
कोरोना वायरस के खिलाफ तैयार की गई आक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन बीते कुछ समय से लगातार विवादों में बनी हुई है. कंपनी के बयान और नए आंकड़े देने के बावजूद भी ये विवाद कम नहीं हो रहा है. अब कनाडा की सरकार ने ऑक्सफोर्ड एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित इस वैक्सीन को 55 साल से कम उम्र के लोगों को लगाने पर रोक लगा दी है. सरकार ने यह फैसला इस आयु वर्ग के लोगों में खून के थक्के जमने की दुलर्भ घटना का संबंध वैक्सीन की वजह से होने की आशंका के मद्देनजर उठाया है.
इस आयु वर्ग के लोगों में एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन लगाने के कार्यक्रम को स्थगित करने की घोषणा करते हुए कहा गया कि टीकाकरण पर बनी राष्ट्रीय परामर्श समिति ने सुरक्षा कारणों से टीकाकरण रोकने की सलाह दी है . टीकाकरण पर राष्ट्रीय परामर्श समिति की अध्यक्षा डॉ. शेली डिक ने कहा, ’55 साल से कम उम्र के लोगों को एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन देने से होने वाले संभावित खतरे के मुकाबले इसके लाभ को लेकर काफी अनिश्चितता है.’
महिलाओं में खून के थक्के जमने की आशंका
डिन ने कहा कि यूरोप से आए आंकड़ों के मुताबिक टीके से खून के थक्के जमने की आशंका है। यह प्रत्येक एक लाख लोगों में से एक मामले सामने आने लगा है। इससे पहले प्रत्येक दस लाख में एक घटना आती थी। उन्होंने कहा कि यूरोप में एस्ट्राजेनेका का टीका लेने वाले जिन लोगों में खून का थक्का जमने की शिकायत हुई उनमें अधिकतर 55 साल से कम उम्र की महिलाएं हैं और उनमें मृत्यु दर 40 प्रतिशत है।