबार सरकार से अधिकृत एप्स के जरिए ही ट्रांजेक्शन करने की सलाह दे रहे हैं।